नई दिल्ली। एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में हुए ‘शर्टलेस प्रदर्शन’ के मामले में भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद देश की सियासत गरमा गई है। मंगलवार, 24 फरवरी को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पीएम असहमति और खुद से पूछे जाने वाले सवालों से ‘डर’ गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले हफ्ते राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस के सदस्यों के एक समूह ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया था।
इसी मामले में मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने चिब को गिरफ्तार कर लिया है। चिब की गिरफ्तारी के बाद राजधानी में किसी भी संभावित विरोध-प्रदर्शन से निपटने के लिए प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में पकड़े गए लोगों की कुल संख्या अब आठ हो गई है।
“तानाशाह के शब्दकोश में लोकतंत्र नहीं”
चिब की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, “लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना विपक्ष का कर्तव्य होता है, लेकिन एक तानाशाह इस बात को कभी नहीं समझेगा।”
प्रधानमंत्री पर सीधा तंज कसते हुए खेड़ा ने कहा, “अगर आप हाल ही में मेरठ में दिए गए उस तानाशाह के भाषण को सुनेंगे, तो आपको पता चल जाएगा कि उनके शब्दकोश में ‘लोकतंत्र’ नाम का कोई शब्द ही नहीं है।”
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-U.S. interim trade deal) के खिलाफ पार्टी की ‘किसान महा चौपाल’ में हिस्सा लेने के लिए भोपाल पहुंचे पवन खेड़ा ने बताया कि चिब और उनके अन्य साथियों को देश के अलग-अलग हिस्सों से गिरफ्तार किया जा रहा है।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “यह दर्शाता है कि नरेंद्र मोदी असहमति और सवालों से घबराए हुए हैं। वह दुनिया के सबसे कायर प्रधानमंत्री के रूप में उभर रहे हैं। उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है, वह कायर हैं और डरे हुए हैं।”
खेड़ा ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि चाहे जितना भी दमन हो, वे अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे और लड़ते रहेंगे।
देशभर से हो रही हैं गिरफ्तारियां
पुलिस ने इससे पहले पिछले शुक्रवार को भारत मंडपम में हुए इस प्रदर्शन के सिलसिले में आईवाईसी के सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इनमें मध्य प्रदेश के ग्वालियर के तीन लोग— जितेंद्र यादव, राज गुर्जर और अजय कुमार शामिल हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश आईवाईसी के महासचिव रितिक उर्फ मोंटी शुक्ला को यूपी के ललितपुर से हिरासत में लिया गया है।
राजधानी में हाई अलर्ट, सुरक्षा चाक-चौबंद
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि राजनीतिक प्रदर्शनों के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले नई दिल्ली के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है:
- तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन की घेराबंदी: चिब को फिलहाल इसी थाने में रखा गया है, जिसके आसपास सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है।
- दंगा रोधी टीमें मुस्तैद: रणनीतिक स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और दंगा रोधी टीमों (Anti-riot teams) को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
- QRT और अर्धसैनिक बल तैनात: कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से तुरंत निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (Quick Reaction Teams) और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियों को अलर्ट पर रखा गया है।
- फील्ड स्टाफ को यातायात की आवाजाही सुचारू बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
क्या था पूरा मामला?
शुक्रवार, 20 फरवरी को, भारत मंडपम के हॉल नंबर 5 में चल रहे समिट के दौरान आईवाईसी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने अपनी शर्ट उतारकर नाटकीय रूप से विरोध प्रदर्शन किया था।
उन्होंने अंदर ऐसी टी-शर्ट पहनी हुई थीं, जिन पर सरकार और ‘भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते’ के खिलाफ नारे लिखे थे। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से बाहर निकाल दिया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था और क्यूआर (QR) कोड प्राप्त किए थे।
इस घटना के बाद से ही राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है। जहां एक ओर बीजेपी ने इसे “वैश्विक मंच पर भारत की छवि खराब करने वाली एक शर्मनाक हरकत” करार दिया है, वहीं युवा कांग्रेस इसे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया गया “शांतिपूर्ण प्रदर्शन” बताकर इसका बचाव कर रही है।
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