मानसून सत्र के सिर्फ 10 दिन शेष रहते हुए, राज्यसभा और लोकसभा दोनों की कार्यसूची व्यस्त रहने वाली है, जिसमें आयकर विधेयक पेश करने की उम्मीद है। हालांकि, संसद में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन भी तेज होने की संभावना है, खासकर बिहार के मतदाता सूची विवाद और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर। ये विरोध प्रदर्शन उस समय और ज्यादा गरमाए जब चुनाव आयोग ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को नोटिस भेजा।
विपक्ष का विरोध और पुलिस की कार्रवाई
आज सोमवार को विभिन्न विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक ने संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च किया, जहां उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार के मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) में पारदर्शिता की मांग की। विपक्ष ने भाजपा और चुनाव आयोग पर बिहार के वोटरों की सूची में हेरफेर करने का आरोप लगाया है।
जैसे ही मार्च चुनाव आयोग कार्यालय के पास पहुंचा, दिल्ली पुलिस ने इसे रोक दिया और कहा कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सांसदों ने पुलिस बैरिकेड पार कर मार्च में डटे रहे।
पुलिस ने बाद में सभी प्रदर्शनकारी सांसदों को हिरासत में ले लिया, जिनमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी, लेकिन हमें सूचना मिली थी और हम उचित व्यवस्था के तहत प्रदर्शन को सुविधाजनक बनाने को तैयार थे।
Modi government is scared, they are cowards – Smt @priyankagandhi pic.twitter.com/uX2WmyC2CQ
— Congress Kerala (@INCKerala) August 11, 2025
प्रदर्शन के दौरान मुख्य घटनाक्रम
- प्रियंका गांधी का मोदी सरकार पर हमला: हिरासत में ली गई प्रियंका गांधी ने सरकार को ‘कायर’ कहा।
- सागरीका घोष ने साझा किया वीडियो: तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरीका घोष ने प्रदर्शन स्थल से एक वीडियो साझा किया, जिसमें महिलाओं के साथ झिना-झपटी दिखी। उन्होंने कहा, “महिला सांसदों को बाल पकड़कर घसीटा गया…” इसी दौरान तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा अस्वस्थ नजर आईं और प्रदर्शन के दौरान बेहोश भी हो गईं।
- शशि थरूर ने चुनाव आयोग को घेरा: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चुनाव आयोग पर शपथपत्र की मांग करने के बावजूद गंभीर जवाब न देने का आरोप लगाया।
At the INDIA bloc MPs’ protest today. We are all asking why @ECISVEEP could not give serious answers to the serious questions raised by @RahulGandhi, rather than insisting on formalities like an oath and an affidavit (when the data cited is all the EC’s own data anyway). It is… pic.twitter.com/E1Ptve3gzQ
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) August 11, 2025
विपक्ष की मांग और सरकार की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने संसद में SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर 14 दिन की चर्चा की मांग की है। कांग्रेस सांसद माणिकम टैगोर ने कहा कि सरकार इस चर्चा से डर रही है क्योंकि उसने वोट चोरी और चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत से चुनाव जीते हैं।
दिल्ली पुलिस की बात पर कि मार्च के लिए अनुमति नहीं मांगी गई, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा, “सांसदों को दिल्ली की सड़कों पर चलने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है… अगर सांसदों के सड़क पर आने से कोई खतरा है तो सिस्टम बेकार है।”
हालांकि, मानसून सत्र के बीच विपक्ष के विरोध के बीच संसद में आने वाले दिनों में तीखी बहस होने की संभावना है।
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