गाजियाबाद: आज के दौर में जहां 12 से 16 साल के बच्चे अक्सर मोबाइल स्क्रीन, सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेमिंग में खोए रहते हैं, वहीं गाजियाबाद में इस डिजिटल लत का एक बेहद खौफनाक अंजाम सामने आया है। यहां एक ही परिवार की तीन नाबालिग बहनों ने कथित तौर पर एक ऑनलाइन गेम के चलते अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना हर माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी बनकर उभरी है।
कोरियाई गेम का घातक असर
सूत्रों के मुताबिक, निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) नाम की तीनों बहनें एक कोरियन टास्क-बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग ऐप की बुरी तरह आदी हो चुकी थीं। इस गेम का उन पर ऐसा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा था कि वे आपस में भी एक-दूसरे को भारतीय नहीं, बल्कि कोरियन नामों से पुकारने लगी थीं।
उनके माता-पिता लगातार उन्हें गेम खेलने से रोकते थे और हाल ही में उन्होंने सख्ती दिखाते हुए बच्चों को उस ऐप के इस्तेमाल से पूरी तरह मना कर दिया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि इसी रोक-टोक के बाद बच्चों ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
बुधवार की रात: सन्नाटे में उठाया खौफनाक कदम
यह दिल दहला देने वाली घटना लोनी इलाके के टीला मोड़ थाना क्षेत्र स्थित ‘भारत सिटी सोसाइटी’ में घटी। बुधवार तड़के करीब 2:15 बजे, जब पूरा शहर नींद में था, तीनों बहनें चुपचाप अपने बेडरूम से बाहर निकलीं। वे फ्लैट के उस कमरे में गईं जहां मंदिर बना हुआ था। वहां उन्होंने खिड़की खोली और उसके पास एक कुर्सी लगा दी। इसके बाद, एक-एक करके तीनों बहनें 9वीं मंजिल की ऊंचाई से नीचे अंधेरे में कूद गईं।
कांच पर चिपका मिला सुसाइड नोट
इस हादसे के बाद माता-पिता को एक हस्तलिखित (हैंडरिटन) नोट मिला, जिसे कांच के एक पैनल पर चिपकाया गया था। इस नोट का शीर्षक “ट्रू लाइफ स्टोरी” (True Life Story) दिया गया था और साथ में एक उदास इमोजी (sad emoji) बनाया गया था। हिंदी और अंग्रेजी के मिले-जुले शब्दों में लिखे इस नोट में बच्चों का दर्द और माफी दोनों झलक रही थी।
नोट में लिखा था:
“इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है वो सब पढ़ लो क्योंकि ये सब सच है। Read now!!! I’m really sorry. Sorry papa.”
पुलिस की जांच और शिक्षा से दूरी
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अतुल कुमार सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस रिस्पांस व्हीकल (PRV) को रात करीब 2:15 बजे सूचना मिली थी कि तीन लड़कियों ने नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी है। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि चेतन कुमार की तीन बेटियों—निशिका, प्राची और पाखी—की गिरने से मौत हो गई है। उन्हें तुरंत एंबुलेंस से लोनी के 50-बेड अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच के दौरान परिवार के बारे में एक और चिंताजनक बात सामने आई है। पता चला है कि कोविड-19 महामारी के बाद से तीनों बहनें स्कूल नहीं गई थीं। हैरानी की बात यह है कि 16 साल की सबसे बड़ी बेटी का नाम केवल कक्षा 4 में दर्ज था, जो यह इशारा करता है कि वे लंबे समय से बाहरी दुनिया और शिक्षा से कटी हुई थीं।
अगली कार्रवाई
पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारी अब उस डायरी, सुसाइड नोट और गेमिंग ऐप से जुड़े डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले के हर पहलू—बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों, पारिवारिक परिस्थितियों और उनके मानसिक स्वास्थ्य—की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं।
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