पटना/नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने शनिवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से खुद को अलग करने का ऐलान कर दिया। यह फैसला RJD की विधानसभा चुनाव में हुई करारी हार के ठीक एक दिन बाद आया, जहाँ 243 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी महज़ 25 सीटें ही जीत सकी।
रोहिणी आचार्य, जिन्होंने अपने पिता को किडनी दान की थी, ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने यह निर्णय RJD सांसद संजय यादव के कहने पर लिया है। संजय यादव को रोहिणी के भाई और RJD नेता तेजस्वी यादव का करीबी सहयोगी माना जाता है। रोहिणी ने कहा, “संजय यादव ने ही मुझसे ऐसा करने को कहा था।”
इसी बातचीत के दौरान, रोहिणी ने एक और नाम का ज़िक्र किया – रमीज़ नेमत खान।
कौन है ये शख्स, जिसका नाम विवाद में आया?
सवाल यह है कि आख़िर रमीज़ खान कौन हैं, जो रोहिणी आचार्य के आरोपों के बाद अचानक सुर्खियों में आ गए? इससे पहले बिहार की राजनीति या मीडिया में यह नाम ज़्यादा नहीं सुना गया था।
जानकारी के मुताबिक, रमीज़ नेमत खान असल में तेजस्वी यादव के पुराने दोस्त और उनकी कोर टीम का एक अहम हिस्सा हैं। दोनों की यह दोस्ती क्रिकेट के मैदान से शुरू हुई और राजनीति के गलियारों तक पहुँच गई। RJD के सूत्रों का कहना है कि खान अपने दोस्त (तेजस्वी) और पार्टी की सोशल मीडिया व प्रचार टीमों की देखरेख करते हैं।
यूपी से है रमीज़ का कनेक्शन
उत्तर प्रदेश के रहने वाले रमीज़ नेमत खान, यूपी के बलरामपुर (जिसे अब श्रावस्ती लोकसभा सीट के नाम से जाना जाता है) से पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर के दामाद हैं। रमीज़ के ससुर, रिज़वान ज़हीर, समाजवादी पार्टी (SP) के टिकट पर और मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) के टिकट पर दो-दो बार सांसद रह चुके हैं। उन्होंने एक बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी चुनाव लड़ा था।
रिज़वान ज़हीर के नाम एक समय यूपी के सबसे कम उम्र के विधायक होने का रिकॉर्ड भी था।
रमीज़ नेमत खान की पत्नी ज़ेबा रिज़वान ने भी राजनीति में हाथ आज़माया। उन्होंने तुलसीपुर सीट से दो बार चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। ज़ेबा ने एक बार कांग्रेस के टिकट पर और एक बार जेल में रहते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा था।
आपराधिक मामलों का है लंबा इतिहास
रमीज़ नेमत खान का नाम पहली बार 2021 में तुलसीपुर में हुए ज़िला पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा के एक मामले में सामने आया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने कांग्रेस नेता दीपंकर सिंह और उनके साथियों पर हमला किया था।
इसके बाद, 2022 में, तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज़ पप्पू की हत्या के मामले में रमीज़, उनकी पत्नी ज़ेबा, ससुर रिज़वान ज़हीर और तीन अन्य लोगों को कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
रमीज़ नेमत खान को कई मामलों में ज़मानत मिल चुकी है, जबकि कुछ मामले अभी भी लंबित हैं। उनके खिलाफ बलरामपुर में नौ और कौशांबी में दो मामले दर्ज किए गए थे।
2023 में लगा हत्या का एक और आरोप
रमीज़ नेमत खान पर 2023 में एक और गंभीर आरोप लगा, जो प्रतापगढ़ के ठेकेदार शकील खान की हत्या से जुड़ा था। शकील का शव कुशीनगर में रेलवे ट्रैक के पास मिला था। ठेकेदार की पत्नी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर रमीज़ को इस मामले में आरोपी बनाया गया।
उसी साल (2023), उत्तर प्रदेश सरकार ने रमीज़ नेमत खान के नाम पर खरीदी गई लगभग 4.75 करोड़ रुपये की ज़मीन भी ज़ब्त कर ली थी।
गैंगस्टर्स एक्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत
जुलाई 2024 में रमीज़ को गैंगस्टर्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था, और उन्हें इसी साल अप्रैल (2025) में ज़मानत मिल गई।
इसके बाद, रमीज़ खान और उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रमीज़ को गिरफ्तार करने या उन पर कोई नया मुकदमा शुरू करने से पहले स्थानीय अदालत की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बताया जाता है कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद से, दंपति को कई अन्य मामलों में राहत मिल रही है और उनके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया गया है।
क्रिकेट के मैदान पर तेजस्वी से हुई थी दोस्ती
रमीज़ नेमत खान का जन्म नवंबर 1986 में हुआ था। उनके पिता, नेमतुल्लाह खान, जामिया मिलिया इस्लामिया में प्रोफेसर हैं।
रमीज़ ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), मथुरा रोड से पूरी की और जामिया से बीए और एमबीए की डिग्री हासिल की। वह बचपन से ही क्रिकेटर रहे हैं और दिल्ली व झारखंड के लिए विभिन्न आयु वर्गों में खेल चुके हैं। उन्होंने 2008-09 में झारखंड अंडर-22 टीम की कप्तानी भी की थी।
इसी दौरान, क्रिकेट के मैदान पर ही उनकी दोस्ती तेजस्वी यादव से हुई, जो बाद में उनके राजनीतिक करियर का आधार बनी। 2016 में, रमीज़ RJD में शामिल हो गए और तब से वह तेजस्वी यादव की टीम के एक प्रमुख सदस्य बने हुए हैं।
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