comScore दिलजीत दोसांझ के राजनीति में न आने की असली वजह आई सामने, 2022 में ही बन चुके हैं अमेरिकी नागरिक - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

दिलजीत दोसांझ के राजनीति में न आने की असली वजह आई सामने, 2022 में ही बन चुके हैं अमेरिकी नागरिक

| Updated: May 14, 2026 13:18

'मैं हूं पंजाब' का नारा बुलंद करने वाले मशहूर गायक दिलजीत दोसांझ अब भारतीय नहीं रहे। जानिए उनके 2022 में अमेरिकी नागरिकता (US Citizenship) लेने और पंजाब की राजनीति से दूरी बनाने की पूरी इनसाइड स्टोरी।

मशहूर पंजाबी गायक और बॉलीवुड अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में पंजाब की राजनीति में कदम रखने की अपील को ठुकरा दिया था। हालांकि, उनके इस फैसले के पीछे एक और बड़ी कानूनी वजह सामने आई है।

हमेशा गर्व से “मैं हूं पंजाब” का नारा बुलंद करने वाले और अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूती से पेश करने वाले दिलजीत अब भारतीय नागरिक नहीं हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्होंने साल 2022 में ही अमेरिका की नागरिकता हासिल कर ली थी।

वह 1 सितंबर 2022 से अपने अमेरिकी पासपोर्ट पर ही यात्रा कर रहे हैं। उनका आखिरी भारतीय पासपोर्ट साल 2018 में मुंबई से जारी किया गया था। इससे पहले उनका भारतीय पासपोर्ट जाम्बिया में बना था।

उनके परिवार की बात करें तो दिलजीत की पत्नी संदीप कौर भी एक अमेरिकी नागरिक हैं। जब दिलजीत ने अमेरिकी नागरिकता ली थी, तब उन्होंने अपने निवास स्थान के तौर पर कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके में स्थित 5 बेडरूम वाले 3107 वर्ग मीटर के बंगले का पता दिया था।

पिछले महीने भारत आने के लिए भी उन्होंने इसी अमेरिकी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था। सूत्रों की मानें तो सितंबर 2022 से वह ई-वीजा पर भारत आ रहे हैं, जिसका सीधा मतलब है कि उनके पास फिलहाल ओसीआई (OCI) कार्ड नहीं है।

बीते शनिवार को पंजाब के रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों, रक्षा कर्मियों और पेशेवरों के एक समूह ने एक प्रमुख अखबार में पूरे पेज का विज्ञापन दिया था। इस विज्ञापन के जरिए उन्होंने दिलजीत से गुजारिश की थी कि वे लगातार सरकारों की विफलता से जूझ रहे पंजाब का राजनीतिक नेतृत्व संभालें।

हालांकि, गायक ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह नकार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने लिखा, “कदे वी नहीं (कभी नहीं)। मेरा काम मनोरंजन करना है। मैं अपने क्षेत्र में बहुत खुश हूं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।”

अगर दिलजीत अपना मन बदल भी लें, तो भी उनका सीधे तौर पर भारतीय राजनीति में उतरना संभव नहीं है। भारतीय नागरिकता अधिनियम की धारा 6 के तहत, किसी विदेशी नागरिक को भारत की नागरिकता पाने के लिए कई शर्तों को पूरा करना होता है।

इसमें एक अहम नियम यह है कि आवेदन करने से पहले व्यक्ति का कुल 12 साल तक भारत में रहना जरूरी है। इसमें आवेदन से ठीक पहले के 12 महीनों का लगातार भारत में रहना और पिछले 14 में से 11 वर्षों का निवास शामिल है।

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया जानने के लिए मीडिया द्वारा दिलजीत दोसांझ से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। उनकी सचिव सोनाली सिंह और भारतीय वीजा आवेदन पर उनके स्थानीय संपर्क जनमजय सहगल को किए गए फोन और सवालों का भी कोई उत्तर नहीं मिला है।

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते भारत द्वारा प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ के नेता और खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भी दिलजीत को धमकी दी थी। यह धमकी कनाडा के वैंकूवर और कैलगरी में हुए कॉन्सर्ट के दौरान खालिस्तान समर्थकों को फटकार लगाने के बाद दी गई थी।

6 जनवरी 1984 को जालंधर के दोसांझ कलां गांव में बलबीर सिंह और सुखविंदर कौर के घर जन्मे दिलजीत ने 2004 में अपने पहले प्रमुख संगीत एल्बम ‘इश्क दा उड़ा अड़ा’ से शुरुआत की थी। उन्होंने 2011 में ‘द लायन ऑफ पंजाब’ से पंजाबी सिनेमा में कदम रखा और ‘जिहने मेरा दिल लुटिया’ के बाद उन्हें अपार लोकप्रियता मिली।

साल 2016 में आई बॉलीवुड फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में अपनी बेहतरीन भूमिका के लिए उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।

इसके बाद साल 2020 में वह बिलबोर्ड सोशल 50 चार्ट में जगह बनाने वाले पहले भारतीय कलाकार बने थे। अभी पिछले ही महीने वह दूसरी बार लोकप्रिय अमेरिकी टीवी कार्यक्रम ‘द टुनाइट शो स्टारिंग जिमी फॉलन’ में नजर आए थे, जहां उन्होंने सिख इतिहास और पंजाबी स्वाभिमान पर खुलकर बात की थी।

यह भी पढ़ें-

भारी विरोध के बाद सीएम विजय का बड़ा फैसला, ज्योतिषी वेत्रिवेल को एक दिन के भीतर OSD पद से हटाया

नीट पेपर लीक: सबसे पहले मामला उठाने वाले शिक्षक ने अपनी शिकायत में क्या लिखा था?

Your email address will not be published. Required fields are marked *