वॉशिंगटन: अमेरिका के प्रमुख अखबार ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ (The Washington Post) ने अपने सभी विभागों में अब तक की सबसे बड़ी छंटनी शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स और न्यू यॉर्क टाइम्स के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने अपने कुल कर्मचारियों में से करीब 30 प्रतिशत की छुट्टी कर दी है। इस फैसले से 300 से अधिक पत्रकार और बिजनेस साइड के कई कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।
इस छंटनी की चपेट में कांग्रेस नेता शशि थरूर के बेटे और मशहूर स्तंभकार ईशान थरूर (Ishaan Tharoor) भी आए हैं। उनके अलावा, अखबार के नई दिल्ली ब्यूरो चीफ प्रांशु वर्मा को भी नौकरी से निकाल दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस अमेरिकी दैनिक अखबार ने अपने खेल विभाग (Sports Department) को “मौजूदा स्वरूप” में पूरी तरह खत्म कर दिया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे पत्रकारों की संख्या में भी भारी कटौती की गई है।
“मेरा दिल टूट गया है”: ईशान थरूर
नौकरी जाने के बाद ईशान थरूर ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, “आज मुझे, इंटरनेशनल स्टाफ के अधिकांश लोगों और कई अन्य शानदार सहयोगियों के साथ @washingtonpost से निकाल दिया गया है। मैं अपने न्यूज़रूम और विशेष रूप से उन बेमिसाल पत्रकारों के लिए बेहद दुखी हूँ जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोस्ट की सेवा की—वे संपादक और संवाददाता जो लगभग 12 वर्षों से मेरे दोस्त और सहयोगी रहे हैं। उनके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात रही।”
ईशान ने अपने लोकप्रिय कॉलम का जिक्र करते हुए आगे कहा, “मैंने जनवरी 2017 में ‘वर्ल्डव्यू’ (WorldView) कॉलम की शुरुआत की थी, ताकि पाठकों को दुनिया और उसमें अमेरिका के स्थान को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सके। मैं उन पांच लाख वफादार सब्सक्राइबर्स का आभारी हूँ, जो इतने सालों तक सप्ताह में कई बार मेरे कॉलम से जुड़े रहे।”
प्रांशु वर्मा ने जताया दुख
नई दिल्ली ब्यूरो चीफ प्रांशु वर्मा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना दर्द साझा किया। उन्होंने लिखा, “यह बताते हुए दिल टूट रहा है कि मुझे द वॉशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया है। मेरे कई प्रतिभाशाली दोस्त भी चले गए हैं, जिसके लिए मैं बहुत आहत हूँ। पिछले चार सालों तक यहां काम करना एक विशेषाधिकार था। अखबार के नई दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात थी।”
खेल विभाग बंद, राजनीति पर रहेगा फोकस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एग्जीक्यूटिव एडिटर मैट मरे (Matt Murray) ने कर्मचारियों के साथ एक कॉल के दौरान इन कटौतियों की घोषणा की। मरे ने स्पष्ट किया, “हम स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट को उसके मौजूदा स्वरूप में बंद कर रहे हैं।”
हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि वॉशिंगटन पोस्ट कुछ रिपोर्टर्स को बरकरार रखेगा जो फीचर्स से जुड़ेंगे और खेल को एक सांस्कृतिक और सामाजिक घटना के तौर पर कवर करेंगे।
मैट मरे ने कहा, “सभी विभाग प्रभावित हुए हैं। राजनीति और सरकार (Politics and government) हमारा सबसे बड़ा डेस्क बना रहेगा और यह हमारे एंगेजमेंट और सब्सक्राइबर ग्रोथ के लिए केंद्रीय भूमिका में रहेगा।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि जो कदम उठाए जा रहे हैं, उनमें एक व्यापक रणनीतिक बदलाव (strategic reset) शामिल है, जिसके तहत स्टाफ में भारी कमी की गई है।
145 साल पुराने अखबार के सामने आर्थिक संकट
यह बड़ी छंटनी ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले वॉशिंगटन पोस्ट ने बढ़ते वित्तीय घाटे के बीच 2026 शीतकालीन ओलंपिक (Winter Olympics) की अपनी कवरेज को भी कम कर दिया था। अमेज़न (Amazon.com) के संस्थापक जेफ बेजोस (Jeff Bezos) के स्वामित्व वाले इस 145 साल से अधिक पुराने अखबार ने पिछले साल भी कई बिजनेस फंक्शन्स में नौकरी में कटौती की घोषणा की थी, हालांकि तब कहा गया था कि इससे न्यूज़रूम प्रभावित नहीं होगा।
अखबार हाल के वर्षों में लगातार लागत कम करने की कोशिश कर रहा है। 2023 में 100 मिलियन डॉलर (करीब 10 करोड़ डॉलर) के नुकसान के बीच कंपनी ने सभी विभागों के कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने (voluntary separation packages) का विकल्प दिया था।
“हम पैसा खो रहे हैं”: प्रबंधन की चेतावनी
विल लुईस (Will Lewis), जिन्हें 2023 में वॉशिंगटन पोस्ट की मदद के लिए लाया गया था, ने 2024 में ही चेतावनी दे दी थी कि अखबार मुसीबत में है। उन्होंने कहा था, “हम बड़ी मात्रा में पैसा खो रहे हैं। आपके पाठक हाल के वर्षों में आधे रह गए हैं। लोग आपके कंटेंट नहीं पढ़ रहे हैं।”
वहीं, मालिक जेफ बेजोस ने भी 2024 में स्वीकार किया था कि यह अमेरिकी प्रकाशक घाटे में चल रहा है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा था, “हमने एक बार वॉशिंगटन पोस्ट को बचाया था, और हम इसे दूसरी बार भी बचाएंगे।”
गौरतलब है कि छंटनी से ठीक पहले, 29 जनवरी को पोस्ट के व्हाइट हाउस स्टाफ ने बेजोस को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सबसे प्रभावशाली कवरेज उन टीमों के सहयोग पर निर्भर करती है जो अब खतरे में हैं, और आर्थिक चुनौतियों के समय में एक विविध न्यूज़रूम का होना बेहद जरूरी है।
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