गुजरात के वडोदरा में एक आम से दिखने वाले रिहायशी फ्लैट के अंदर एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंजलपुर इलाके में स्थित इस फ्लैट का इस्तेमाल न्यूड वीडियो कॉल सेंटर चलाने के लिए किया जा रहा था। इस गोरखधंधे में युवतियों को काम पर रखा गया था, जो पैसे देने वाले ग्राहकों के सामने कैमरे पर अश्लील हरकतें करती थीं। पुलिस ने इस अवैध रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 26 वर्षीय मुख्य आरोपी मनीष पढीयार को गिरफ्तार कर लिया है।
यह आरोपी पिछले करीब एक साल से इस पूरे नेटवर्क को चला रहा था। पुलिस को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर मंजलपुर पुलिस ने दरबार चौकड़ी के पास स्थित इस फ्लैट पर छापा मारा। जांच में सामने आया है कि मनीष ने 19 से 21 साल की उम्र की कई युवा लड़कियों को इस काम के लिए रखा हुआ था। इन सभी लड़कियों को ‘स्ट्रिपचैट’ (Stripchat) नामक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों के सामने पेश किया जाता था।
मंजलपुर के पुलिस इंस्पेक्टर किरीट चौधरी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही कोई ग्राहक ऑनलाइन भुगतान करता था, लड़कियों में से कोई एक वीडियो कॉल से जुड़ जाती थी और कैमरे के सामने न्यूड होती थी। इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब पुलिस के हाथ इनका एक वीडियो लग गया और पुलिस की टीम ने उसके स्रोत की तहकीकात शुरू की।
जांच की कड़ियां पुलिस को सीधे मनीष पढीयार तक ले गईं। पूछताछ में पता चला है कि इस काले कारोबार का पूरा सेटअप तैयार करने से पहले उसने इंटरनेट पर बहुत गहरी रिसर्च की थी। मनीष केवल 10वीं पास है और इससे पहले वह एक ट्रैवल एजेंसी में काम करता था, जहां उसका मुख्य काम संभावित ग्राहकों को कॉल करना होता था। करीब दो साल पहले उसकी नौकरी छूट गई थी। बेरोजगारी के उस दौर में जल्दी और ज्यादा पैसा कमाने की चाहत में उसने इस न्यूड वीडियो कॉल सेंटर को शुरू करने की साजिश रची।
इंस्पेक्टर चौधरी के अनुसार, आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने इस अवैध काम को अंजाम देने के लिए बाकायदा एक फ्लैट खरीदा था, जहां से ये सभी वीडियो कॉल संचालित की जाती थीं। मनीष शादीशुदा है और उसी इलाके के एक दूसरे फ्लैट में अपने परिवार के साथ रहता है। जांच अधिकारियों ने अब तक उन चार महिलाओं की पहचान कर ली है जो उसके लिए काम करती थीं। इसके अलावा इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या इस रैकेट में कुछ और लोग भी शामिल हैं।
पुलिस की जांच में यह भी साफ हुआ है कि इस प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों से वसूले जाने वाली रकम वीडियो कॉल के समय के हिसाब से तय होती थी। कॉल जितनी लंबी होती थी, पैसे उतने ही ज्यादा लिए जाते थे। सब्सक्रिप्शन और कॉल से होने वाली इस पूरी कमाई को मनीष और उन युवतियों के बीच बांटा जाता था।
फिलहाल, पुलिस ने मनीष पढीयार के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही इस गिरोह के वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल अन्य संभावित चेहरों की तलाश के लिए पुलिस की जांच लगातार जारी है।
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