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अडानी पोर्ट्स और फ्रांस के मार्सिले फॉस पोर्ट के बीच समझौता, भारत-यूरोप व्यापार कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

| Updated: February 18, 2026 13:49

भारत-यूरोप व्यापार के लिए गेम चेंजर: IMEC कॉरिडोर के तहत ग्रीन मैरीटाइम रूट और 'पोर्ट्स क्लब' बनाने पर बनी सहमति

अहमदाबाद: अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) और फ्रांस के अग्रणी बंदरगाह ‘पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस’ (Port of Marseille Fos) ने व्यापार सुविधा, पोर्ट इनोवेशन और ऊर्जा परिवर्तन पर सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के साथ प्रमुख बंदरगाहों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।

साझेदारी के मुख्य उद्देश्य

यह साझेदारी एक ‘IMEC पोर्ट्स क्लब’ बनाने का प्रस्ताव करती है, जो भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगा। यह समझौता फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यात्रा के दौरान किया गया, जो भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के विस्तार को रेखांकित करता है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को ‘सभी सौदों की जननी’ (mother of all deals) करार दिया है, जिससे भारत-ईयू व्यापार के लिए IMEC मार्ग को बढ़ावा मिला है।

IMEC कॉरिडोर का विस्तार

IMEC के पूर्वी गेटवे पर, APSEZ के मुंद्रा और हजीरा बंदरगाह दक्षिण एशिया को पश्चिम एशिया से जोड़ने वाले मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में कार्य करते हैं। इस MoU के माध्यम से, मार्सिले फॉस कॉरिडोर के पश्चिमी यूरोपीय गेटवे को मजबूत करेगा, जिससे लगभग 70 मिलियन टन क्षमता जुड़ेगी और IMEC की पहुंच यूरोप में और गहरी होगी।

समझौते के प्रमुख बिंदु:

  • IMEC पोर्ट्स क्लब: कॉरिडोर के बंदरगाहों के बीच संवाद और नीतिगत चर्चाओं के लिए एक क्लब की सह-स्थापना करना।
  • ग्रीन कॉरिडोर: मुंद्रा-मार्सिले फॉस ‘ग्रीन मैरीटाइम कॉरिडोर’ का विकास करना।
  • तकनीकी आदान-प्रदान: पोर्ट डिजिटलीकरण, डेटा इंटरऑपरेबिलिटी, साइबर सुरक्षा और वैकल्पिक ईंधन (लो-कार्बन बंकरिंग) में क्षमता निर्माण।
  • व्यापार संवर्धन: संयुक्त अभियानों और B2B जुड़ाव के माध्यम से IMEC रूट को यूरेशियाई व्यापार प्रवाह के लिए एक टिकाऊ और सुरक्षित विकल्प के रूप में बढ़ावा देना।

नेतृत्व का बयान

APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ, अश्वनी गुप्ता ने कहा, “भारत ने इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने में पहले ही नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है, और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के समापन के साथ, भाग लेने वाले देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। हजीरा और मुंद्रा में हमारे बंदरगाहों ने पहले ही कॉरिडोर के पहले और मध्य चरणों में निर्बाध मार्ग स्थापित कर लिया है। फ्रांस में मार्सिले फॉस पोर्ट के साथ इस MoU के जरिए, हमने अब यूरोप के अंतिम चरण को सफलतापूर्वक जोड़ दिया है”।

पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस के सीईओ, हरवे मार्टेल ने कहा, “हम ऐसे समय में APSEZ के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करके खुश हैं जब IMEC कॉरिडोर एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। भारत और मार्सिले इस भविष्य के व्यापार रीढ़ (trade backbone) के दो छोरों पर खड़े हैं। साथ मिलकर, हमारा इरादा शामिल बंदरगाहों को एकजुट करने का है”।

कंपनियों के बारे में APSEZ

अडानी समूह का हिस्सा और भारत की प्रमुख एकीकृत लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदाता कंपनी है। कंपनी के पास भारत के तटों पर 15 रणनीतिक रूप से स्थित बंदरगाह और टर्मिनल हैं। वर्तमान में इसकी कार्गो हैंडलिंग क्षमता 633 मिलियन टन प्रति वर्ष है, और यह 2030 तक 1 बिलियन टन का लक्ष्य लेकर चल रही है।

पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस

यह फ्रांस का प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार और भूमध्यसागरीय क्षेत्र का एक रणनीतिक केंद्र है। यह सालाना 74 मिलियन टन कार्गो संभालता है और हर साल लगभग 10,000 जहाजों का स्वागत करता है।

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