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इंडिया AI इम्पैक्ट समिट: एपस्टीन विवाद के बीच बिल गेट्स नहीं देंगे की-नोट एड्रेस

| Updated: February 20, 2026 13:14

एपस्टीन विवाद का असर: बिल गेट्स ने 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' से नाम वापस लिया, अब गेट्स फाउंडेशन के अंकुर वोरा करेंगे प्रतिनिधित्व।

नई दिल्ली: राजधानी में चल रहे प्रतिष्ठित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ (India AI Impact Summit) में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जेफरी एपस्टीन फाइलों में नाम सामने आने के बाद उठे विवाद के बीच, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने आज इस समिट में अपना मुख्य भाषण (की-नोट एड्रेस) नहीं देने का फैसला किया है। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने आज सुबह इसकी आधिकारिक पुष्टि की।

फाउंडेशन ने बताया कि अब इस महत्वपूर्ण आयोजन में अफ्रीका और इंडिया ऑफिस के अध्यक्ष अंकुर वोरा उनका प्रतिनिधित्व करेंगे और आज ही अपना संबोधन देंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर फाउंडेशन ने स्पष्ट किया, “गंभीरता से विचार करने के बाद और यह सुनिश्चित करने के लिए कि एआई समिट का मुख्य फोकस अपने तय एजेंडे पर ही रहे, श्री गेट्स अपना की-नोट एड्रेस नहीं देंगे।” हालांकि, संस्था ने यह भी दोहराया कि वे भारत में स्वास्थ्य और विकास से जुड़े अपने साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

वक्ताओं की सूची से हटा था नाम, सरकार का रुख स्पष्ट

मंगलवार सुबह समिट के प्रमुख प्रतिभागियों की सूची से बिल गेट्स का नाम अचानक गायब हो गया था। उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सरकार “एपस्टीन के पीड़ितों के साथ खड़ी रहना चाहती है।” हालांकि, कल रात जारी हुए संशोधित एजेंडे में गेट्स का नाम फिर से दिखाई दिया था।

सूत्रों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि समिट का पूरा ध्यान सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर होने वाली चर्चाओं पर केंद्रित रहे और किसी भी अन्य विवाद से इस आयोजन की अहमियत कम न हो।

एआई इम्पैक्ट समिट की मुख्य बातें:

सोमवार को शुरू हुआ यह समिट भारत का अब तक का सबसे बड़ा एआई आयोजन है। यह एआई पर केंद्रित चौथा वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है।

  • पिछली बैठकें: यूके (2023), दक्षिण कोरिया (2024), और फ्रांस (2025)।
  • प्रतिभागी: 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 500 से अधिक ग्लोबल एआई लीडर्स।
  • दिग्गजों का जमावड़ा: इस समिट में दुनिया भर के लगभग 100 सीईओ और संस्थापकों ने हिस्सा लिया है।

एपस्टीन फाइलों का विवाद क्या है?

पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग (US Justice Department) द्वारा जारी किए गए जेफरी एपस्टीन के दस्तावेजों में बिल गेट्स का नाम सामने आया था। 2019 में एक अमेरिकी जेल में आत्महत्या करने वाले दोषी यौन अपराधी एपस्टीन के एक ड्राफ्ट ईमेल में गेट्स को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

उस अघोषित ईमेल में दावा किया गया था कि गेट्स के विवाहेतर संबंध थे। एपस्टीन ने लिखा था कि गेट्स के साथ उसका रिश्ता “रूसी लड़कियों के साथ संबंधों के बाद पैदा हुए हालातों से निपटने के लिए ड्रग्स मुहैया कराने” से लेकर “शादीशुदा महिलाओं के साथ अवैध मुलाकातों” में मदद करने तक का था।

बिल गेट्स का पक्ष और स्पष्टीकरण

बिल गेट्स ने एपस्टीन के साथ बिताए गए समय को लेकर गहरा अफसोस जताया है। इसी महीने ‘9News Australia’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने उसके साथ जो भी समय (हर एक मिनट) बिताया, मुझे उस पर पछतावा है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।”

उन विवादित दावों को सिरे से खारिज करते हुए गेट्स ने कहा:

“वह ईमेल कभी भेजा ही नहीं गया था। वह ईमेल पूरी तरह से झूठा है। मुझे नहीं पता कि उसकी (एपस्टीन की) सोच क्या थी। क्या वह किसी तरह से मुझ पर हमला करने की कोशिश कर रहा था?”

उन्होंने आगे बताया कि उनकी एपस्टीन से पहली मुलाकात 2011 में हुई थी। अगले तीन वर्षों के दौरान उन्होंने उसके साथ कुछ बार डिनर किया, लेकिन वह न तो कभी एपस्टीन के कैरेबियाई द्वीप पर गए और न ही महिलाओं के साथ उनके कोई संबंध थे।

गेट्स के मुताबिक, एपस्टीन कई बेहद अमीर लोगों को जानता था और उसका दावा था कि वह वैश्विक स्वास्थ्य (Global Health) के लिए उनसे चंदा दिला सकता है। लेकिन गेट्स ने माना कि बाद में वह रास्ता बिल्कुल बेकार साबित हुआ।

प्रवक्ता का बयान

लाखों दस्तावेजों की इस नई खेप के सामने आने के बाद गेट्स के एक प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा, “ये दस्तावेज सिर्फ इस बात को दर्शाते हैं कि एपस्टीन इस बात से निराश था कि गेट्स के साथ उसके कोई निरंतर संबंध नहीं बन पाए, और वह उन्हें फंसाने और बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था।”

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