पश्चिम बंगाल के आसनसोल से एक बेहद ही शर्मनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान को 10 साल की नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह बच्ची आवासीय क्वार्टर के पास कच्चे आम तोड़ने गई थी।
इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने सड़क जाम कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
घटना रविवार दोपहर की है। यह पश्चिम बर्दवान जिले के लाल बाजार इलाके में स्थित CISF कैंप के पास घटी। स्थानीय लोगों के अनुसार, पांच और दस साल की दो बच्चियां कच्चे आम तोड़ने के लिए कैंप के आवासीय क्वार्टर के पास गई हुई थीं।
इसी दौरान 40 वर्षीय आरोपी जवान रमाकांत विश्वकर्मा वहां पहुंच गया। उसने मासूम बच्चियों को और ज्यादा आम देने का लालच दिया। इसके बाद वह दोनों को अपनी स्कूटी पर बैठाकर पास के ही एक दूसरे क्वार्टर में ले गया।
आरोपी ने पांच साल की छोटी बच्ची को क्वार्टर के बाहर ही रुकने को कहा। वहीं, 10 साल की बड़ी बच्ची को वह अपने साथ अंदर ले गया, जहां उसने मासूम के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश की। बच्ची के शोर मचाने पर आरोपी घबरा गया और अपनी स्कूटी पर सवार होकर मौके से फरार हो गया।
जैसे ही यह खबर इलाके में फैली, गुस्साए स्थानीय लोग CISF कैंप के बाहर जमा हो गए और तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। आक्रोशित लोगों ने शीतलपुर गेट नंबर 3 पर सड़क जाम कर दी। उनका कहना था कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस मामले में पीड़िता के पिता ने स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ट्रेड यूनियन नेता रतन मसीह के साथ मिलकर सांकतोड़िया आउटपोस्ट में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। स्थानीय टीएमसी नेता चंदन आचार्य ने बताया कि घटना के बाद इलाके में तनाव काफी बढ़ गया था, लेकिन पुलिस की तत्परता और तुरंत गिरफ्तारी से स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सका।
अधिकारियों ने इस बात की भी स्पष्ट रूप से पुष्टि की है कि आरोपी जवान की ड्यूटी चुनाव से संबंधित किसी भी काम में नहीं लगी थी। वह इस इलाके की कोयला खदानों में अपनी नियमित तैनाती पर था। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की आगे की गहन जांच में जुटी हुई है।
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