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असम: CM हिमंता बिस्वा सरमा ने रखी अडानी पावर के 48,000 करोड़ रुपये के महा-प्रोजेक्ट की आधारशिला

| Updated: September 21, 2026 13:07

असम अब पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े ऊर्जा हब के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने निचले असम के धुबरी जिले स्थित चापर में अडानी पावर लिमिटेड (एपीएल) के 3,200 मेगावाट के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की आधारशिला रखी है। इस विशाल ऊर्जा परियोजना में लगभग 48,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा रहा है, जो राज्य के बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देगा।

यह ऐतिहासिक परियोजना रोजगार के मोर्चे पर भी असम के लिए एक बड़ा वरदान साबित होने वाली है। इस प्लांट के निर्माण चरण के दौरान लगभग 20,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। वहीं, एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद, यह परियोजना लगभग 5,000 स्थायी नौकरियां पैदा करेगी। इस प्लांट को दिसंबर 2030 से चरणों में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

शिलान्यास समारोह में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ अडानी समूह के निदेशक जीत अडानी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने इस अवसर पर कहा कि यह 3,200 मेगावाट का चापर प्रोजेक्ट ‘एडवांटेज असम इन्वेस्टर समिट 2.0’ से पैदा हुए विश्वास का एक शानदार परिणाम है। उन्होंने इसे असम में किए गए अब तक के सबसे बड़े एकल निवेशों में से एक बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, रोजगार के विशाल अवसरों के साथ-साथ राज्य को बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और एसजीएसटी राजस्व के रूप में भी भारी लाभ मिलेगा।

अडानी समूह के निदेशक जीत अडानी ने असम की अनूठी भौगोलिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि यह राज्य भारत के भविष्य के विकास को गति देने वाली ‘बैटरी’ बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अडानी समूह असम में बिजली, विमानन और सीमेंट क्षेत्रों में कुल 80,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रहा है। यह भारी-भरकम निवेश अब धरातल पर उतर रहा है, जिससे अगले तीन से चार वर्षों में नए बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसर आकार लेंगे।

चापर के इस अत्याधुनिक पावर प्लांट में 800 मेगावाट की कुल चार इकाइयां स्थापित की जाएंगी। यह प्लांट उच्च दक्षता प्रणाली और आधुनिक पर्यावरण सुरक्षा मानकों से लैस अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक का उपयोग करेगा। इसके चालू होने से असम की घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक जरूरतों के लिए विश्वसनीय और किफायती बिजली सुनिश्चित होगी, जिससे राज्य का ऊर्जा आधार बेहद मजबूत होगा।

असम के बिजली क्षेत्र में अडानी समूह का कुल निवेश 63,000 करोड़ रुपये है। इसमें चापर प्लांट के 48,000 करोड़ रुपये के अलावा अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा 15,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने वाले दो पंप्ड स्टोरेज प्लांट (2,700 मेगावाट क्षमता) भी शामिल हैं। इसके साथ ही, राज्य के बिजली वितरण ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा स्मार्ट मीटरिंग परियोजनाएं भी लागू की जा रही हैं।

विमानन क्षेत्र में भी समूह का निवेश राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहा है। गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल-2 का संचालन 22 फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है। आर्थिक विकास के साथ-साथ समूह की सामाजिक संस्था ‘अडानी फाउंडेशन’ भी शिवसागर और धेमाजी जिलों में बाढ़ प्रभावित 8,000 से अधिक परिवारों को भोजन व चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही है और कामरूप (ग्रामीण) के 19 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य व आजीविका के क्षेत्र में काम कर रही है।

उल्लेखनीय है कि अडानी पावर लिमिटेड ने अक्टूबर 2025 में एक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए इस 3,200 मेगावाट बिजली संयंत्र की स्थापना का ठेका हासिल किया था। इसके बाद नवंबर 2025 में असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से उन्हें ‘लेटर ऑफ अवॉर्ड’ प्राप्त हुआ था, जो अब इस ऐतिहासिक शिलान्यास के साथ एक वास्तविकता का रूप ले रहा है।

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