गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में टोरेंट ग्रुप द्वारा स्थापित ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का उद्घाटन किया। यह प्रोजेक्ट टोरेंट पावर और टोरेंट गैस की साझेदारी में विकसित किया गया है।
टोरेंट पावर ने इस ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट की स्थापना 72 TPA वार्षिक उत्पादन क्षमता के साथ की है। यहां तैयार होने वाला ग्रीन हाइड्रोजन, टोरेंट गैस की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में नैचुरल गैस के साथ मिलाकर (2 प्रतिशत तक) सप्लाई किया जाएगा। यह मिश्रित गैस घरेलू रसोईघरों, सीएनजी स्टेशनों और क्षेत्र की विभिन्न इंडस्ट्रीज तक पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पहुंचेगी।
उत्तर प्रदेश का पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट
गोरखपुर का यह ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट उत्तर प्रदेश का पहला है और देश के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन एवं नैचुरल गैस ब्लेंडिंग प्रोजेक्ट भी है।
टोरेंट गैस को पेट्रोलियम और नैचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) द्वारा गोरखपुर, संत कबीरनगर और कुशीनगर जिलों में सीएनजी और पीएनजी आपूर्ति की अनुमति मिली हुई है। कंपनी अब तक 32 सीएनजी स्टेशन स्थापित कर चुकी है और 12,000 से अधिक घरों तथा 73 इंडस्ट्रीज और कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों को गैस सप्लाई कर रही है। आने वाले समय में टोरेंट गैस इस नेटवर्क का और विस्तार करेगी।
ग्रीन हाइड्रोजन क्यों है खास?
ग्रीन हाइड्रोजन, पानी के इलेक्ट्रोलिसिस के जरिए सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा या हाइड्रो पावर जैसी नवीकरणीय ऊर्जा से तैयार किया जाता है। यह जीवाश्म ईंधन से बनने वाले हाइड्रोजन की तुलना में पूरी तरह स्वच्छ होता है क्योंकि इसमें कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। इसे नैचुरल गैस के साथ मिलाने से कार्बन फुटप्रिंट घटता है और पहले से मौजूद गैस नेटवर्क का बेहतर उपयोग होता है।
सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान
उद्घाटन समारोह में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा— “देश में ग्रीन हाइड्रोजन का सतत उत्पादन नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन 2030 का अहम हिस्सा है। उत्तर प्रदेश ने 1 एमएमटीपीए (mmtpa) ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए विशेष नीति बनाई है। ग्रीन हाइड्रोजन, नैचुरल गैस के साथ मिश्रण होकर अब सीधे लोगों की रसोई और वाहनों तक पहुंचेगा। यह राज्य की जनता के लिए सुविधाजनक, सुरक्षित और किफायती ऊर्जा समाधान साबित होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर में पीएनजी की उपलब्धता से खासकर गृहिणियों को बड़ी राहत मिली है और सीएनजी के उपयोग ने प्रदूषण कम करने और लागत बचाने में अहम भूमिका निभाई है।
टोरेंट ग्रुप का विज़न
टोरेंट ग्रुप के निदेशक जिनल मेहता ने कहा— “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संक्रमण और नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के विज़न को साकार करने में टोरेंट ग्रुप अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गोरखपुर में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का शुभारंभ और इसका टोरेंट गैस नेटवर्क से जुड़ना हमारे दीर्घकालिक लक्ष्य की पहली कड़ी है। इससे देश को नेट ज़ीरो लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी और उद्योगों तथा परिवहन क्षेत्र में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा।”
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया।
टोरेंट ग्रुप का परिचय
टोरेंट ग्रुप लगभग 45,000 करोड़ रुपये (5.2 बिलियन डॉलर) के वार्षिक राजस्व और 2 लाख करोड़ रुपये (23 बिलियन डॉलर) से अधिक के मार्केट कैप वाला समूह है। इसकी उपस्थिति फ़ार्मास्यूटिकल्स, पावर, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में है। हाल ही में कंपनी ने इलेक्ट्रिकल्स और डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र में भी कदम रखा है।
- टोरेंट फार्मा: कार्डियोवैस्कुलर, गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल, सेंट्रल नर्वस सिस्टम और कॉस्मो-डर्मेटोलॉजी सेगमेंट में प्रमुख भूमिका निभा रही है, और 50 से अधिक देशों में इसकी उपस्थिति है।
- टोरेंट पावर: भारत की सबसे बड़ी निजी कंपनियों में से एक है, जो पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन में सक्रिय है। वर्तमान में इसके पास लगभग 8 GWp की लॉक्ड-इन क्षमता है।
- टोरेंट गैस: देश की अग्रणी सीजीडी (CGD) कंपनियों में से एक है, जिसे 7 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश (पुडुचेरी) के 34 जिलों में सीएनजी व पीएनजी नेटवर्क स्थापित करने की अनुमति मिली है।
यह भी पढ़ें- AAP को गुजरात में बड़ा झटका: 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं संग कई दिग्गज नेता कांग्रेस में शामिल











