भारत की सबसे बड़ी और तेजी से उभरती रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई वित्तीय वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1) में अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। कंपनी की ऊर्जा बिक्री में सालाना आधार पर 32 प्रतिशत की जबर्दस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो 25.8 अरब यूनिट (25,747 एमयू) तक पहुंच गई है।
इस मजबूत बिक्री और क्षमता विस्तार के दम पर पहली छमाही में कंपनी का एबिटा (EBITDA) 41 प्रतिशत बढ़कर 7,957 करोड़ रुपये हो गया है।
कंपनी के वित्तीय नतीजे लगातार मजबूत हो रहे हैं। दूसरी तिमाही (Q2) में बिजली आपूर्ति से एबिटा 51 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि के साथ 3,835 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
बिजली आपूर्ति से होने वाले राजस्व में भी भारी उछाल देखने को मिला है, जो पहली छमाही में 36 प्रतिशत बढ़कर 8,299 करोड़ रुपये और दूसरी तिमाही में 45 प्रतिशत बढ़कर 4,019 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा, नकद मुनाफा (कैश प्रॉफिट) भी छमाही आधार पर 35 प्रतिशत बढ़कर 4,176 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
ऊर्जा उत्पादन क्षमता के मोर्चे पर एजीईएल ने 24 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 20.8 गीगावॉट की कुल परिचालन क्षमता हासिल कर ली है, जो इस क्षेत्र में उसके नेतृत्व को और मजबूत करता है। कंपनी ने दूसरी तिमाही में 3.08 गीगावॉट-घंटे (3,081 मेगावॉट-घंटे) की नई बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) क्षमता जोड़ी है।
इसके साथ ही कंपनी की कुल बीईएसएस क्षमता 6.63 गीगावॉट-घंटे हो गई है, जो भारत की कुल परिचालन बैटरी भंडारण क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है।
कंपनी के सीईओ आशीष खन्ना ने इस प्रदर्शन पर गर्व जताते हुए कहा कि परिचालन क्षमता और बिक्री में यह वृद्धि हाइब्रिड, सौर और पवन ऊर्जा संपत्तियों के बेहतरीन संचालन को दर्शाती है। गुजरात के खावड़ा में नई स्टोरेज क्षमता के जुड़ने से यह दुनिया की एक ही स्थान पर स्थित सबसे बड़ी बीईएसएस (BESS) स्थापना बन गई है।
पेरिस शहर से पांच गुना बड़े आकार (538 वर्ग किलोमीटर) वाले इस खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट में कुल परिचालन क्षमता बढ़कर 10.8 गीगावॉट (10,752 मेगावॉट) हो गई है। उन्नत तकनीक और बेजोड़ संचालन के चलते कंपनी का एबिटा मार्जिन 93 प्रतिशत के उद्योग-अग्रणी स्तर पर बना हुआ है।
भविष्य के विकास को गति देने के लिए एजीईएल ने अपनी पूंजीगत व्यय (Capex) योजना को भी आक्रामक रूप से आगे बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने 17,160 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 38 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी अपनी क्षमता का तेजी से विस्तार कर रही है और वर्ष 2030 तक 50 गीगावॉट उत्पादन क्षमता के विशाल लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में बिल्कुल सही राह पर है।
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