comScore अहमदाबाद में चेक बाउंस मामलों पर बड़ा बदलाव: स्पेशल कोर्ट अब सिर्फ बैंकों के लिए, आम आदमी को जाना होगा नियमित अदालत - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

अहमदाबाद में चेक बाउंस मामलों पर बड़ा बदलाव: स्पेशल कोर्ट अब सिर्फ बैंकों के लिए, आम आदमी को जाना होगा नियमित अदालत

| Updated: July 16, 2026 14:23

1 अगस्त से लागू हो रही है नई व्यवस्था, आम लोगों को अब अपने मामलों की सुनवाई के लिए जाना होगा घीकांटा की नियमित अदालतों में।

अहमदाबाद में आपराधिक अदालतों के अधिकार क्षेत्र में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब से शहर की स्पेशल एनआई (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स) अदालतें चेक बाउंस से जुड़े केवल उन्हीं मामलों की सुनवाई करेंगी, जो वित्तीय संस्थानों द्वारा दायर किए गए हैं।

इस नए नियम के लागू होने के बाद, अब किसी भी आम नागरिक या व्यक्तिगत शिकायतकर्ता को अपने चेक बाउंस के मामले लेकर घीकांटा स्थित नियमित आपराधिक अदालतों का रुख करना होगा।

बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) डी. एच. खंभात ने इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश जारी किया। इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्पेशल अदालतों में संस्थागत शिकायतों का भारी बैकलॉग जमा हो गया है और लंबित मामलों की संख्या बहुत अधिक हो गई है।

आदेश के अनुसार, न्यायिक कार्यों के संतुलित बंटवारे, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और मुकदमों के जल्द से जल्द निपटारे के लिए यह प्रशासनिक बदलाव करना बेहद जरूरी हो गया था।

सीजेएम ने चेक बाउंस मामलों की सुनवाई करने वाली 22 विशेष अदालतों से आम व्यक्तियों द्वारा दायर मुकदमों को सुनने का अधिकार वापस ले लिया है। अब निजी व्यक्तियों द्वारा दर्ज की गई सभी शिकायतें उन नियमित आपराधिक अदालतों में ट्रांसफर कर दी जाएंगी, जिनका संबंधित पुलिस स्टेशनों पर नियमित अधिकार क्षेत्र है।

यह नई व्यवस्था 1 अगस्त से पूरी तरह प्रभाव में आ जाएगी। इस तारीख के बाद से चेक बाउंस की सुनवाई करने वाली कोई भी विशेष अदालत किसी निजी व्यक्ति की शिकायत पर विचार नहीं करेगी।

इन विशेष अदालतों का फोकस अब विशेष रूप से बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), वित्तीय संस्थानों और फाइनेंस या लोन का व्यापार करने वाली किसी भी वैध संस्था की शिकायतों पर होगा।

हालांकि, इस नए आदेश में न्यायिक सहूलियत को देखते हुए कुछ मामलों में छूट भी दी गई है। अगर किसी निजी व्यक्ति का मामला उच्च न्यायालय के निर्देश पर विशेष अदालत में चल रहा है, या फिर मुकदमे का ट्रायल अपने अंतिम या उन्नत चरण में पहुंच चुका है, तो उनकी सुनवाई पहले की तरह ही विशेष अदालतों में बेरोकटोक जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें-

5 साल पहले मर चुकी महिला को आयकर विभाग ने भेजा टैक्स नोटिस, गुजरात हाईकोर्ट ने फिर जो किया..

गुजरात के समुद्री तटों का हाल: छोटे जीवों ने खोली ‘ब्लू फ्लैग’ शिवराजपुर बीच के भारी प्लास्टिक प्रदूषण की पो…

Your email address will not be published. Required fields are marked *