सूरत: सूरत के प्रतिष्ठित सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (SVNIT) कैंपस में रविवार देर रात एक दुखद घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। बीटेक (BTech) के तीसरे वर्ष के एक छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद संस्थान में तनाव का माहौल है और सैकड़ों छात्र प्रबंधन के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मृतक छात्र की पहचान 20 वर्षीय अद्वैत नायर के रूप में हुई है, जो कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ाई कर रहा था। अद्वैत ने वर्ष 2023 में एनआरआई कोटे की सीट पर दाखिला लिया था। जानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 11:15 बजे अद्वैत ने अपने हॉस्टल की इमारत से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने SVNIT प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने कैंपस में “टॉर्चर कल्चर” (प्रताड़ना की संस्कृति) होने का गंभीर आरोप लगाया है और इस त्रासदी के लिए सीधे तौर पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस की जांच और छात्र की स्थिति
उमरा पुलिस ने अकस्मात मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी देते हुए उमरा पुलिस निरीक्षक जिग्नेश राठवा ने बताया, “तीसरे वर्ष का छात्र अद्वैत भाभा भवन हॉस्टल के बी-ब्लॉक (B Block) की दूसरी मंजिल पर रहता था, जबकि यह इमारत आठ मंजिला है। जांच में सामने आया है कि उसने पिछले तीन महीनों से कक्षाओं में जाना बंद कर दिया था और वह ज्यादातर समय अपने कमरे में ही रहता था। वह बहुत सीमित लोगों से बातचीत करता था।”
पुलिस को रविवार रात करीब 11:30 बजे घटना की सूचना मिली, जिसके बाद टीम तुरंत मौके पर और फिर अस्पताल पहुंची। शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में कराया गया है। पुलिस हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता चल सके।
केरल से था गहरा नाता
पुलिस के अनुसार, अद्वैत मूल रूप से केरल का रहने वाला था, जबकि उसके माता-पिता ओमान में रहते हैं। उसकी माँ त्रिशूर जिले से और पिता कोल्लम जिले से ताल्लुक रखते हैं। माता-पिता के ओमान से आने के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया, जिसे अंतिम संस्कार के लिए केरल ले जाया गया है।
शैक्षणिक रिकॉर्ड की बात करें तो शुरुआत में अद्वैत एक मेधावी छात्र था। शुरुआती सेमेस्टर्स में उसने 80 से 85 पर्सेंटाइल हासिल किए थे, लेकिन धीरे-धीरे उसके प्रदर्शन में गिरावट आने लगी और उसने क्लास अटेंड करना छोड़ दिया था।
प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद एम्बुलेंस बुलाने में बहुत देरी की गई, जिसके कारण अद्वैत को समय पर अस्पताल नहीं पहुँचाया जा सका। छात्रों का कहना है कि संस्थान इंफ्रास्ट्रक्चर पर तो भारी खर्च करता है, लेकिन ‘छात्र कल्याण’ (Student Welfare) पर बहुत कम ध्यान दिया जाता है।
छात्रों ने मांग की है कि कैंपस में काउंसलिंग की उचित सुविधा होनी चाहिए और यदि कोई छात्र लंबे समय तक क्लास नहीं आता है, तो उसके माता-पिता को सूचित करने के लिए एक अलर्ट सिस्टम बनाया जाना चाहिए।
गौर करने वाली बात यह है कि SVNIT में यह इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2023 और 2016 में भी ऐसी ही घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस पूरे मामले पर जब SVNIT के रजिस्ट्रार के.के. सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी तरफ से कॉल और संदेशों का कोई जवाब नहीं मिला।
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