मुंबई: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) 2025-26 सीजन के लिए खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। यह बदलाव भारतीय क्रिकेट के एलीट खिलाड़ियों की मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह से बदल सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली राष्ट्रीय चयन समिति ने ग्रेड A+ कैटेगरी को पूरी तरह से खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। गौरतलब है कि इस एलीट कैटेगरी की शुरुआत 2018 में की गई थी।
एपेक्स काउंसिल की मुहर का इंतज़ार
अगर बीसीसीआई की एपेक्स काउंसिल इस नए मॉडल को मंजूरी दे देती है, तो इसका सीधा असर टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ियों विराट कोहली और रोहित शर्मा पर पड़ेगा। इस प्रस्ताव के तहत, 2025-26 के रिटेनरशिप प्लान में खिलाड़ियों को मौजूदा चार-स्तरीय सिस्टम के बजाय केवल तीन श्रेणियों— A, B और C में ही बांटा जाएगा।
क्या है मौजूदा सैलरी स्ट्रक्चर?
वर्तमान नीति के अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट की श्रेणियां और उनकी सालाना राशि इस प्रकार है:
- ग्रेड A+: 7 करोड़ रुपये
- ग्रेड A: 5 करोड़ रुपये
- ग्रेड B: 3 करोड़ रुपये
- ग्रेड C: 1 करोड़ रुपये
बीते चक्र में ग्रेड A+ में केवल चार खिलाड़ियों— रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को जगह मिली थी।
रोहित और विराट को हो सकता है नुकसान?
चर्चा है कि चूंकि रोहित शर्मा और विराट कोहली अब तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में नहीं खेलते हैं, इसलिए उन्हें ग्रेड B में रखा जा सकता है। ग्रेड B का मौजूदा रिटेनर 3 करोड़ रुपये है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि जसप्रीत बुमराह और टेस्ट व वनडे कप्तान शुभमन गिल को सबसे ज्यादा भुगतान वाली ‘ग्रेड A’ कैटेगरी में जगह मिलेगी। अच्छी खबर यह है कि बुमराह और अन्य ग्रेड A होल्डर्स की सैलरी में किसी तरह की कटौती की संभावना नहीं है।
अगली मीटिंग में होगा फैसला
सूत्रों ने बताया कि इस सुझाव पर बीसीसीआई की अगली एपेक्स काउंसिल बैठक में चर्चा की जाएगी। इसी बैठक में यह भी स्पष्ट होगा कि क्या इन श्रेणियों की राशि (monetary slabs) में भी कोई संशोधन किया जाएगा या नहीं।
फिलहाल कौन कहां है?
मौजूदा 2024-25 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट पर नजर डालें तो स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- ग्रेड A: मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत।
- ग्रेड B: सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर।
- ग्रेड C: इसमें आम तौर पर उभरते हुए खिलाड़ियों का एक बड़ा समूह शामिल होता है।
स्पिनर कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर, जिनके पास फिलहाल ग्रेड C कॉन्ट्रैक्ट है, तीनों फॉर्मेट में खेलते हैं। आपको बता दें कि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट एक सालाना रिटेनर होता है जो मैच फीस के अतिरिक्त दिया जाता है। यह खिलाड़ियों के लिए न केवल वित्तीय सुरक्षा का काम करता है, बल्कि राष्ट्रीय टीम में उनके कद को भी दर्शाता है।
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