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इमिग्रेशन नीति के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के बीच लॉस एंजेलिस में तैनात किए जाएंगे 700 अमेरिकी मरीन

| Updated: June 10, 2025 12:06

ट्रंप की इमिग्रेशन नीति के खिलाफ चौथे दिन भी जारी प्रदर्शनों के बीच कैलिफोर्निया में बढ़ी सैन्य तैनाती, राज्य सरकार ने उठाए कानूनी सवाल।

लॉस एंजेलिस – राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन प्रवर्तन नीतियों के खिलाफ लगातार चौथे दिन जारी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी सेना ने सोमवार से लॉस एंजेलिस में अस्थायी रूप से 700 मरीन जवानों की तैनाती का फैसला किया है। यह कदम पहले से तैनात नेशनल गार्ड बलों को समर्थन देने के लिए उठाया गया है।

प्रदर्शनों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने अतिरिक्त 2,000 नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है, जिससे कुल संख्या बुधवार तक 4,000 से अधिक हो सकती है। हालांकि, पेंटागन ने अब तक इन्सरेक्शन एक्ट (विद्रोह अधिनियम) को लागू नहीं किया है, जो सेना को सीधे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी देने की अनुमति देता है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “एक बटालियन भेजी जाएगी, लेकिन फिलहाल इन्सरेक्शन एक्ट लागू किए जाने की कोई योजना नहीं है। स्थिति लगातार बदल रही है।”

गवर्नर गेविन न्यूज़म ने उठाए सवाल

कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूज़म ने इस तैनाती की आलोचना करते हुए कहा कि घोषित किए गए 2,000 सैनिकों में से अब तक केवल 300 ही मैदान में हैं, जबकि बाकी “बिना आदेश के संघीय इमारतों में बैठे हैं।”

न्यूज़म ने सोशल मीडिया पर लिखा, “पहले 2,000? उन्हें न खाना दिया गया, न पानी। यह जन सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक खतरनाक राष्ट्रपति की ego को संतुष्ट करने के लिए किया गया है। यह लापरवाही है, बेकार है और हमारे सैनिकों का अपमान है।”

यह घरेलू असंतोष के खिलाफ हाल के वर्षों में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य प्रतिक्रियाओं में से एक है। रविवार को करीब 300 कैलिफोर्निया नेशनल गार्ड के जवानों को लॉस एंजेलिस में तैनात किया गया था, जब विरोध प्रदर्शन अपने चरम पर पहुंच गया था। ये तैनाती संघीय आदेशों के तहत की गई, लेकिन इससे राज्य और संघीय सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। नेशनल गार्ड अमेरिका में संघ और राज्य दोनों के नियंत्रण में होता है।

ट्रंप प्रशासन पर मुकदमा

कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रोब बॉन्टा ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। बॉन्टा ने इस तैनाती को “अवैध और राज्य की संप्रभुता पर हमला” करार दिया।

उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रपति द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग और कैलिफोर्निया के नेशनल गार्ड जवानों की अवैध तैनाती को गंभीरता से लेते हैं।”

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप की नई इमिग्रेशन कार्रवाई—जैसे बड़े पैमाने पर वर्कप्लेस रेड और त्वरित निर्वासन आदेश—के खिलाफ सड़कों पर उतरना जारी रखा है। बढ़ती सैन्य मौजूदगी ने स्थानीय नागरिकों के बीच डर और असंतोष पैदा किया है, जो इसे असहमति को दबाने की कोशिश मान रहे हैं।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने सोमवार को कहा, “अगर हमने गार्ड नहीं भेजा होता, तो शहर पूरी तरह तबाह हो जाता।”

पेंटागन के प्रवक्ता के अनुसार, लॉस एंजेलिस में विरोध प्रदर्शनों के जवाब में ट्रंप ने 2,000 अतिरिक्त नेशनल गार्ड सदस्यों की तैनाती की अनुमति दे दी है। इस आदेश के बाद कुल 4,100 से अधिक सैनिक अब संघीय नियंत्रण में तैनात किए जा चुके हैं।

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