गुजरात के केशोद एयरपोर्ट पर अब बड़े विमानों की उड़ान की तैयारी जोर पकड़ चुकी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने यहां रनवे का विस्तार कर इसे 2500 मीटर लंबा बनाने का काम शुरू कर दिया है, ताकि एयरबस एबी-320 जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव हो सके। यह जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोळ ने 5 अगस्त 2025 को राज्यसभा में दी। वे यह जानकारी राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के प्रश्न के उत्तर में दे रहे थे, जो केशोद एयरपोर्ट के विस्तार संबंधी योजनाओं से जुड़ा था।
मंत्री के अनुसार, रनवे विस्तार परियोजना की अनुमानित लागत 190.56 करोड़ रुपये है और इसे 18 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस आधार पर जनवरी 2027 तक इस परियोजना के पूरे होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा AAI ने 364 करोड़ रुपये की लागत से केशोद एयरपोर्ट के समग्र विकास की योजना बनाई है, जिसमें 142.17 करोड़ रुपये की लागत से नया टर्मिनल भवन भी शामिल है। लगभग 6,500 वर्ग मीटर में बनने वाला यह टर्मिनल एक समय में 400 प्रस्थान करने वाले और 400 आगमन वाले यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा।
नए टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। टेंडर स्वीकृत होने के बाद 15 महीनों में इसका निर्माण कार्य पूरा किया जाना प्रस्तावित है। हालांकि इन परियोजनाओं की समयसीमा भूमि अधिग्रहण, आवश्यक अनुमतियों की उपलब्धता, वित्तीय व्यवस्थाएं आदि जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।
केशोद एयरपोर्ट के इस विस्तार की महत्ता को रेखांकित करते हुए सांसद परिमल नाथवानी ने कहा,
“बड़े विमानों के संचालन की सुविधा मिलने से दुनिया भर से वन्यजीव प्रेमियों के लिए गिर नेशनल पार्क आना और आसान हो जाएगा, जहां विश्व के एकमात्र एशियाई शेर पाए जाते हैं। वहीं सोमनाथ मंदिर भी द्वादश ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान रखता है। केशोद एयरपोर्ट से भगवान शिव के भक्तों को इस पवित्र स्थल तक अधिक सहजता से पहुंचने की सुविधा मिलेगी।”
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