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अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरत: H-1B वीजा और महंगे घरों को लेकर हुए विवाद पर CEO नीतीश कन्नन का करारा जवाब

| Updated: February 20, 2026 12:45

अमेरिका में महंगे घर खरीदने पर तेलुगु समुदाय और H-1B वीजा धारकों पर उठे सवालों का CEO नीतीश कन्नन ने दिया मुंहतोड़ जवाब; कहा- "हमने करोड़ों डॉलर का टैक्स चुकाया है।"

सोशल मीडिया पर इन दिनों अमेरिका में रहने वाले भारतीयों और H-1B वीजा धारकों के खिलाफ एक नफरत भरा अभियान (Hate Campaign) चलाया जा रहा है। कुछ लोग भारतीय सोशल मीडिया समूहों के स्क्रीनशॉट साझा करके निशाना साध रहे हैं। इसी बीच, पेमेंट ऐप के सीईओ नीतीश कन्नन (Nitish Kannan) ने इस नफरत का मुंहतोड़ जवाब दिया है।

कन्नन ने स्पष्ट किया कि उनके 15 चचेरे भाई H-1B वीजा पर अमेरिका आए थे और उन सभी ने ‘करोड़ों डॉलर’ (tens of millions of dollars) का टैक्स चुकाया है। दरअसल, उनका यह बयान टेक्सास के एक व्यक्ति द्वारा तेलुगु समुदाय का अपमान करने वाली एक पोस्ट के जवाब में आया है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये लोग धोखाधड़ी करके अमेरिका आते हैं।

कहां से शुरू हुआ विवाद?

इस पूरे विवाद की शुरुआत एक भारतीय (देसी) व्यक्ति की पोस्ट से हुई, जो 1 मिलियन से 2 मिलियन डॉलर (लगभग 8 से 16 करोड़ रुपये) के बीच एक नई आवासीय संपत्ति खरीदना चाहता था। फेसबुक ग्रुप से लिए गए एक स्क्रीनशॉट में लिखा था, “मैं एक नया घर खरीदने की योजना बना रहा हूं और ‘फ्रिस्को’ (Frisco) या ‘प्रोस्पर’ (Prosper) में बेहतरीन कम्युनिटी की तलाश कर रहा हूं। मेरा बजट 1 मिलियन डॉलर से 2 मिलियन डॉलर के बीच है। कृपया सुझाव दें।”

इस पोस्ट को शेयर करते हुए टेक्सास के एक स्थानीय नागरिक ने तंज कसा: “तेलुगु बनो, तेलुगु भाषी क्षेत्रों में 20 रिश्तेदारों के साथ एक झोपड़ी में रहो — फिर H-1B लॉटरी जीतो, फर्जी दस्तावेजों के जरिए अमेरिका आओ और अचानक 1 से 2 मिलियन डॉलर का एकदम नया घर खरीदने के काबिल बन जाओ। यह कैसे संभव है।”

नीतीश कन्नन ने दिया तथ्यों के साथ जवाब

नीतीश कन्नन ने इस नस्लीय टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पूछा कि अगर कोई भारतीय अपनी मेहनत की कमाई से प्रॉपर्टी खरीदना चाहता है, तो इसमें गलत क्या है? उन्होंने समझाया कि H-1B वीजा धारक सालाना छह अंकों (Six figures) की शानदार सैलरी कमाते हैं।

कन्नन ने लिखा, “वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि टेक जॉब्स में काम करने वाला हर H-1B वीजा धारक सालाना छह अंकों की कमाई करता है। किसी ने भी आपको टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नौकरी पाने, पढ़ाई करने या कड़ी मेहनत करने से नहीं रोका है।”

उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए आगे कहा, “मेरे 15 कजिन (चचेरे भाई) H-1B वीजा पर यहां आए थे और वे सभी छह या सात अंकों (six or seven figures) में कमाते हैं। उन सभी के पास अपने घर हैं और वे यहां के नागरिक बन चुके हैं। मेरा 100% परिवार करोड़पति (Multimillionaires) है, उनके पास कई घर हैं और उन्होंने टैक्स के रूप में करोड़ों डॉलर का भुगतान किया है।”

“अमेरिकियों को भी पैसे कमाने से किसी ने नहीं रोका”

भारतीयों पर हो रहे इस अनुचित हमले का विरोध करते हुए कन्नन ने कहा कि अमेरिकियों को भी व्यवसाय करने और पैसे कमाने की पूरी आजादी है। उन्होंने आलोचकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “आपको जाहिर तौर पर कोई अंदाजा नहीं है। आप लोग जाकर कई सारे मोटेल (motels) क्यों नहीं खरीद लेते? आप उनका प्रबंधन क्यों नहीं करते? आपको ऐसा करने से किसी ने नहीं रोका है। सचमुच कोई नहीं रोक रहा। अभी ‘लूप नेट’ (loop net) पर जाएं और उन्हें खरीदें।”

उन्होंने अपनी बात में जोर देते हुए आगे लिखा, “जाओ, SBA लोन (SBA loan) के लिए आवेदन करो और एक मोटेल खरीदो। आपको कौन रोक रहा है? आप किस बात की शिकायत कर रहे हैं? अमेरिका में बिक्री के लिए हजारों होटल उपलब्ध हैं, सचमुच हजारों।”

अंत में कन्नन ने स्पष्ट किया, “किसी को भी टेक कंपनी शुरू करने, फंड जुटाने या लोगों को काम पर रखने से नहीं रोका जा रहा है। श्वेत लोगों (White people) का भी ऐसा करने के लिए स्वागत है और वे पहले से ऐसा करते भी आ रहे हैं।”

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