लंदन के हैमरस्मिथ (Hammersmith) इलाके में पिछले डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय से चल रहा मशहूर भारतीय रेस्तरां ‘रंगरेज़’ (Rangrez) अगले महीने हमेशा के लिए बंद होने जा रहा है। रेस्तरां के मालिक हरमन सिंह कपूर ने भारी मन से यह जानकारी साझा की है। उन्होंने इस कड़े फैसले के पीछे आर्थिक तंगी, लगातार हो रहे उपद्रव और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को मुख्य वजह बताया है।
चुनौतियों के आगे झुका 16 साल का सफर
अपने बयान में कपूर ने लिखा, “16 कभी न भुलाए जा सकने वाले सालों के बाद, मैंने अगले महीने हैमरस्मिथ स्थित अपने रेस्तरां ‘रंगरेज़’ को बंद करने का मुश्किल फैसला लिया है।”
उन्होंने उन तमाम चुनौतियों का जिक्र किया जिनकी वजह से अब इस व्यवसाय को चलाना नामुमकिन हो गया था। उनका कहना था, “लगातार बढ़ती लागत, ऑनलाइन उत्पीड़न, पाकिस्तानियों द्वारा बार-बार किए जा रहे हमले व उपद्रव, और साथ ही मेट पुलिस (Met Police) से उचित मदद न मिल पाने के कारण अब इसे आगे बढ़ाना असंभव हो गया है।”
रेस्तरां बंद करने के बाद कपूर अब एक नई राह पर चलने की तैयारी में हैं। उन्होंने साफ किया कि अब वे अपना पूरा ध्यान सामाजिक सक्रियता (activism) पर लगाएंगे। कट्टरपंथियों को खुली चुनौती देते हुए उन्होंने कहा:
“कट्टरपंथी इस बात को अच्छी तरह याद रखें: आप मेरे व्यवसाय को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन मेरे हौसले को नहीं। अब मैं बिना किसी बंदिश के, और भी ज्यादा मजबूती के साथ तुम्हारे खिलाफ आ रहा हूं।”
यह रेस्तरां बंद होना सिर्फ एक बिजनेस का अंत नहीं है, बल्कि यह हरमन कपूर की निजी प्राथमिकताओं में एक बड़ा बदलाव भी है।
सोशल मीडिया पर लोगों का छलका दर्द
इस घोषणा के बाद इंटरनेट पर लोगों की भारी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने अपनी हमदर्दी जताते हुए रेस्तरां से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं।
एक यूजर ने लिखा, “यह सुनकर बहुत दुख हुआ हरमन। मुझे हैमरस्मिथ के रंगरेज़ में जाने का सौभाग्य मिला था और वहां का खाना बहुत लाजवाब था।”
वहीं कुछ लोगों ने मौजूदा सिस्टम पर भी सवाल उठाए। एक व्यक्ति ने टिप्पणी की, “आपके व्यवसाय के बंद होने की खबर सुनकर खेद है। यह सोचना भी कितना घिनौना लगता है कि हम किस लिए टैक्स चुकाते हैं?”
एक अन्य यूजर ने उनका हौसला बढ़ाते हुए लिखा, “आगे बढ़ते रहो, हम यह काम पूरा करके रहेंगे।”
कपूर ने इन सालों में मिले ग्राहकों के प्यार को भी याद किया और लिखा, “उन सभी सच्चे ग्राहकों का बहुत-बहुत शुक्रिया जिन्होंने इतने सालों तक हमारा साथ दिया। हम हमेशा आपके आभारी रहेंगे। धन्यवाद। टीम रंगरेज़। हरमन कपूर और परिवार।”
खालिस्तानी धमकियों का पुराना है विवाद
आपको बता दें कि कपूर और उनके रेस्तरां से जुड़ा यह तनाव कोई नया नहीं है। साल 2023 में उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर खालिस्तान आंदोलन की आलोचना की थी, जिसके बाद से ही उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगी थीं। कपूर के अनुसार, लंदन में भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) में हुई तोड़फोड़ की घटना के तुरंत बाद यह विवाद काफी बढ़ गया था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि खालिस्तान समर्थकों ने उनके रेस्तरां को निशाना बनाया और उनके परिवार को डराया-धमकाया। उस समय कपूर ने हताश होकर पूछा था, “क्या पुलिस के कार्रवाई करने के लिए हमारा मरना जरूरी है?”
उन्होंने बताया था कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं और दबाव डाला जा रहा था कि वे अपना वीडियो हटा लें और “खालिस्तान जिंदाबाद” तथा “हिंदुस्तान मुर्दाबाद” के नारे लगाएं।
पुलिस की कार्रवाई और अनसुलझे सवाल
दूसरी ओर, ब्रिटेन के अधिकारियों का कहना था कि पुलिस ने शिकायतकर्ता से बात की थी और सुरक्षा के जरूरी कदम उठाए थे। इन कदमों में निगरानी (CCTV) फुटेज की जांच करना और अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराना शामिल था।
हालांकि, कपूर का मानना है कि इन सब के बावजूद असली अपराधी कभी नहीं पकड़े गए और उनका परिवार लगातार खौफ के साये में जीने को मजबूर था। इन्हीं अनसुलझी चिंताओं और लगातार बढ़ते दबाव का ही नतीजा है कि 16 सालों तक लंदन में अपनी अलग पहचान बनाने वाला ‘रंगरेज़’ अब अपने सफर के अंत पर पहुंच गया है।
यह भी पढ़ें-
बॉलीवुड में भेदभाव पर बेबाक बोलने वाले दिग्गज अभिनेता गोविंद नामदेव कौन हैं?
AI के ‘फर्जी’ फैसलों पर गुजरात हाईकोर्ट सख्त: कहा- बिना पढ़े जजमेंट देना एक ‘चिंताजनक ट्रेंड’











