चुनाव खत्म, पांच दिन में चार बार बढ़ी पेट्रोल डीजल की कीमत

| Updated: March 26, 2022 12:07 pm

भारत के टॉप फ्यूल रिटेलर्स IOC, BPCL और HPCL को नवंबर से मार्च के बीच लगभग 2.25 बिलियन (19,000 करोड़ रुपये) के रेवेन्यू का नुकसान हुआ है।

5 राज्यों में चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने लगीं क्योंकि जब चुनाव चल रहे थे तब 137 दिनों तक कीमतें स्थिर थीं। पिछले पांच दिनों में चौथी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। शनिवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80-80 पैसे की बढ़ोतरी की थी. दिल्ली में अब पेट्रोल 98.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.87 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। इससे पहले 22, 23 और 25 मार्च को इसमें 80-80 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी।

मार्च के आखिरी पांच दिन महंगाई वाले रहे हैं। 22 मार्च से रसोई गैस और सीएनजी-पीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जबकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

हाल ही में रेटिंग एजेंसी द मूडीज ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि भारत के टॉप फ्यूल रिटेलर्स IOC, BPCL और HPCL को नवंबर से मार्च के बीच लगभग 2.25 बिलियन (19,000 करोड़ रुपये) के रेवेन्यू का नुकसान हुआ है। रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि सरकार घाटे से बचने के लिए रिफाइनरों को कीमतें बढ़ाने की अनुमति देगी। दो दिन की 80-80 पैसे की बढ़ोतरी पर मूडीज ने कहा कि यह संकेत देता है कि कीमतें एक साथ नहीं बल्कि धीरे-धीरे बढ़ेंगी।

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