उद्योग जगत ने कहा, गुजरात की ईवी पॉलिसी से ईवी अपनाने में तेजी लाएगी

| Updated: July 8, 2021 7:05 pm

01 जुलाई, 2021 से अगले चार वर्षों की अवधि के दौरान लागू हो रही नई ईवी पॉलिसी के तहत 110,000 e2W, 70,000 e3W और 20,000 e4W  को लाभ पहुंचाने का है लक्ष्य।

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की पहुंच बढ़ाने के लिए गुजरात सरकार ने 22 जून को एक नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2021 की घोषणा की है। इसके तहत केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध किसी भी सब्सिडी के अतिरिक्त 10,000 रुपये/KwH का डिमांड इंसेंटिव दिया जाएगा। इस घोषणा से ईवी खरीदारों को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए 20,000 रुपये तक, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स के लिए 50,000 रुपये तक और 4-व्हीलर के लिए 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। 01 जुलाई, 2021 से अगले चार वर्षों की अवधि के दौरान लागू हो रही नई ईवी पॉलिसी के तहत 110,000 e2W, 70,000 e3W और 20,000 e4W को लाभ पहुंचाने  का लक्ष्य है। गुजरात सरकार पॉलिसी अवधि के दौरान 870 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान करेगी।

ईवी नीति की घोषणा करते समय गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा, “नई ईवी नीति राज्य में ईवी को बढ़ावा देगी और ईवी क्षेत्र में नौकरियों के सृजन में योगदान देगी। इस नीति का प्राथमिक उद्देश्य देश में ईवी को लोकप्रिय बनाना और गुजरात को ईवी उत्पादन के केंद्र में बदलना, प्रदूषण को कम करना, स्टार्टअप को प्रोत्साहित करना और निवेशकों को ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में आकर्षित करना है।” रूपाणी ने कहा कि नीति में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए इंसेंटिव देना भी शामिल है।

इसके अलावा, सब्सिडी सीधे लाभार्थी को डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। गुजरात आरटीओ द्वारा अनुमोदित किसी भी ईवी को, चाहे वह निजी हो या व्यावसायिक (कमर्शल) , पंजीकरण शुल्क से छूट दी जाएगी और केंद्र सरकार की फेम-2 योजना के अन्य लाभ प्राप्त होंगे। राज्य की नीति में सार्वजनिक चार्जिंग स्पेस में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने के लिए पहले 250 वाणिज्यिक सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए उपकरणों पर 25% पूंजीगत सब्सिडी (10 लाख रुपये प्रति स्टेशन तक) की भी घोषणा की गई है।

अपने विचार साझा करते हुए हीरो इलेक्ट्रिक के एमडी नवीन मुंजाल ने कहा, “गुजरात द्वारा संशोधित ईवी नीति केंद्रीय फेम नीति के हालिया संशोधनों के बाद एक शानदार कदम है, जो अंतर को कम करते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर स्विच करने को आकर्षक विकल्प बनाएगी। इस नीति के साथ हीरो के ईवी की कीमतें देशभर में कीमतों की तुलना में गुजरात में सबसे कम और किफायती हो जाएंगी।’’

रेटिंग एजेंसी इकरा के अनुसार, गुजरात सरकार द्वारा घोषित बदलाव सकारात्मक हैं। खासकर e2W और e3W सेगमेंट के लिए। इसके अलावा, व्यक्तिगत उपयोग के लिए खरीदे जाने वाले यात्री वाहन को भी राज्य नीति के तहत कवर किया गया है, जिसे वर्तमान में फेम-2 योजना से बाहर रखा गया है। इकरा के वाइस प्रेसिडेंट और सेक्टर हेड – कॉरपोरेट रेटिंग्स आशीष मोदानी ने कहा, “हमारे अनुमानों के अनुसार, भारी उद्योग विभाग द्वारा हालिया संशोधन के साथ-साथ गुजरात सरकार द्वारा प्रोत्साहन के परिणामस्वरूप लगभग 30,000 रुपये प्रति e2W तक कीमत में कमी हो सकती है, जो पर्याप्त है और इन्हें पारंपरिक 2W के मूल्य के स्तर पर लाने में मदद मिलेगी। एक अन्य मुख्य आकर्षण गुजरात में इलेक्ट्रिक कार खरीदार के लिए कीमत में 1.5-3 लाख रुपये की संभावित कमी भी है, क्योंकि फेम-2 पॉलिसी में पर्सनल मोबिलिटी के लिए इलेक्ट्रिक कारों को सब्सिडी नहीं दी जाती है।

चार्जिंग स्टेशनों के लिए सब्सिडी केवल उन डेवलपर्स, व्यक्तियों या संस्थाओं को दी जाएगी, जिन्होंने भारत सरकार की नीतियों या योजनाओं के तहत किसी अन्य प्रोत्साहन योजना के तहत सब्सिडी का लाभ नहीं उठाया है।

ओला के चेयरमैन और ग्रुप सीईओ भाविश अग्रवाल ने कहा, ‘‘भारत में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति आ रही है। 2017 में कर्नाटक से लेकर इसी हफ्ते गुजरात तक, 21 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अब इलेक्ट्रिक वाहनों को किफायती बनाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। हम ओला फ्यूचरफैक्ट्री और जल्द आ रहे हमारे ओला स्कूटर के साथ इसे तेज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इसके अलावा, गुजरात राज्य सरकार विभिन्न व्यावसायिक मॉडल और प्रौद्योगिकियों के साथ बुनियादी ढांचे की चार्जिंग को भी बढ़ावा देगी। राज्य सरकार निजी कंपनियों, वितरकों और निवेशकों के बीच बैट्री एवं चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्वैपिंग को भी प्रोत्साहित करेगी। सभी हाउसिंग सोसाइटी और व्यावसायिक प्रतिष्ठान चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की इच्छा रखने वाले किसी भी व्यक्ति को एनओसी देंगे। पॉलिसी की अवधि के दौरान चार्जिंग स्टेशनों को बिजली शुल्क से 100% छूट दी जाएगी।

टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल बिजनेस यूनिट के प्रेसिडेंट शैलेश चंद्रा ने कहा, “इलेक्ट्रिक वाहनों की सभी श्रेणियों के लिए प्रोत्साहन सहायता की पेशकश का गुजरात सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से स्वच्छ पर्यावरण और देश के लिए एक सस्टेनेबल फ्यूचर के प्रति सरकार के एक मजबूत संकल्प का संकेत देता है। साथ ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को दिए गए समर्थन से इकोसिस्टम के विकास में तेजी आएगी और ईवी खरीदारों को अधिक सुविधा मिलेगी। हम ऐसी प्रगतिशील नीति लाने के लिए गुजरात सरकार की सराहना करते हैं।”

ओमेगा सेकी मोबिलिटी के चेयरमैन उदय नारंग ने कहा, “गुजरात सरकार द्वारा संशोधित ईवी नीति एक अभूतपूर्व कदम है। हम इस पहल का समर्थन करते हैं। हमारा मानना है कि यह ईवी के लिए बेहतर माहौल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। केंद्र द्वारा हाल में फेम-2 को लेकर की गई घोषणाओं और इसके बाद राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदम से ईवी को प्रोत्साहन मिलेगा, जो बहुत जरूरी है। इससे भारत को ईवी उद्योग में एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल करने का मौका मिलेगा।”

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