फिल्म के लिए ‘रईस’ के बाद बॉलीवुड की नजरें ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी की जिंदगी पर

| Updated: July 8, 2021 6:43 pm

बॉलीवुड हमेशा ही अंडरवर्ल्ड डॉन की वास्तविक जीवन की कहानियों से प्रभावित रहा है। चाहे वह हाजी मस्तान हो या अहमदाबाद का अपना अब्दुल लतीफ अब्दुल वहाब शेख। शाहरुख खान की फिल्म ‘रईस’ लतीफ के जीवन और अहमदाबाद के अंडरवर्ल्ड पर ही आधारित थी।

और अब दो बड़े बॉलीवुड निर्माता अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया विजयगिरि उर्फ विक्की गोस्वामी पर एक फिल्म बनाना चाहते हैं, जो अहमदाबाद का रहने वाला है और वर्तमान में मादक पदार्थों की तस्करी में अमेरिका की ह्यूस्टन जेल में बंद है। उसके भाई दिनेश गोस्वामी अहमदाबाद के पालड़ी इलाके में लक्ष्मी कुंज सोसाइटी में रहते हैं। वाइब्स ऑफ इंडिया (वीओआई) से बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें हाल ही में दो निर्माताओं का फोन आया था, जो एक रिटायर डीएसपी का बेटा होने से लेकर विक्की गोस्वामी के इंटरनेशनल ड्रग स्मगलर बनने तक की यात्रा पर फिल्म बनाना चाहते हैं।

माना जाता है कि गोस्वामी कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का पूर्व सहयोगी था, लेकिन 1993 के मुंबई सीरियल धमाकों के बाद डी-कंपनी से अलग हो गया। दिनेश गोस्वामी कहते हैं, “वे (फिल्म निर्माता) मुझसे मिलना चाहते थे, लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं कोविड -19 महामारी के कारण मुंबई नहीं जा सकता। वे मुझसे विक्की के बचपन के किस्से जानना चाहते थे। बॉलीवुड में अभिनेता बनने के लिए मुंबई जाने से पहले विक्की ने अपना बचपन और किशोर उम्र लक्ष्मी कुंज सोसाइटी के बंगला नंबर-6 में ही बिताया था।”

विक्की, जो अब लगभग 54 वर्ष का होगा। वह एक रिटायर डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) आनंदगिरि गोस्वामी के सोलह भाई-बहनों में से एक है, जो गुजरात के साबरकांठा जिले के रहने वाले थे और 1961 में अहमदाबाद चले गए थे। गोस्वामी याद करते हुए कहते हैं, “मेरे पिता को तब निलंबित कर दिया गया था, जब वे रेलवे में डीएसपी थे। रेलवे स्टेशन से एक मंत्री का पर्स चोरी होने के बाद उन पर लापरवाही का आरोप लगाया गया था। हालांकि, उनका निलंबन बाद में रद्द कर दिया गया था। ”

उन्होंने बताया कि कैसे छोटे स्तर पर अवैध शराब का धंधा करने वाला विक्की नशे का अंतरराष्ट्रीय सौदागर बना। यह भी कि कैसे दुबई, काहिरा, जोहान्सबर्ग में सराय एवं होटलों के साथ-साथ उसके बेड़े में लक्जरी कारों के अलावा प्राइवेट विमान तक शामिल होता चला गया। उसके भाई याद करते हैं कि युवा विक्की बॉलीवुड के ग्लैमर से कैसे चकाचौंध था और हमेशा हीरो बनना चाहता था। दिनेश कहते हैं, “विक्की अस्सी के दशक के मध्य में अहमदाबाद में अपने घर से भाग गया और हीरो बनने के लिए मुंबई चला गया। यहां तक कि उसे एक फिल्म में छोटी-सी भूमिका भी मिली, लेकिन एक अभिनेता के रूप में सफल नहीं हो सका। फिर वह मुंबई अंडरवर्ल्ड के कुछ डॉन के संपर्क में आ गया और फिर वह अंडरवर्ल्ड की दुनिया में ही रच-बस गया।”

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विक्की ने अंडरवर्ल्ड डॉन और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी दाऊद इब्राहिम और उसके तत्कालीन दाहिने हाथ रहे छोटा राजन से हाथ मिला लिया। इसके बाद वह दक्षिण अफ्रीका चला गया। वहां वह डी-कंपनी के ड्रग कार्टेल का एक प्रमुख सदस्य बन गया। दिनेश के मुताबिक, “हालांकि विक्की 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के बाद डी-कंपनी से अलग होने वाला पहला व्यक्ति था। उसके बाद खुद का अपना एक गिरोह बनाने के लिए छोटा राजन ने भी छोड़ दिया। ”

