वाशिंगटन: अमेरिका के विदेश विभाग ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और कई अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों तक पहुंचने वाली सटीक खुफिया जानकारी देने वालों के लिए 10 मिलियन अमरीकी डॉलर (एक करोड़ डॉलर) के भारी-भरकम इनाम की घोषणा की है।
यह बड़ा कदम शुक्रवार को उठाया गया है। दरअसल, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों पर कड़े हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने 28 फरवरी को पूरे मध्य पूर्व में ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसके बाद से ही क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और इसी के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई है।
यह इनामी घोषणा अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवार्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल संदिग्धों को पकड़ने या उन पर मुकदमा चलाने में मदद करने वाली जानकारी के बदले आर्थिक इनाम देना है। मोजतबा खामेनेई के साथ-साथ ईरान के गृह मंत्री और खुफिया व सुरक्षा मंत्री को भी इस अपडेटेड सूची में शामिल किया गया है।
‘रिवार्ड्स फॉर जस्टिस’ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए लोगों से अपील की है। उन्होंने अपने अपडेट में लिखा है कि अगर किसी के पास इन ईरानी आतंकी आकाओं के बारे में कोई जानकारी है, तो वे इसकी सूचना दें। ऐसा करने वालों को न केवल इनाम मिलेगा, बल्कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने की सुविधा भी दी जा सकती है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि मध्य पूर्व में जारी इस भारी संकट के बीच ईरानी सरकार जल्द ही “आत्मसमर्पण करने वाली है”। समाचार आउटलेट एक्सियोस (Axios) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जी7 देशों के अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने बुधवार को विश्व नेताओं के साथ एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन के दौरान यह बड़ा बयान दिया।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के नतीजों पर चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा कि उन्होंने एक ऐसे कैंसर को जड़ से खत्म कर दिया है जो हम सभी के लिए एक बड़ा खतरा बन रहा था।
यह क्षेत्रीय संघर्ष अब अपने दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और दोनों तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमले लगातार जारी हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेहरान के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा जुबानी हमला करते हुए उन्हें “विक्षिप्त बदमाश” (deranged scumbags) करार दिया।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे लोगों का सफाया करना उनके लिए “बड़े सम्मान” की बात थी। ईरान के खिलाफ चल रहे व्यापक सैन्य अभियान पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका पूरी ताकत से ईरान के आतंकी शासन को सैन्य तरीकों से नष्ट करने के लिए अपने अभियान को आगे बढ़ा रहा है।
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