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अमेरिका से फर्जी पासपोर्ट पर लौटा मेहसाणा का युवक, दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार; एजेंट ‘रॉकी’ की तलाश

| Updated: December 31, 2025 14:24

अमेरिका में प्रवासियों पर सख्ती के बाद 'सेल्फ-डिपोर्टेशन' का नया पैंतरा; 2013 में असली पासपोर्ट पर गया था विदेश, 2022 में हुआ एक्सपायर, अब एजेंट के जरिए बनवाया जाली दस्तावेज।

अहमदाबाद: अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त होती कार्रवाई के बीच, गुजरात के मेहसाणा का रहने वाला एक 30 वर्षीय युवक फर्जी दस्तावेजों के सहारे वतन वापस लौटने की कोशिश में कानून के शिकंजे में आ गया है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अमेरिका से भारत आने के लिए किसी और व्यक्ति के नाम पर जारी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना 19 दिसंबर की है। मेहसाणा की गायत्री सोसाइटी के निवासी, जिगर पटेल, एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI 126 से बतौर ‘डिपोर्टी’ (Deportee) अमेरिका से दिल्ली पहुंचे थे। दोपहर करीब 12:30 बजे टर्मिनल-3 पर उतरने के बाद, इमिग्रेशन चेक के दौरान अधिकारियों को उनके यात्रा दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली। संदेह होने पर आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और गहन जांच शुरू हुई।

असली पासपोर्ट 2022 में हो चुका था एक्सपायर

एफआईआर (FIR) के मुताबिक, जब जिगर पटेल की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली गई, तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। वह अप्रैल 2013 में अपने असली भारतीय पासपोर्ट पर भारत से बाहर गया था, लेकिन वह पासपोर्ट जून 2022 में ही एक्सपायर हो चुका था।

भारत वापस आने के लिए उसने जिस पासपोर्ट का इस्तेमाल किया, वह 2019 में न्यूयॉर्क से जारी किया गया था और वह उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी ‘खुर्शीद अंसारी’ के नाम पर था। सरकारी रिकॉर्ड में इस पासपोर्ट को ‘गुमशुदा’ (Lost) के रूप में दर्ज किया गया था।

जांच में खुली फर्जीवाड़े की पोल

इमिग्रेशन अधिकारियों ने जब पासपोर्ट की तकनीकी जांच की, तो वह भारतीय पासपोर्ट के सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा। एफआईआर में बताया गया है कि पासपोर्ट में लेजर परफोरेशन (laser perforation) मैनुअल तरीके से किया गया था।

इसके अलावा, बायो पेज पर मौजूद ‘घोस्ट इमेज’ डिफेक्टिव थी, यूवी फाइबर गायब थे और राष्ट्रीय प्रतीक का वॉटरमार्क भी दिखाई नहीं दे रहा था। इन खामियों ने यह साबित कर दिया कि पासपोर्ट पूरी तरह से जाली था।

अहमदाबाद के एजेंट ‘रॉकी’ का नाम आया सामने

पूछताछ के दौरान, जिगर पटेल ने खुलासा किया कि उसने यह फर्जी पासपोर्ट अहमदाबाद स्थित एक एजेंट के जरिए बनवाया था, जिसका नाम ‘रॉकी’ बताया गया है। पुलिस ने इसे भारतीय इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ धोखाधड़ी और आधिकारिक दस्तावेजों की जालसाजी माना है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं के साथ-साथ पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट, पैसेंजर लॉग और सीसीटीवी फुटेज को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है और आगे की जांच आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है।

अमेरिका में सख्ती का असर

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका में अवैध प्रवासियों पर बढ़ती सख्ती के चलते कई भारतीय, विशेषकर गुजरात के लोग, अब किसी भी तरह वापस लौटने की जुगत में हैं।

एक सूत्र ने बताया, “अमेरिका में एंट्री तो मुश्किल है ही, लेकिन अब वहां से निकलना भी आसान नहीं रह गया है। पकड़े जाने के डर से कुछ लोग डुप्लीकेट या दूसरों के पासपोर्ट का इस्तेमाल कर ‘सेल्फ-डिपोर्टेशन’ का शॉर्टकट अपना रहे हैं।” यह मामला इसी तरह के इमिग्रेशन फ्रॉड का एक उदाहरण है।

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