अहमदाबाद: अक्सर शादियों की सालगिरह निजी जश्न और पार्टियों तक सीमित रहती है, लेकिन दिवा और जीत अडानी ने अपने दांपत्य जीवन के पहले वर्ष का जश्न एक अनूठे और प्रेरणादायक तरीके से मनाया। गुरुवार की शाम अहमदाबाद के शांतिग्राम स्थित बेल्वेडियर क्लब में ‘अडानी मंगल सेवा’ के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 500 दिव्यांग महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का वादा पूरा किया गया।

क्या है ‘अडानी मंगल सेवा’ पहल?
दिवा और जीत अडानी ने पिछले साल अपनी शादी (7 फरवरी 2025) से ठीक पहले, 5 फरवरी 2025 को एक संकल्प लिया था। यह संकल्प था- हर साल दिव्यांग महिलाओं की सहायता करना। इसी उद्देश्य से ‘अडानी मंगल सेवा’ की शुरुआत हुई।
इस पहल के तहत अपने पहले ही वर्ष में कई कार्य किए गए हैं:
- 500 महिलाओं को मदद: इस साल 500 दिव्यांग महिलाओं को सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता पूरी की गई है।
- 10 लाख रुपये की एफडी: प्रत्येक लाभार्थी महिला को 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दी गई है।
- आर्थिक सुरक्षा: यह पहल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ साझेदारी में की गई है, जिससे महिलाओं को एक निश्चित मासिक आय मिलेगी और 10 साल बाद उन्हें मूलधन भी प्राप्त होगा।
- बड़ा निवेश: इस पहल को जारी रखने के लिए हर साल 50 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।

गौतम अडानी ने जाहिर की खुशी
अडानी समूह के चेयरमैन और जीत के पिता, गौतम अडानी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने लिखा, “जीत और दिवा अपने वैवाहिक जीवन का एक वर्ष पूर्ण कर रहे हैं। आज के ही दिन पिछले वर्ष उन्होंने ‘मंगल सेवा’ का संकल्प लिया था… जो आज भी उसी समर्पण के साथ आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “सच कहूं तो, जब किसी बेटी के जीवन में मुस्कान और आत्मविश्वास लौटता है, उस क्षण का संतोष ऐसा होता है, जिसके आगे दुनिया की बड़ी से बड़ी उपलब्धि और वैभव भी छोटे लगते हैं।”

गरिमा और सशक्तिकरण का उत्सव
कार्यक्रम के दौरान अडानी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अडानी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा और सशक्तिकरण का सम्मान है।
उन्होंने कहा, “अडानी मंगल सेवा एक विश्वास है कि दिव्यांग होना कोई अड़चन नहीं है, बल्कि यह जीवन को एक अलग दृष्टिकोण से देखने की क्षमता है।”
इस अवसर पर जीत अडानी ने कहा कि मंगल सेवा ने उन्हें सिखाया है कि सबसे बड़ा सहयोग वह है जो खामोशी से और सम्मान के साथ दिया जाए। वहीं, दिवा अडानी ने इस बात पर जोर दिया कि गरिमा कभी भी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।

रंगारंग कार्यक्रम और पुस्तक विमोचन
शाम के कार्यक्रम में अहमदाबाद के नेत्रहीन संघ द्वारा गरबा और फ्यूजन संगीत की प्रस्तुतियां दी गईं। इस दौरान गौतम अडानी ने ‘अडानी मंगल सेवा’ की एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया, जिसमें संघर्ष और सफलता की कहानियां संकलित हैं।
लाभार्थी महिलाओं का चयन ‘यूथ फॉर जॉब्स प्रोजेक्ट’ के तहत किया गया है, जिनके पास विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (UDID) है और उनकी आयु 25 से 40 वर्ष के बीच है।
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