India AI Impact Summit 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन ने Jio Intelligence के जरिए देश के हर नागरिक तक सस्ती AI तकनीक पहुंचाने का रोडमैप पेश किया।
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश डी. अंबानी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ को संबोधित करते हुए भारत के तकनीकी इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत की। ‘AI for VIKSIT BHARAT’ (विकसित भारत के लिए एआई) थीम पर आधारित इस ग्लोबल समिट में उन्होंने घोषणा की कि रिलायंस और Jio मिलकर अगले सात वर्षों में AI के क्षेत्र में ₹10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि 21वीं सदी में भारत दुनिया की सबसे बड़ी AI शक्तियों में से एक बनकर उभरेगा।
Jio Intelligence: इंटरनेट के बाद अब ‘इंटेलिजेंस एरा’ की तैयारी
समिट को संबोधित करते हुए अंबानी ने कहा कि जिस तरह Jio ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा था, उसी तरह अब यह देश को ‘इंटेलिजेंस युग’ से जोड़ेगा। उन्होंने तीन प्रमुख घोषणाएं कीं:
- किफायती इंटेलिजेंस: Jio देश के हर नागरिक, अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर और सरकार की हर सेवा तक रिलायंस की विश्वसनीयता और किफायती दरों के साथ इंटेलिजेंस पहुंचाएगा। अंबानी ने कहा, “भारत इंटेलिजेंस किराए पर लेने का जोखिम नहीं उठा सकता, इसलिए हम डेटा की तरह ही इंटेलिजेंस की लागत को भी कम करेंगे।”
- ₹10 लाख करोड़ का निवेश: रिलायंस समूह इसी साल से शुरू होकर अगले 7 सालों तक 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इसे उन्होंने वैल्युएशन के लिए नहीं, बल्कि देश निर्माण के लिए ‘अनुशासित पूंजी’ बताया।
- सॉवरेन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर: AI की सबसे बड़ी बाधा कंप्यूटिंग की कमी और उच्च लागत को दूर करने के लिए Jio तीन बड़े कदम उठा रहा है:
- जामनगर में मल्टी-गीगावाट, AI-रेडी डेटा सेंटर का निर्माण शुरू हो गया है, जिसका 120 MW हिस्सा 2026 की दूसरी छमाही तक चालू हो जाएगा।
- कच्छ और आंध्र प्रदेश में सोलर आधारित 10 GW ग्रीन एनर्जी का सरप्लस।
- एक राष्ट्रव्यापी ‘एज-कंप्यूट’ नेटवर्क, जो AI को गांव के किराना स्टोर से लेकर क्लिनिक तक लो-लेटेंसी के साथ पहुंचाएगा।
AI है आधुनिक काल का ‘अक्षय पात्र’
मुकेश अंबानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तुलना महाभारत के ‘अक्षय पात्र’ से की, जो कभी खाली नहीं होता। उन्होंने कहा कि AI ज्ञान, दक्षता और उत्पादकता में असीमित वृद्धि प्रदान करता है। उन्होंने ग्लोबल नॉर्थ में AI के केंद्रीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत एक ऐसे भविष्य में विश्वास रखता है जहां AI सभी के लिए उपलब्ध, किफायती और फायदेमंद हो।
Jio Intelligence के 5 गैर-समझौतावादी सिद्धांत
अंबानी ने स्पष्ट किया कि Jio Intelligence पांच प्रमुख सिद्धांतों पर काम करेगा:
- कृषि, छोटे व्यवसायों और अनौपचारिक क्षेत्रों तक उत्पादकता बढ़ाने के लिए डीप-टेक लीडरशिप।
- विश्व स्तरीय बहुभाषी AI क्षमता। उन्होंने कहा, “Jio AI भारत की भाषा में बोलेगा, भारत की संस्कृति में फूलेगा, भारत की मिट्टी में फलेगा।”
- जिम्मेदारी, सुरक्षा, डेटा रेजीडेंसी और ट्रस्ट की गारंटी।
- AI नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि हाई-स्किल काम के नए अवसर पैदा करेगा।
- IITs, IISc, रिसर्च संस्थानों और स्टार्टअप्स के साथ मिलकर एक मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के लिए Jio के नए AI टूल्स
अंबानी ने बताया कि Jio ने समावेशी विकास के लिए AI एप्लिकेशन शुरू कर दिए हैं:
- JioShikshak: 22 भाषाओं में एक अडैप्टिव AI टीचिंग असिस्टेंट।
- Jio ArogyaAI: किसी भी फोन पर, स्थानीय भाषा में 5 मिनट के भीतर प्राथमिक चिकित्सा मार्गदर्शन।
- JioKrishi: 14 करोड़ किसानों की आय बढ़ाने के लिए सैटेलाइट इमेजरी आधारित वॉयस-फर्स्ट सलाह।
- JioBharatIQ: हर भारतीय का वॉयस-फर्स्ट AI साथी जो सीखने, कमाने और सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में मदद करेगा।
- JioFrames: एक नेक्स्ट-जेनरेशन AI ग्लास डिवाइस।
- JioHotstar: मल्टीलिंगुअल स्टोरीटेलिंग के जरिए भारतीय रचनात्मकता को बढ़ाने वाला टूल।
अपने संबोधन के अंत में अंबानी ने कहा कि AI को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए ध्रुवीकरण की नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है। भारत ग्लोबल साउथ और ग्लोबल नॉर्थ को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण पुल के रूप में काम करेगा।
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