गुजरात का सौराष्ट्र तट अब अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखने जा रहा है। राज्य के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सौराष्ट्र के कोडीनार के पास एक नया स्पेस लॉन्चिंग स्टेशन (स्पेसपोर्ट) स्थापित किया जाएगा।
मंत्री ने यह अहम जानकारी अहमदाबाद की साइंस सिटी में शुरू हुए तीन दिवसीय अंतरिक्ष महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर दी। गौरतलब है कि भारत में 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन 2023 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 के लैंडर ‘विक्रम’ की ऐतिहासिक लैंडिंग को समर्पित है।
अपने संबोधन में अर्जुन मोढवाडिया ने बताया कि अंतरिक्ष तकनीक के मामले में गुजरात आज देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में ‘इन-स्पेस’ (IN-SPACe) का मुख्यालय पहले से मौजूद है और अब कोडीनार के पास इस नए स्पेसपोर्ट को आकार देने पर काम चल रहा है। इसके साथ ही राज्य में सैटेलाइट निर्माण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना पर पिछले कुछ समय से गहन मंथन चल रहा है। इस तटीय स्थान को अंतरिक्ष से जुड़ी गतिविधियों के लिए भौगोलिक रूप से बेहद अनुकूल माना जा रहा है। फिलहाल भारत का प्राथमिक स्पेसपोर्ट आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित है, जबकि तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में एक और स्पेसपोर्ट का निर्माण कार्य जारी है।
परियोजना की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए एक वरिष्ठ डीएसटी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि काम अभी अपने शुरुआती चरण में है। वर्तमान में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सहयोग से साइट का तकनीकी मूल्यांकन और परीक्षण किया जा रहा है। एक बार सभी तकनीकी मानक तय हो जाने के बाद ही आगे का निर्माण कार्य शुरू होगा।
इससे पहले भी कई रिपोर्ट्स में गिर और कोडीनार के बीच के तटीय इलाके को ऐसी गतिविधियों के लिए एक मजबूत विकल्प बताया गया था। इसी साल मार्च में भी मंत्री मोढवाडिया ने विधानसभा में बताया था कि स्पेसपोर्ट के लिए एक उपयुक्त जगह की तलाश की जा रही है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में गुजरात का निजी क्षेत्र भी काफी सक्रिय नजर आ रहा है। इसी साल की शुरुआत में धोलेरा में एक स्टार्टअप ने सफलतापूर्वक एक ‘साउंडिंग रॉकेट’ फायर किया था, जिसे राज्य का पहला रॉकेट लॉन्च माना गया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्तमान में गुजरात में 20 से अधिक स्टार्टअप और संगठन अंतरिक्ष तकनीक पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, ‘इन-स्पेस’ ने भी इस वर्ष अहमदाबाद के पास खोरज में स्पेस टेक के लिए एक विशेष जोन बनाने का ऐलान किया है।
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