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गुजरात विधानसभा में ड्रग्स के मुद्दे पर तीखी बहस, 2 साल में 3,727 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त

| Updated: February 26, 2026 13:06

विधानसभा में नशीले पदार्थों की जब्ती पर जोरदार हंगामा; सरकार ने गिनाए ₹3,727 करोड़ की जब्ती के आंकड़े, तो विपक्ष ने मास्टरमाइंड और ड्रग सिंडिकेट पर दागे तीखे सवाल।

गांधीनगर: गुजरात सरकार ने बुधवार को विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पिछले दो वर्षों में 3,727 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ (ड्रग्स) जब्त किए हैं। सदन में जामनगर और कच्छ जिलों में ड्रग्स पकड़े जाने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस बहस के दौरान कानून मंत्री ने गुजरात की अपराध दर की तुलना पंजाब और केरल जैसे राज्यों से कर दी, जिससे माहौल और गरमा गया।

कच्छ और जामनगर में ड्रग्स जब्ती पर AAP का सवाल

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हेमंत अहीर ने पिछले दो सालों में जामनगर और कच्छ में नशीले पदार्थों की जब्ती का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में कानून और न्याय राज्य मंत्री (MoS) कौशिक वेकरिया ने बताया कि इन दोनों जिलों में 135 मामले दर्ज किए गए हैं। साथ ही, 244 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में 306 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।

वेकरिया ने पुलिस की तारीफ करते हुए कहा, “ये केवल आंकड़े नहीं हैं; ये हमारे उन पुलिस अधिकारियों के साहसिक अभियानों को दर्शाते हैं जो अपनी जान हथेली पर रखकर अंधेरी रातों में इन खेपों को पकड़ते हैं।”

NCRB रिपोर्ट और राज्यों की अपराध दर पर तुलना

मंत्री कौशिक वेकरिया ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2023 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कुछ अहम आंकड़े पेश किए:

  • गुजरात: 0.8% की अपराध दर के साथ 561 अपराध दर्ज किए गए (मंत्री ने दावा किया कि यह देश में सबसे कम है)।
  • पंजाब: 37.6% की अपराध दर के साथ 11,500 से अधिक अपराध दर्ज हुए (यहां AAP की सरकार है)।
  • केरल: 85.7% की अपराध दर के साथ 30,697 मामले सामने आए (यहां वाम लोकतांत्रिक मोर्चा यानी LDF का शासन है)।

पंजाब का जिक्र होने पर जब AAP विधायकों ने कड़ा विरोध जताया, तो वेकरिया ने जवाब दिया, “मैंने कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की है और न ही किसी सरकार का नाम लिया है। विपक्ष को सुनने की आदत डालनी चाहिए।”

स्पीकर की नसीहत और विपक्ष के सवाल

विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि चर्चा को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। वहीं, विधायक हेमंत अहीर ने कहा, “अगर हम ड्रग्स पकड़ने पर गुजरात पुलिस को बधाई देते हैं, तो हमें उस स्थिति में पंजाब पुलिस की भी सराहना करनी चाहिए जब वहां नशीले पदार्थ पकड़े जाते हैं।”

अहीर ने यह भी जानना चाहा कि ड्रग्स की तस्करी में इस्तेमाल होने वाले जहाजों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं। इसके जवाब में मंत्री वेकरिया ने बताया कि राज्य भर में कुल 1,646 मामले दर्ज किए गए हैं और 3,727 करोड़ रुपये की कीमत के करीब 41,000 किलो मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।

कच्छ में तस्कर के घर को बनाया गया पुलिस स्टेशन

सरकार की सख्त कार्रवाई का उदाहरण देते हुए डिप्टी सीएम (DyCM) हर्ष संघवी ने सदन को बताया कि कच्छ में जिस घर से ड्रग्स बरामद हुआ था, उसे जमींदोज कर वहां पुलिस स्टेशन बना दिया गया है। वे जल्द ही इस नए पुलिस स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। संघवी ने स्पष्ट किया कि गुजरात पुलिस ड्रग्स से जुड़े मामलों की जांच में ‘टॉप-टू-बॉटम’ एप्रोच अपना रही है, ताकि सप्लाई चेन में शामिल हर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सके।

कांग्रेस ने जताई चिंता: ‘गुजरात बन रहा है कंजम्पशन हब’

कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है कि गुजरात अब ड्रग्स के उतरने (लैंडिंग) और उसकी खपत का केंद्र बनता जा रहा है। यहां तक कि खुलेआम गांजे की खेती के मामले भी सामने आ रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से सीधा सवाल किया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कितने लोग सड़क पर ड्रग्स बेचने वाले (पेडलर) हैं और कितने इस पूरे सिंडिकेट के असली मास्टरमाइंड हैं।

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