रूस में डॉलर, यूरो की जगह ले सकते हैं युआन, रुपया और लीरा

| Updated: August 13, 2022 11:06 am

रूस ( Russia )अपने वेल्थ फंड (Wealth fund ) के लिए चीन के युआन (China’s Yuan ) भारत के रुपये (Indian Rupee )और तुर्की के लीरा (Turkish Lira ) को एक बजट तंत्र के तहत खरीदने पर विचार कर रहा है। इससे इंधन की बिक्री से अतिरिक्त आमदनी होगी। बता दें कि लीरा तुर्की की मुद्रा है।

वहां के सेंट्रल बैंक( Central Bank ) ने शुक्रवार को अगले तीन वर्षों के लिए नीतिगत दृष्टिकोण पर एक रिपोर्ट में पहली बार मुद्राओं के संभावित मिश्रण का खुलासा किया। उसने कहा कि कुछ अधिक दिए बिना ही अन्य मुद्राओं को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, वेलबीइंग फंड (Wellbeing Fund) से 2025 तक घरेलू परियोजनाओं में भी “काफी मात्रा में निवेश” आ जाएगा, क्योंकि वे प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था (Economy) को बदली हुई परिस्थितियों के अनुकूल बनाने में मदद करने के लिए आवश्यक हैं।

यूक्रेन (Ukraine )के साथ जंग के कारण रूस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध (International Sanctions )लगे हुए हैं। ऐसे में यूरो और डॉलर में कारोबार ठप है। इसके मद्देनजर वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव (Finance Minister Anton Siluanov ) ने संकेत दिया है कि रूस वेलबीइंग फंड को बढ़ाने के लिए अन्य मुद्राओं की ओर रुख कर सकता है और संभवतः युआन में निवेश कर सकता है, क्योंकि इससे एशिया में व्यापार करना आसान होगा।

बैंक ऑफ रूस के गवर्नर एलविरा नबीउलीना (Bank of Russia Governor Elvira Nabiullina )ने तेल और गैस की बिक्री से होने वाली अप्रत्याशित आय का समर्थन करते हुए अस्थिर मुद्राओं volatile currencies का उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी भी दी है। केंद्रीय बैंक ने पहले ही सरकार से आग्रह किया था कि वह सरकारी कंपनियों को अपनी विदेशी मुद्रा के बदले उन देशों की मुद्राओं में कारोबार करने का आदेश दे, जो रूस के खिलाफ प्रतिबंधों में शामिल नहीं हैं।

वित्त मंत्रालय बजट नियम में बदलाव पर काम कर रहा है, जिसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के आदेश के बाद लगाए गए प्रतिबंधों पर स्थगित कर दिया गया था। यह रूस के “दोस्त देशों” की मुद्राओं में व्यापार की अनुमति देता है।

इंधन की बढ़ती कीमतों के कारण जुलाई 2019 के बाद से वेल्थ फंड में सबसे अधिक वृद्धि हुई, जिसमें मई में सर्वाधिक रही। लेकिन पिछले महीने यह गिरकर 200 बिलियन डॉलर से भई कम हो गया। ऐसे में युआन-रूबल ट्रेडिंग पिछले महीने मॉस्को एक्सचेंज (Moscow Exchange )में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।

रूस में निवेश के लिए यह बेहतरीन मौका – मनसुख मंडाविया

Your email address will not be published.