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मेटा की कार्रवाई: ‘देशाभिमानी’ और ‘नो कैप’ के इंस्टाग्राम हैंडल किए ब्लॉक, ‘द वायर’ पर भी कुछ देर लटकी रही तलवार

| Updated: February 11, 2026 15:11

मेटा का बड़ा एक्शन: बजट के दिन 'देशाभिमानी' और 'नो कैप' पर गिरी गाज, 'द वायर' भी हुआ प्रभावित – सरकार की आलोचना बनी वजह?

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के मुखपत्र, मलयालम अखबार ‘देशाभिमानी’ (Deshabhimani) और ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल ‘नो कैप’ (No Cap) के इंस्टाग्राम अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है।

सिर्फ इतना ही नहीं, सोमवार, 9 फरवरी को भारत के प्रमुख राष्ट्रीय न्यूज़ पोर्टल ‘द वायर’ (The Wire) का इंस्टाग्राम अकाउंट भी करीब दो घंटे तक ब्लॉक रहा, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। इन घटनाओं ने डिजिटल मीडिया की स्वतंत्रता और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की नीतियों पर एक नई बहस छेड़ दी है।

बजट के दिन ही बंद हुआ ‘देशाभिमानी’ का अकाउंट

इस मामले पर टीएनएम (TNM) से बात करते हुए ‘देशाभिमानी’ के डिजिटल संस्करण के कोऑर्डिनेटिंग एडिटर, साजन इवुजेन ने बताया कि उनके अखबार का इंस्टाग्राम अकाउंट 1 फरवरी को डिसेबल (निष्क्रिय) किया गया था। गौरतलब है कि उसी दिन केंद्र सरकार ने अपना आम बजट पेश किया था।

साजन ने बताया, “बजट वाले दिन हमने कई इंफोग्राफिक्स और न्यूज़ कार्ड्स शेयर किए थे, लेकिन उसी दिन बाद में मेटा ने बिना कोई स्पष्टीकरण दिए हमारा अकाउंट डिसेबल कर दिया। हमने अपील दायर की, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें ‘कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स’ (सामुदायिक मानकों) के उल्लंघन को लेकर कोई नोटिफिकेशन या चेतावनी नहीं मिली थी। पिछले 10 दिनों से संगठन लगातार मेटा से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी है।

सरकार की आलोचना बनी वजह?

‘देशाभिमानी’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह कार्रवाई अखबार द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की नीतियों के खिलाफ निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने की वजह से की गई है।

अखबार ने अपने बयान में कहा, “देशाभिमानी लगातार उन खबरों को प्रमुखता से दिखाता रहा है जो केंद्र सरकार द्वारा केरल की उपेक्षा और उनकी जन-विरोधी नीतियों को उजागर करती हैं।”

अखबार का आरोप है कि केंद्र सरकार की आलोचना और सांप्रदायिक सौहार्द के पक्ष में लिखने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मेटा की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब उनका कंटेंट बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंच रहा था।

फिलहाल, साजन इवुजेन ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए एक नया पेज शुरू कर दिया है, लेकिन वे पुराने अकाउंट की बहाली के लिए मेटा से बातचीत जारी रखेंगे।

‘नो कैप’ और एपस्टीन फाइल्स का कनेक्शन

दूसरी ओर, न्यूज़ पोर्टल ‘नो कैप’ ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि उनके इंस्टाग्राम हैंडल के खिलाफ कार्रवाई बिना किसी पूर्व कारण के की गई।

‘नो कैप’ के एग्जीक्यूटिव एडिटर अली हैदर ने टीएनएम को बताया कि शुरुआत में उन्हें मेटा की ओर से ‘कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स’ के उल्लंघन का नोटिस मिला, लेकिन इसमें किसी विशिष्ट पोस्ट का जिक्र नहीं था।

अली हैदर ने कहा, “हमने अपना पक्ष रखते हुए अपील भेजी, लेकिन जवाब में हमें स्थायी निलंबन (Permanent Suspension) का नोटिस थमा दिया गया। इसमें भी कारण के तौर पर अस्पष्ट रूप से सिर्फ ‘कम्युनिटी वॉयलेंस’ (सामुदायिक हिंसा) लिखा था।”

हैदर ने शक जताया कि यह कार्रवाई उनकी हालिया रिपोर्टिंग की वजह से हो सकती है। उन्होंने बताया, “हमें असल वजह तो नहीं पता, लेकिन पिछले कुछ दिनों में हमने आरएसएस की आलोचना और ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein files) में पीएम मोदी का नाम आने से जुड़ी खबरें शेयर की थीं।”

‘द वायर’ और व्यंग्यात्मक कार्टून का विवाद

इन दो पोर्टल्स के अलावा, 9 फरवरी को ‘द वायर’ ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उन्हें अनौपचारिक रूप से पता चला है कि मंत्रालय ने मेटा से इंस्टाग्राम पर एक 52-सेकंड के व्यंग्यात्मक एनीमेशन (Satirical Animation) को ब्लॉक करने के लिए कहा था।

हालांकि ‘द वायर’ का अकाउंट बाद में रिस्टोर कर दिया गया, लेकिन वह कार्टून अब भी वहां उपलब्ध नहीं है।

पिछले एक हफ्ते में ऐसे कई इंस्टाग्राम पेज डिसेबल किए गए हैं जिन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की थी।

(डिस्क्लेमर: यह खबर मूल रूप से ‘द न्यूज़ मिनट’ (The News Minute) पर प्रकाशित हुई थी। जिसे द वायर ने पब्लिश किया है.)

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