comScore शराब पीकर भी यूरोपियन्स का लिवर है स्वस्थ, और बिना पिए भारतीय हैं बीमार: डॉक्टर ने बताई असली वजह - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

शराब पीकर भी यूरोपियन्स का लिवर है स्वस्थ, और बिना पिए भारतीय हैं बीमार: डॉक्टर ने बताई असली वजह

| Updated: February 17, 2026 14:13

शराब नहीं पीते फिर भी लिवर खराब? जानिए क्यों यूरोपियन्स ज्यादा पीकर भी हैं फिट और भारतीय अनफिट

शराब और इंसान का रिश्ता काफी पुराना और जटिल है, जिसमें सामाजिक, सांस्कृतिक और जैविक कारक अहम भूमिका निभाते हैं। अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि आखिर यूरोपीय लोग हमसे कहीं ज्यादा शराब पीने के बावजूद उसे बेहतर तरीके से कैसे पचा लेते हैं? वहीं दूसरी तरफ, हमारे देश में एक बड़ी आबादी ऐसी है जो शराब को हाथ भी नहीं लगाती, फिर भी ‘फैटी लिवर’ (Fatty Liver) की समस्या से जूझ रही है।

हाल ही में डॉ. हर्ष व्यास ने इस दिलचस्प विषय पर रोशनी डालते हुए बताया कि इसके पीछे सिर्फ किस्मत नहीं, बल्कि जेनेटिक्स और लाइफस्टाइल का बहुत बड़ा हाथ है।

एक चौंकाने वाली तुलना: इटालियन बनाम भारतीय

इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में, डॉ. हर्ष ने दो लिवर अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट्स की तुलना की। ये दोनों ही रिपोर्ट्स 37 वर्षीय व्यक्तियों की थीं—एक इटालियन और दूसरा भारतीय।

हैरान करने वाली बात यह थी कि इटालियन व्यक्ति हफ्ते में 2-3 बार शराब पीता था, इसके बावजूद उसका लिवर उस भारतीय व्यक्ति की तुलना में कहीं ज्यादा स्वस्थ था, जो शराब बिल्कुल नहीं पीता था। यह विरोधाभास आखिर क्यों है? डॉ. व्यास ने इसके पीछे के तीन मुख्य कारणों को विस्तार से समझाया।

1. जेनेटिक्स (आनुवंशिकी) का खेल

डॉक्टर ने इस घटना के पीछे के विज्ञान को समझाते हुए कहा, “मुझसे कई लोग पूछते हैं कि यूरोपियन्स इतना पीने के बाद भी फैटी लिवर का शिकार क्यों नहीं होते, जबकि हम बिना पिए भी बीमार पड़ रहे हैं।”

इसका पहला कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि यूरोपीय आबादी में ‘अल्कोहल डिहाइड्रोजनेज’ (Alcohol Dehydrogenase) और ‘एल्डिहाइड डिहाइड्रोजनेज’ (Aldehyde Dehydrogenase) नामक एंजाइम्स की गतिविधि बहुत अच्छी होती है।

इसका मतलब यह है कि जब वे शराब पीते हैं, तो शराब के विषैले मेटाबोलाइट्स (Intermediate toxic metabolites) उनके शरीर से जल्दी और ठीक से बाहर निकल जाते हैं। इसके विपरीत, हमारी एशियाई और भारतीय आबादी में यह प्रक्रिया धीमी है, जिससे ये टॉक्सिन्स लंबे समय तक शरीर में रहकर नुकसान पहुंचाते हैं।

2. खान-पान में जमीन-आसमान का अंतर

दूसरा सबसे बड़ा कारक डाइट है। डॉ. हर्ष ने बताया कि यूरोपीय लोगों की डाइट में ‘कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स’ और ‘हेल्दी फैट्स’ की प्रचुरता होती है। वे मछली, सी-फूड और ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) का सेवन करते हैं, जिससे उन्हें भरपूर प्रोटीन और अच्छा फैट मिलता है।

अगर हम भारतीय थाली पर नजर डालें, तो हम ज्यादातर रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स पर निर्भर हैं। हमारी डाइट में हेल्दी फैट्स और प्रोटीन की मात्रा अक्सर काफी कम होती है, जो लिवर की सेहत को प्रभावित करता है।

3. व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली

तीसरा और महत्वपूर्ण पहलू शारीरिक गतिविधि है। डॉ. व्यास ने अपने इटालियन मरीज का उदाहरण देते हुए बताया कि वह अपनी नियमित 30-40 मिनट की एक्सरसाइज के अलावा, दिन भर में 5 से 6 किलोमीटर पैदल भी चलता था।

डॉक्टर ने चिंता जताते हुए कहा, “हमारी आबादी का एक बड़ा हिस्सा नियमित व्यायाम नहीं करता है, और प्रतिदिन 5 किलोमीटर पैदल चलना तो हमारे लिए बहुत दूर की बात है।”

निष्कर्ष

डॉ. हर्ष व्यास ने अंत में निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि भले ही यूरोपीय लोग शराब का सेवन करते हैं, लेकिन उनकी बाकी जीवनशैली—खान-पान और कसरत—इतनी मजबूत है कि वह शराब से होने वाले थोड़े-बहुत नुकसान की भरपाई (Recover) कर लेती है। वहीं, भारतीय अपनी खराब लाइफस्टाइल के कारण बिना पिए भी बीमारी का शिकार हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें-

अमेरिका का दो टूक संदेश: मार्को रुबियो बोले- ‘वीजा पाना कोई अधिकार नहीं, अगर राष्ट्रीय हितों के खिलाफ गए तो रद्द कर दी जाएगी एंट्री’

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’: पीएम मोदी के विजन और ‘डिजिटल इंडिया’ की जमीनी हकीकत का टकराव

Your email address will not be published. Required fields are marked *