चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सेना को सोपा 19 वर्षीय योवक: अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले से हुआ था लापता

| Updated: January 27, 2022 8:41 pm

अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले से 18 जनवरी को 19 वर्षीय योवक लापता हुआ था| कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को बताया की चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अरुणाचल प्रदेश के लापता युवक को भारतीय सेना को सौंप दिया है। कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्विटर के जरिये बताया की लड़के की चिकित्सकीय जांच सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट किया, ‘‘चीन के पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के मिराम तारोन को भारतीय सेना को सौंप दिया। चिकित्सकीय जांच सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।’’

कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार कोबताया की चीन द्वारा 20 जनवरी को भारतीय सेना को सूचित किया गया था की की उन्हें अपनी और एक लड़का मिला है ओए उसकी पहचान के लिए और जानकारी मांगी थी| जिजू ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा था, ‘पहचान की पुष्टि करने में चीन की मदद के लिए, भारतीय सेना ने उनके साथ उसका व्यक्तिगत विवरण और तस्वीर साझा की है. चीन के जवाब का इंतजार है.’ बयान में कहा गया था, ‘कुछ लोगों ने बताया है कि चीन के पीएलए ने उसे हिरासत में लिया है|

रिजिजू ने द्वारा कहा गया था की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के करीब एक क्षेत्र से लापता होने के बाद भारतीय सेना ने तुरंत 19 जनवरी को चीन से सम्पर्क किया. उसके गलती से चीन के क्षेत्र में दाखिल होने या पीएलए के उसको हिरासत में लेने पर उसका पता लगाने तथा उसकी वापसी के लिए सहयोग मांगा. मंत्री ने कहा कि चीन ने आश्वासन दिया था कि वे उसकी तलाश करेंगे और स्थापित नियमों के तहत उसे वापस सौंप देंगे|

यह बात गौर करने वाली है की अरुणाचल प्रदेश से सांसद तापिर गाओ द्वारा 19 जनवरी को दावा किया गया था कि पीएलए ने अपर सियांग जिले के सियुंगला इलाके (बिशिंग गांव) के लुंगटा जोर से तरोन को अगवा कर लिया है| तरोन के दोस्त जॉनी यायिंग ने पीएलए द्वारा अगवा किये जाने के बारे में प्राधिकारियों को सूचित किया| यह घटना त्सांगपो नदी जो भारत में अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है वह हुईं थी| त्सांगपो को अरुणाचल प्रदेश में सियांग और असम में ब्रह्मपुत्र कहा जाता है|

चीन के विदेश मंत्रालय ने 20 जनवरी को कहा था की उसे कासी कोई भी घटना की जानकारी नही है, लेकिन पीएलए सीमाओं को नियंत्रित करती है और अवैध प्रवेश और निकास गतिविधियों पर कार्रवाई करती है| सितंबर 2020 में भी अरुणाचल प्रदेश में पीएलए ने अपर सुबनसिरी जिले से पांच युवकों को अगवा कर लिया था| युवको को करीब एक सप्ताह के बाद रिहा किया गया|

Your email address will not be published.