चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में शुक्रवार को आए 7.0 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस भयानक प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 16 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों का आंकड़ा बढ़कर 65 तक पहुंच गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 12,489 से अधिक स्थानीय निवासियों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, घायलों में 11 लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और 21 अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। भूकंप के तेज झटकों के कारण कम से कम 339 घर पूरी तरह से ढह गए हैं या उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 20 पशु शेड भी मलबे में तब्दील हो गए हैं। संबंधित विभाग फिलहाल मलबे में तब्दील हुए मकानों और नुकसान का विस्तृत आकलन करने में जुटे हुए हैं।
प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए स्थानीय काउंटी से 1,600 से अधिक लोगों की टीम तैनात की गई है। इसके साथ ही ट्रैफिक और सामुदायिक पुलिस कर्मियों सहित 300 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों को सीधे भूकंप के केंद्र में भेजा गया है। ये अधिकारी क्षतिग्रस्त घरों की जांच करने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम मुस्तैदी से कर रहे हैं।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर की सुबह तक भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर राहत सामग्री पहुंचना शुरू हो गई है। इनमें 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड घर, 3,200 से अधिक टेंट और 2,800 से ज्यादा फोल्डिंग बेड शामिल हैं। इसके अलावा बेघर हुए लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए रजाई, स्टोव, सर्दियों के कपड़े और फ्लैशलाइट जैसी जरूरी चीजें भी लगातार बांटी जा रही हैं।
भूकंप के कारण इलाके के यातायात और बुनियादी ढांचे पर भी व्यापक असर पड़ा है। नेशनल हाईवे 317 पर चट्टानें गिरने के कारण इसे आम यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। फिलहाल मलबा हटाने का काम चल रहा है और इस मार्ग से सिर्फ आपातकालीन, बचाव और आधिकारिक वाहनों को ही गुजरने की अनुमति दी गई है। वहीं, प्रभावित इलाकों से गुजरने वाली ट्रेन सेवाओं को पहले एहतियातन रोक दिया गया था, हालांकि शुक्रवार सुबह से छिंगहई-तिब्बत रेलवे ट्रैक पर यात्री ट्रेनों को कम गति के साथ फिर से शुरू कर दिया गया है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, यह भूकंप भारतीय समयानुसार रात 20:03:43 बजे आया था। इसका केंद्र 173 किलोमीटर की गहराई में 32.368 उत्तरी अक्षांश और 93.853 पूर्वी देशांतर पर स्थित था।
इस भयानक त्रासदी के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में अपनी पूरी ताकत झोंकने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने लापता लोगों की तलाश तेज करने और घायलों को तत्काल सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने पर जोर दिया है, ताकि हताहतों की संख्या को कम से कम रखा जा सके।
यह भी पढ़ें-
1 जनवरी 2027 से बिना सिम कार्ड के नहीं चलेंगे WhatsApp और Telegram, जानिए वजह









