भारत की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी अडाणी पावर लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में बेहद शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। मजबूत परिचालन और देश में बिजली की तेजी से बढ़ती मांग के दम पर कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) सालाना आधार पर 141.5 प्रतिशत की भारी छलांग लगाते हुए 7,019 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी का यह मुनाफा 2,906 करोड़ रुपये रहा था।
मुनाफे के साथ-साथ कंपनी के राजस्व में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। अडाणी पावर का कुल रिपोर्टेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 39.4 प्रतिशत बढ़कर 19,951 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, कंपनी का रिपोर्टेड एबिटडा (EBITDA) भी 45.7 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ 8,743 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
देश भर में बिजली की बढ़ती मांग का सीधा फायदा कंपनी की बिक्री पर दिखा है। दूसरी तिमाही में कंपनी की समेकित बिजली बिक्री की मात्रा 11.5 प्रतिशत बढ़कर 26.4 बिलियन यूनिट (BU) हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान भारत की कुल बिजली मांग भी 11.5 प्रतिशत की दर से बढ़कर 502 बिलियन यूनिट रही, जिसमें पीक पावर डिमांड 270 गीगावाट (GW) तक पहुंच गई थी।
व्यावसायिक विस्तार के मोर्चे पर कंपनी ने थर्मल पावर के साथ-साथ पनबिजली (हाइड्रोइलेक्ट्रिक) सेक्टर में भी बड़ा कदम उठाया है। अडाणी पावर ने जीवीके एनर्जी लिमिटेड (GVKEL) के लिए सफल रिजॉल्यूशन एप्लीकेंट बनकर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जो उत्तराखंड में 330 मेगावाट का अलकनंदा हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट संचालित करती है। इसके साथ ही, कंपनी को उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड से 1,320 मेगावाट क्षमता के लिए 25 साल का पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) भी प्राप्त हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अडाणी पावर ने अपनी स्थिति मजबूत की है। कंपनी ने भूटान सरकार के स्वामित्व वाली ड्रक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ मिलकर 770 मेगावाट के चमकरछू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए एक शेयरधारक समझौता किया है। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर कोरबा फेज-II प्रोजेक्ट की पहली 660 मेगावाट की सुपरक्रिटिकल यूनिट को ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज कर दिया गया है।
इन शानदार नतीजों पर अडाणी पावर के सीईओ एस.बी. ख्यालिया ने कहा कि कंपनी लगातार लाभप्रदता और प्रोजेक्ट निष्पादन में नए मुकाम हासिल कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की बढ़ती बेसलॉड आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कंपनी प्रतिबद्ध है और साल 2032 तक 100 गीगावाट नई थर्मल पावर क्षमता जोड़ने की दिशा में गर्व के साथ नेतृत्व कर रही है।
यह भी पढ़ें-
चुनौतियों के बावजूद अदाणी टोटल गैस का शानदार प्रदर्शन: Q2FY27 में रेवेन्यू 34% और एबिटडा 12% बढ़ा









