जामनगर: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी और कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने आज जामनगर में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का गर्मजोशी से स्वागत किया। जामनगर दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी का घर है और इस उच्च स्तरीय यात्रा ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को एक नई दिशा दी है।

सम्मानित अतिथियों को इस विश्व स्तरीय रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का विशेष दौरा कराया गया। इस दौरान उन्होंने रिफाइनरी के विशाल पैमाने, इसकी अत्याधुनिक तकनीक और बेहतरीन एकीकृत संचालन (इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस) का प्रत्यक्ष अनुभव किया।
दौरे के दौरान विदेश मंत्री रुबियो और राजदूत गोर को रिलायंस की ‘न्यू एनर्जी गीगा-फैक्ट्रियों’ की कार्यप्रणाली भी समझाई गई, जिन्हें वर्तमान में अलग-अलग चरणों में चालू किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें रिलायंस के निर्माणाधीन डेटा सेंटर्स की भी अहम जानकारी दी गई।

इस अवसर पर कंपनी द्वारा ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में किए जा रहे निवेश का पूरा विवरण प्रस्तुत किया गया। यह रिलायंस की स्थापित उन्नत मैन्युफैक्चरिंग और डीप-टेक क्षमताओं का एक बेहतरीन संगम है। मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी ने जामनगर कॉम्प्लेक्स के लिए अपना दीर्घकालिक विजन साझा किया और बताया कि इसे डीप-टेक, इनोवेशन और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में कैसे विकसित किया जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण दौरे में वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य और पारंपरिक व नई ऊर्जा के क्षेत्र में कमर्शियल साझेदारी के अवसरों पर व्यापक चर्चा हुई। बातचीत के दौरान भरोसेमंद और किफायती ऊर्जा आपूर्ति, तकनीकी प्रगति, मजबूत सप्लाई चेन और दुनिया की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक निवेश जैसे अहम विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से बढ़ते तालमेल पर भी खास फोकस रहा। इसमें डेटा सेंटर्स को सपोर्ट करने के लिए निरंतर बिजली की भूमिका और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे।
मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी ने प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और उन्नत मैन्युफैक्चरिंग में अपनी पूरक क्षमताओं का लाभ उठाते हुए अमेरिकी कंपनियों के साथ सहयोग के अवसरों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया।
यह पूरी बातचीत उद्योग के नजरिए का आदान-प्रदान करने और आपसी कमर्शियल हितों के नए क्षेत्रों की तलाश करने के लिए एक बेहद सकारात्मक और रचनात्मक अवसर साबित हुई। अंत में रिलायंस प्रबंधन ने अमेरिकी विदेश मंत्री और राजदूत की इस यात्रा के लिए उनका विशेष आभार व्यक्त किया।
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