गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नवसारी से एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक कथित आतंकी साजिश के इनपुट मिलने के बाद की गई। एटीएस की मुस्तैदी के चलते क्षेत्र में एक संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया गया है।
यूपी का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान फैजान शेख के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैजान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के नरपत नगर स्थित डंडावाला का निवासी है। हालांकि, गिरफ्तारी के वक्त वह नवसारी के चारपुल इलाके में रह रहा था।
ऑनलाइन हुआ था रेडिकलाइज
जांच अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि फैजान शेख प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अल-कायदा की चरमपंथी विचारधारा के प्रभाव में आ गया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसका ‘रेडिकलाइजेशन’ (कट्टरपंथीकरण) मुख्य रूप से सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए हुआ। माना जा रहा है कि वह इन्हीं डिजिटल माध्यमों से संदिग्ध आतंकी तत्वों के संपर्क में लगातार बना हुआ था।
टार्गेट किलिंग और हिंसा की थी योजना
एटीएस के अनुसार, कट्टरपंथी विचारधारा अपनाने के बाद आरोपी ने समाज में डर का माहौल बनाने और शांति भंग करने के लिए हिंसक हमलों का खाका तैयार किया था। अधिकारियों ने खुलासा किया कि उसके निशाने पर एक विशेष समुदाय के लोग थे, ताकि इलाके में आतंक और अस्थिरता फैलाई जा सके।
इस साजिश को अंजाम देने के लिए फैजान पर अवैध रूप से हथियार और जिंदा कारतूस जुटाने का आरोप है।
विस्फोटक और हथियार बरामद
ऑपरेशन के दौरान एटीएस ने आरोपी के पास से अवैध हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। सूत्रों का कहना है कि बरामद जखीरा इस बात का संकेत है कि वह ‘टार्गेट किलिंग’ (लक्षित हत्याओं) जैसी वारदातों की तैयारी में था। फिलहाल जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसकी योजना कितनी बड़ी थी और वह इसे कब अंजाम देने वाला था।
नेटवर्क खंगालने में जुटी एटीएस
गिरफ्तारी के बाद फैजान शेख को गहन पूछताछ के लिए ले जाया गया है। एटीएस की जांच अब इन अहम सवालों के इर्द-गिर्द घूम रही है:
- हथियार और गोला-बारूद उसे किसने मुहैया कराए?
- क्या वह अकेले ही इस साजिश में शामिल था या उसके कुछ और साथी भी हैं?
- उसे आर्थिक मदद और लॉजिस्टिक सपोर्ट कहां से मिल रहा था?
सावधानी के तौर पर सुरक्षा बढ़ाई
इस घटना के बाद एहतियात बरतते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने नवसारी और दक्षिण गुजरात के अन्य हिस्सों में निगरानी बढ़ा दी है, ताकि किसी भी अन्य संभावित खतरे से निपटा जा सके। एटीएस ने कहा है कि जांच जारी है और जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी, मामले में और भी नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
यह गिरफ्तारी गुजरात एटीएस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत कट्टरपंथी तत्वों की पहचान कर उन्हें किसी भी आतंकी गतिविधि को अंजाम देने से पहले ही न्यूट्रलाइज (बेअसर) कर दिया जाता है।
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