भारतीय मूल के आविष्कारक राहुल अग्रवाल ने हाल ही में मशहूर बिजनेस रियलिटी शो ‘शार्क टैंक यूएसए’ में एक शानदार कामयाबी हासिल की है। उन्होंने हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले एक बेहद साधारण से चम्मच को एक नए रूप में पेश किया। इस अनोखे इनोवेशन के दम पर उन्होंने शो में 3,50,000 डॉलर (करीब 3.33 करोड़ रुपये) की शानदार डील क्रैक की है।
राहुल का यह प्रोडक्ट कोई आम चम्मच नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा जादुई मेजरिंग स्पून (मापने वाला चम्मच) है जो इस्तेमाल न होने पर बिल्कुल चपटा हो जाता है। इसमें चुंबक भी लगा है, जिसकी मदद से इसे आसानी से रेफ्रिजरेटर पर चिपकाया जा सकता है। ‘पॉलीगन्स डिजाइन’ के संस्थापक राहुल ने रसोई के इस मामूली उपकरण को एक नया आकार देकर इसकी उपयोगिता और भंडारण दोनों को बेहद आसान बना दिया है।
ओरिगेमी कला से प्रेरित होकर तैयार किया गया यह लचीला चम्मच पारंपरिक चम्मचों का एक बेहतरीन विकल्प बन गया है। डिजाइन की दुनिया में इसके अनूठेपन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस प्रोडक्ट ने अब तक 20 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय डिजाइन पुरस्कार अपने नाम किए हैं।
लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, पॉलीगन्स डिजाइन्स के संस्थापक राहुल अग्रवाल फिलहाल अमेरिका में रह रहे हैं। उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) से डिजाइन में स्नातक की डिग्री हासिल की है। उनके पास इंडस्ट्रियल, प्रोडक्ट और यूएक्स डिजाइन का गहरा अनुभव है।
पॉलीगन्स डिजाइन्स की शुरुआत करने से पहले उन्होंने कई अहम डिजाइन और शैक्षणिक पदों पर काम किया है। साल 2013 से 2014 के बीच राहुल ने अहमदाबाद स्थित ‘इन्वेंटइंडिया इनोवेशंस’ में बतौर डिजाइनर काम किया। इसके बाद 2014 से 2015 तक वह ‘स्टोरबाउंड’ में कंसल्टेंट डिजाइनर रहे।
उनके पास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), गांधीनगर में डिजाइन और इनोवेशन के संकाय सदस्य के तौर पर काम करने का भी शानदार अनुभव है। साल 2016 में वह ‘ट्रिप इन इंक’ के मुख्य डिजाइन अधिकारी बने। अक्टूबर 2016 में अपनी खुद की कंपनी पॉलीगन्स डिजाइन्स की स्थापना करने से ठीक पहले, उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन में एक महीने तक विजिटिंग प्रोफेसर के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी थीं।
पॉलीगन्स दरअसल एक फोल्डेबल (मोड़ा जा सकने वाला) मेजरिंग स्पून सेट है। यह छह पारंपरिक मापने वाले चम्मचों की जगह केवल दो चपटे और लचीले उपकरणों का इस्तेमाल करता है। इन चम्मचों पर खास निशान बने हैं, जिन्हें उंगलियों से दबाकर अलग-अलग आकारों में मोड़ा जा सकता है।
इसके बड़े चम्मच से तीन तरह के माप लिए जा सकते हैं, जिनमें आधा टेबलस्पून, एक टेबलस्पून और दो टेबलस्पून शामिल हैं। वहीं, छोटे चम्मच से एक चौथाई, आधा और एक टीस्पून मापा जा सकता है। ये दोनों उपकरण मुड़ने के बाद महज 2.8 मिलीमीटर (0.1 इंच) मोटे रह जाते हैं।
इस चम्मच के निर्माण में बेहद सुरक्षित और खास सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। इसे फूड-ग्रेड थर्मोप्लास्टिक और हाइड्रोफोबिक सिलिकॉन से बनाया गया है, जिसके अंदर नियोडिमियम चुंबक लगाए गए हैं। कंपनी के मुताबिक, यह 2.8 मिमी पतला उपकरण पारंपरिक छह टुकड़ों वाले मेजरिंग सेट की पूरी तरह से छुट्टी कर देता है।
राहुल अग्रवाल का यह प्रोडक्ट बाजार में भी धूम मचा रहा है। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह अब तक 120 से अधिक देशों में मेजरिंग स्पून सेट की 2,50,000 से ज्यादा इकाइयां बेच चुके हैं। यह सेट मोमा (MoMA), विलियम्स-सोनोमा और अनकॉमन गुड्स जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहा है।
राहुल ने शार्क टैंक के 18वें सीजन के चौथे एपिसोड में अपना यह डिजाइन पेश किया था। इस एपिसोड में मशहूर अभिनेत्री और निर्माता मिंडी कलिंग एक गेस्ट शार्क के तौर पर मौजूद थीं। राहुल की शानदार पिच के बाद, उन्हें लोरी ग्रेनर और मिंडी कलिंग से 3,50,000 डॉलर का निवेश मिला।
इस डील के एवज में राहुल ने अपनी कंपनी की आठ प्रतिशत इक्विटी के साथ-साथ दो प्रतिशत एडवाइजरी शेयर दिए हैं। इस निवेश के साथ ही उनकी कंपनी का मूल्यांकन 35 लाख डॉलर (3.5 मिलियन डॉलर) आंका गया है। पिछले हफ्ते प्रसारित हुए इस एपिसोड में मिंडी कलिंग ने प्रोडक्ट की जमकर तारीफ की और इसे बेहद सरल, आविष्कारशील और उपयोगी बताया।
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