अहमदाबाद: कनाडा में अधिकारियों ने फेनिल पटेल को गिरफ्तार किया है। फेनिल पटेल को जनवरी 2022 में अमेरिका-कनाडा सीमा पार करते समय डिंगुचा गांव के पटेल परिवार की दुखद मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, उसे संयुक्त राज्य अमेरिका से जारी प्रत्यर्पण वारंट के आधार पर हिरासत में लिया गया है।
कनाडा के न्याय विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि फेनिल पटेल टोरंटो के एक उपनगर में रह रहा था। उस पर पटेल परिवार की मौत के लिए जिम्मेदार मानव तस्करी ऑपरेशन के कनाडाई हिस्से को सफल बनाने का आरोप है।
अमेरिकी न्यायालय के दस्तावेजों के अनुसार, 22 फरवरी, 2022 को इलिनोइस के उत्तरी जिले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के जिला न्यायालय में विशेष एजेंट मैनुअल जिमेनेज द्वारा दायर एक हलफनामे में खुलासा हुआ कि फेनिल पटेल की पहचान कनाडा में एक प्रमुख सूत्रधार के रूप में हुई, जिसने परिवार की यात्रा की व्यवस्था की थी।
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी की जांच में पता चला है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में एक सूत्रधार, राजिंदर सिंह ने विशेष रूप से फेनिल कुमार पटेल को कनाडा में उस व्यक्ति के रूप में नामित किया था, जिसने इस दुखद यात्रा को समन्वित किया था, जिसका अंत 19 जनवरी, 2022 को हुआ था।
इस मामले का संबंध गुजरात के मेहसाणा जिले के इंद्रद गांव के हर्षकुमार रमनलाल पटेल उर्फ ‘डर्टी हैरी’ से भी है। हर्षकुमार रमनलाल पटेल को इसी साल मई में अमेरिकी अदालत ने मानव तस्करी ऑपरेशन में उसकी भूमिका के लिए 10 साल जेल की सजा सुनाई थी।
फोन रिकॉर्ड से पता चला कि ‘डर्टी हैरी’ ने स्टीव शैंंड के साथ लगभग 200 कॉल और टेक्स्ट मैसेज किए थे। स्टीव शैंंड, फ्लोरिडा का वह व्यक्ति है जिसे अमेरिका-कनाडा सीमा के पास भारतीय नागरिकों को ले जाते समय गिरफ्तार किया गया था।
पीड़ितों में गांधीनगर जिले के कलोल तालुका के डिंगुचा गांव के 39 वर्षीय जगदीश पटेल, उनकी 37 वर्षीय पत्नी वैशाली, उनकी 11 वर्षीय बेटी विहंगी और तीन वर्षीय बेटा धार्मिक शामिल थे। परिवार की मौत अमेरिका सीमा से कुछ ही मीटर की दूरी पर -35 डिग्री सेल्सियस तापमान में बर्फ के तूफान के दौरान हुई थी।
मामले से अवगत गुजरात पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है। राज्य पुलिस मानव तस्करी नेटवर्क में शामिल लोगों को ट्रैक करने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ काम कर रही है।
दिसंबर 2022 में, गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद से बॉबी उर्फ भरत पटेल को गिरफ्तार किया था। माना जाता है कि उसने भी डिंगुचा परिवार की घुसपैठ की व्यवस्था की थी। इस गिरफ्तारी से जांचकर्ताओं को कई देशों में फैले नेटवर्क का पता लगाने में मदद मिली।
पिछले दो सालों में जांच के बाद बॉबी पटेल के सहयोगियों की भी गिरफ्तारी हुई है। गुजरात की राज्य निगरानी सेल ने मेहसाणा के विसनगर से कीयूर पटेल उर्फ केतन पटेल उर्फ मनीष पटेल को पकड़ा, जो गुजरातियों को अमेरिका भेजने के लिए बॉबी पटेल के साथ काम कर रहा था।
पिछले महीने, अधिकारियों ने बॉबी पटेल के एक और सहयोगी को 2.5 साल तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मानव तस्करी रैकेट के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत बॉबी पटेल को गिरफ्तार किया।
घटनाक्रम से अवगत पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया कि बॉबी पटेल एक दशक से मानव तस्करी में शामिल रहा है और उसने अपने सहयोगी चरणजीत सिंह की मदद से, जिसके पास अमेरिकी पासपोर्ट है, गुजरात से 200 से अधिक लोगों को कनाडा के रास्ते अमेरिका भेजा है।
इस मामले से जुड़े गुजरात पुलिस के एक दूसरे अधिकारी ने कहा, “हमने सिंह के बारे में अमेरिकी अधिकारियों को सूचित कर दिया है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।”
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