अमेरिका जाने का सपना देखने वालों के लिए यह खबर बेहद अहम है। अमेरिकी दूतावास (US Embassy) ने भारत में वीज़ा आवेदकों के लिए एक नई और सख्त चेतावनी जारी की है। अगर आप B1/B2 विजिटर वीज़ा पर अमेरिका जाने की योजना बना रहे हैं, तो नियमों की अनदेखी आपके लिए भारी पड़ सकती है। दूतावास ने साफ शब्दों में कहा है कि वीज़ा का सही इस्तेमाल न करने पर आपको अमेरिका यात्रा से स्थायी रूप से प्रतिबंधित (Permanently Banned) किया जा सकता है।
वीज़ा इंटरव्यू में सर्तकता ज़रूरी
अमेरिकी दूतावास ने गुरुवार को जारी अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया कि वीज़ा आवेदकों की यह जिम्मेदारी है कि वे अमेरिका जाने से पहले वहां के नियमों को अच्छी तरह समझ लें। दूतावास द्वारा जारी वीडियो संदेश में कहा गया है, “अगर वीज़ा इंटरव्यू के दौरान कॉन्सुलर अधिकारी को यह महसूस होता है कि आपका इरादा विजिटर वीज़ा के नियमों का पालन करने का नहीं है, तो आपका आवेदन तुरंत खारिज किया जा सकता है।”
दूतावास ने इस बात पर जोर दिया कि वीज़ा का “सही इस्तेमाल” करने की पूरी जिम्मेदारी उस व्यक्ति की है, जिसे B1/B2 वीज़ा जारी किया गया है।
गलती की तो हमेशा के लिए बंद हो सकते हैं दरवाजे
चेतावनी में आगे कहा गया, “अमेरिका जाने से पहले यह जान लें कि B1/B2 विजिटर वीज़ा पर आपको क्या करने की अनुमति है और क्या नहीं। अगर आप अपने वीज़ा का दुरुपयोग करते हैं या तय समय सीमा से अधिक वहां रुकते हैं, तो भविष्य में अमेरिका की यात्रा करने पर आप पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।”
अधिक जानकारी के लिए आवेदकों को travel.state.gov/visas पर जाने की सलाह दी गई है।
छात्रों के लिए भी सख्त हुए नियम
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ठीक एक दिन पहले, बुधवार को, अमेरिकी दूतावास ने छात्र वीज़ा (Student Visa) धारकों के लिए भी इसी तरह की सख्ती दिखाई थी। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर कहा था कि अमेरिकी कानूनों को तोड़ना छात्रों के लिए गंभीर मुसीबत बन सकता है।
पोस्ट में लिखा गया, “अगर आप गिरफ्तार होते हैं या किसी कानून का उल्लंघन करते हैं, तो आपका वीज़ा रद्द किया जा सकता है, आपको डिपोर्ट (देशनिकाला) किया जा सकता है, और भविष्य में आपको अमेरिकी वीज़ा मिलने में भी दिक्कत हो सकती है।” दूतावास ने यह भी याद दिलाया कि “अमेरिकी वीज़ा एक विशेषाधिकार है, आपका अधिकार नहीं।”
H-1B और H-4 वीज़ा पर भी नज़र
वीज़ा नियमों में यह सख्ती केवल विजिटर्स और छात्रों तक सीमित नहीं है। इससे एक सप्ताह पहले, दूतावास ने H-1B और H-4 वर्किंग वीज़ा चाहने वालों को भी आगाह किया था। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी आव्रजन कानूनों (Immigration Laws) का कोई भी उल्लंघन गंभीर आपराधिक दंड को आमंत्रित कर सकता है।
बदलते हालात और ट्रम्प प्रशासन की सख्ती
जानकारों का मानना है कि यह सख्ती डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अमेरिका में अवैध आप्रवासन (Illegal Immigration) पर लगाम लगाने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है। प्रशासन H-1B और छात्र वीज़ा प्रक्रियाओं को सख्त बनाकर यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नियमों का पूरी तरह से पालन हो।
यह भी पढ़ें-
मुंद्रा पोर्ट: भारत में पहली बार सीधे जेटी पर डॉक हुआ ‘फुली लोडेड’ वीएलसीसी











