तिरुवनंतपुरम/विझिंजम: अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड (APSEZ) के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने शनिवार, 24 जनवरी 2026 को केरल के विझिंजम पोर्ट के दूसरे चरण (Phase 2) की आधारशिला रखी। इस अवसर पर आयोजित समारोह में करण अडानी ने घोषणा की कि दूसरे चरण के तहत 16,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा, जिससे यह केरल राज्य में किसी भी बिजनेस हाउस द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा निवेश बन जाएगा।
क्षमता में भारी विस्तार की योजना
समारोह को संबोधित करते हुए करण अडानी ने बताया कि फेज-2 के इस निवेश के साथ परियोजना के लिए कुल प्रतिबद्धता 30,000 करोड़ रुपये हो जाएगी। कंपनी का लक्ष्य 2029 तक पोर्ट की क्षमता को मौजूदा 1 मिलियन TEUs से बढ़ाकर 5.7 मिलियन TEUs करना है। उन्होंने कहा कि विझिंजम न केवल भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनकर उभरेगा, बल्कि यह भारत का सबसे तकनीकी रूप से उन्नत पोर्ट भी होगा।
राजनीतिक सहयोग और ‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म’ की मिसाल
करण अडानी ने इस परियोजना को “सहकारी संघवाद” (cooperative federalism) और द्विदलीय सहयोग का एक सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय ओमान चांडी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में ही इस परियोजना को शुरुआती गति मिली थी।
वहीं, वर्तमान नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के लगातार समर्थन के बिना इस विशाल ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट को पूरा करना संभव नहीं होता।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन हमारे लिए सबसे बड़ी संपत्ति रहे हैं, जिसकी उम्मीद एक निवेशक ऐसे बड़े प्रोजेक्ट को लागू करते समय कर सकता है”।
इसके साथ ही, उन्होंने विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन और सांसद शशि थरूर द्वारा दिए गए निरंतर सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।
15 महीनों में बनाया रिकॉर्ड
पोर्ट की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए अडानी ने बताया कि विझिंजम ने अपने वाणिज्यिक संचालन के महज 15 महीनों में 1 मिलियन TEUs कार्गो हैंडल करने का रिकॉर्ड बनाया है, जो किसी भी भारतीय पोर्ट के लिए सबसे तेज है। उन्होंने कहा कि आज विझिंजम इतिहास और भविष्य के चौराहे पर खड़ा है और यह भारत की समुद्री रणनीति (Maritime Strategy) के लिए एक ऐतिहासिक दिन है।
प्रमुख गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस शिलान्यास समारोह में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, और विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और सांसद उपस्थित थे।
करण अडानी ने अपने संबोधन के अंत में केरल सरकार, केंद्र सरकार और तिरुवनंतपुरम की जनता को अडानी समूह पर भरोसा जताने के लिए धन्यवाद दिया और वादे पर खरे उतरने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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