मेटा (Meta) ने अपने रियलिटी लैब्स (Reality Labs) डिवीजन में करीब 1,500 कर्मचारियों की छंटनी की है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के इस फैसले का समर्थन ओकुलस (Oculus) के संस्थापक पामर लकी (Palmer Luckey) ने किया है, जिन्हें कभी मार्क जुकरबर्ग ने खुद कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया था।
मेटा ने एक बार फिर अपनी वर्कफोर्स में कटौती करते हुए ‘रियलिटी लैब्स’ डिवीजन से कर्मचारियों को बाहर निकाला है। कंपनी अब अपना ध्यान भारी-भरकम खर्च वाली वर्चुअल रियलिटी (VR) परियोजनाओं से हटाकर एआई वियरेबल्स (AI Wearables) की ओर मोड़ रही है।
जहां एक तरफ इस छंटनी को कंपनी की मुश्किलों और ऑटोमेशन के डर के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ ओकुलस के संस्थापक पामर लकी ने इसे वीआर इकोसिस्टम (VR ecosystem) के भविष्य के लिए एक जरूरी और बेहतर कदम बताया है।

पामर लकी का नज़रिया: “यह कोई आपदा नहीं है”
पामर लकी, जिन्हें 2017 में राजनीतिक विवादों के चलते फेसबुक (अब मेटा) से निकाल दिया गया था, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट में मेटा के बचाव में तर्क दिए हैं। उनका मानना है कि मार्किट में चल रही यह चर्चा गलत है कि ‘मेटा वीआर से पीछे हट रहा है’।
लकी ने लिखा, “यह कोई आपदा नहीं है। वे अभी भी वीआर पर काम करने वाली सबसे बड़ी टीम को रोजगार दे रहे हैं, जो दूसरों के मुकाबले कई गुना बड़ी है। उनके आस-पास भी कोई नहीं है। ‘मेटा वीआर छोड़ रहा है’ वाली बात पूरी तरह झूठी है। अगर आंकड़ों को देखें, तो 10% की छंटनी सामान्य तौर पर 6 महीने में होने वाले बदलाव (churn) के बराबर है, जो बस 60 दिनों में हो गई है।”
अंदरूनी प्रतिस्पर्धा और डेवलपर्स का नुकसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रियलिटी लैब्स में हुई लगभग 1,500 लोगों की छंटनी में से ज्यादातर वे लोग थे जो ‘फर्स्ट-पार्टी कंटेंट’ टीमों (आंतरिक गेम स्टूडियो) से जुड़े थे। लकी का तर्क है कि मेटा के अपने स्टूडियो थर्ड-पार्टी डेवलपर्स (बाहरी गेम डेवलपर्स) के लिए खतरा बन रहे थे।
उन्होंने समझाया कि मेटा की अपनी टीमों के पास अथाह पैसा, मार्केटिंग सपोर्ट और प्लेटफॉर्म पर विशेष जगह उपलब्ध थी। इससे छोटे और स्वतंत्र डेवलपर्स के लिए उनसे मुकाबला करना नामुमकिन हो गया था।
लकी ने कहा, “बाकी इकोसिस्टम को बाहर धकेलने का कोई मतलब नहीं बनता। हर डेवलपर, चाहे वह बड़ा हो या छोटा, उसे मेटा की अपनी टीमों द्वारा बनाए गए गेम्स से मुकाबला करने में बहुत कठिनाई होती थी, जिनका बजट उनकी कमाई की क्षमता से कहीं ज्यादा होता था।”
पुराने गिले-शिकवे हुए दूर
गौरतलब है कि पामर लकी कभी मेटा (तब फेसबुक) के वीआर सपनों का अहम हिस्सा थे। लेकिन मार्च 2017 में एक प्रो-ट्रम्प समूह को चंदा देने के विवाद के बाद उन्हें कंपनी से निकाल दिया गया था। उस समय फेसबुक ने इसे राजनीतिक कदम मानने से इनकार किया था, लेकिन यह मुद्दा वर्षों तक चर्चा में रहा। हालांकि, 2026 तक स्थिति बदल चुकी है। लकी और मेटा के बीच अब सुलह हो गई है और वे सैन्य तकनीक (Military Technology) से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर सहयोग कर रहे हैं।
भविष्य की रणनीति: AI और स्मार्ट ग्लासेस
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रियलिटी लैब्स डिवीजन में करीब 15,000 लोग काम करते हैं, जिसमें से 1,000 से अधिक (कुल लगभग 1,500) लोगों को निकाला गया है। प्रभावित कर्मचारियों को चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर एंड्रयू बोसवर्थ ने एक आंतरिक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी।
मेटा अब अपने बिजनेस को टिकाऊ बनाने के लिए वीआर निवेश को कम कर रहा है और अपना पूरा जोर एआई-पावर्ड वियरेबल्स और मोबाइल-फर्स्ट अनुभवों पर लगा रहा है। इसके साथ ही, कंपनी एआई हार्डवेयर में अपनी पैठ गहरी कर रही है, जिसके तहत स्मार्ट ग्लासेस के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एसिलोरलक्सोटिका एसए (EssilorLuxottica SA) के साथ चर्चा भी शामिल है।
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