comScore सूरत की कपड़ा फैक्ट्रियों में छापेमारी, 12 घंटे काम करने को मजबूर 91 बाल मजदूर मुक्त - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

सूरत की कपड़ा फैक्ट्रियों में छापेमारी, 12 घंटे काम करने को मजबूर 91 बाल मजदूर मुक्त

| Updated: May 14, 2026 14:03

तंग कमरों में बंधक थे 91 मासूम: उदयपुर पुलिस और AHTU के संयुक्त अभियान में तस्करों के चंगुल से मिली आजादी

सूरत की कपड़ा फैक्ट्रियों में चल रहे एक बड़े बाल श्रम रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। 13 मई को उदयपुर पुलिस, एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और बाल अधिकार संगठनों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर 91 बाल मजदूरों को सकुशल रेस्क्यू किया है।

पुलिस के अनुसार, इन मासूम बच्चों की उम्र महज सात से 14 साल के बीच है। इन बच्चों की तस्करी करके इन्हें सूरत लाया गया था और बेहद कम मजदूरी पर कपड़ा इकाइयों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था।

मुक्त कराए गए ज्यादातर बच्चे राजस्थान के उदयपुर क्षेत्र के आदिवासी इलाकों से ताल्लुक रखते हैं, जबकि अन्य बच्चे उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं।

इस पूरे बड़े ऑपरेशन की शुरुआत सामाजिक कार्यकर्ता और राजस्थान राज्य बाल आयोग के पूर्व सदस्य शैलेन्द्र पंड्या द्वारा जुटाई गई अहम जानकारी के आधार पर हुई। उन्हें सूरत के कपड़ा उद्योग में बड़े पैमाने पर चल रहे बाल श्रम की पुख्ता सूचना मिली थी।

इसके बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया और कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

जांच अधिकारियों ने बताया कि इस बड़ी कार्रवाई से पहले करीब एक महीने तक गुप्त रूप से निगरानी रखी गई थी। इस दौरान यह पुष्टि हो गई थी कि नाबालिगों से अत्यधिक शोषणकारी परिस्थितियों में काम लिया जा रहा है।

हालांकि, छापेमारी के दौरान तस्कर और फैक्ट्री मालिक कथित तौर पर पहले ही भनक लग जाने के कारण मौके से फरार होने में कामयाब रहे।

शैलेन्द्र पंड्या ने दिल दहला देने वाली जानकारी साझा करते हुए बताया कि खुद बच्चों ने ही रेस्क्यू टीमों को बाहर से बंद पड़ी उन इमारतों तक पहुंचाया, जहां नाबालिगों से 12-12 घंटे की लंबी शिफ्ट में लगातार काम कराया जाता था। पुलिस को फैक्ट्री के पास स्थित छोटे और बेहद तंग कमरों में कई बच्चे रहते हुए मिले।

रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को सुरक्षित निकालकर बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश कर दिया गया है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की आगे की जांच जारी है और फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

यह भी पढ़ें-

दिलजीत दोसांझ के राजनीति में न आने की असली वजह आई सामने, 2022 में ही बन चुके हैं अमेरिकी नागरिक

नीट पेपर लीक: सबसे पहले मामला उठाने वाले शिक्षक ने अपनी शिकायत में क्या लिखा था?

Your email address will not be published. Required fields are marked *