विक्की के डी-कंपनी छोड़ने के बाद, दाऊद के शूटरों ने 1993 में पालदी में उसके घर पर गोलियां चलाई थीं। “गोली घर के दरवाजे पर लगी। विक्की उस समय भारत में नहीं था, लेकिन मैं बच गया, क्योंकि जब गोली चली तभी मैं पूजा के लिए बैठ गया था। बाद में फायरिंग करने वाले चार लोगों को मुंबई के दादर से गिरफ्तार किया गया था। गोली लगने से जो छेद हुआ है, वह आज भी घर के दरवाजे पर है।”

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तब से विजयगिरि गोस्वामी उर्फ विक्की खुफिया एजेंसियों के रडार से तब तक दूर रहा, जब तक उसे 2014 में केन्या के मोम्बासा में गिरफ्तार नहीं कर लिया गया। वहां वह पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के साथ रह रहा था। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा, “दरअसल अमेरिका की ड्रग एन्फोर्समेंट एजेंसी (डीईए) ने एक स्टिंग ऑपरेशन शुरू किया था। इसके तहत उसने गोस्वामी के साथ क ड्रग सौदे को रिकार्ड कर लिया था। इसके आधार पर ही गोस्वामी और आकाश ड्रग कार्टेल के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया था। अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी की साजिश के आरोप में गोस्वामी सरकारी गवाह बन गया। उसने आकाश बंधुओं, इब्राहिम और बख्ताश की सारी पोल-पट्टी खोल दी है। ”

दिनेश ने वीओआई को बताया कि विक्की उन्हें ह्यूस्टन जेल के नंबर से बराबर फोन करता है। उन्होंने कहा, “मेरा नंबर जेल अधिकारियों द्वारा कानूनी रूप से पंजीकृत है। मैंने उससे दूसरे दिन ही बात की थी। उसने मुझसे कहा कि वह जल्द ही बाहर आ जाएगा और भारत लौटने की सोच रहा है।”

गोस्वामी ने कहा कि जब विक्की दुबई जेल में बंद था, तब मीडिया में उसके इस्लाम कबूल करने और ममता कुलकर्णी से शादी करने की चर्चा थी। दिनेश कहते हैं, “यह सच है कि विक्की और ममता दोनों 1990 से साथ थे, लेकिन उन्होंने कभी इस्लाम नहीं अपनाया।” मोम्बासा से उसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह पता चला कि विक्की गोस्वामी को 1997 में दुबई में गिरफ्तार किया गया था और उसे 25 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। एक पुलिस सूत्र ने कहा, “हालांकि, 15 साल सलाखों के पीछे बिताने के बाद उसे 2012 में रिहा कर दिया गया था। इसके बाद विक्की ने अपना ठिकाना केन्या में बना लिया।” भाई दिनेश का दावा है कि, “विक्की ने ड्रग कार्टेल छोड़ दिया है और अब ह्यूस्टन जेल से बाहर निकलने के बाद ईमानदारी से जीवन जीने की योजना बना रहा है।”

  • विक्की और आकाश बंधु कथित तौर पर अमेरिका समेत कई देशों में मैनड्रैक्स, कोकीन, हशीश, हेरोइन और एफेड्रिन की तस्करी करते थे।
  • अप्रैल 2016 में ठाणे पुलिस ने सोलापुर से एक अवैध रूप से एफेड्रिन बनाने वाले रैकेट का खुलासा किया। इसमें विक्की भी एक आरोपी है।
  • गोस्वामी का नाम तब भी सामने आया जब गुजरात के कई बिल्डरों, पेशेवरों और ज्वैलर्स को रवि पुजारी द्वारा किए गए धमकी भरे कॉलों की जांच हो रही थी। हालांकि, उसके भाई इसमें विक्की की भूमिका से इंकार करते हैं।

विक्की के इस्लाम अपनाने की बात गलत हैः दिनेश

दिनेश गोस्वामी के मुताबिक, विक्की जब दुबई जेल में था, तब मीडिया में इस्लाम कबूलने और ममता कुलकर्णी के साथ शादी की बात आई थी। यह सही है कि वे दोनों 1990 से ही साथ रह रहे हैं। लेकिन यह गलत है कि उसने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया है।

कानून से बचने के लिए जिस विक्की ने देश बदले, दुबई में गिरफ्तार हुआ

मोम्बासा से उसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह पता चला कि विक्की गोस्वामी को 1997 में दुबई में गिरफ्तार किया गया था और उसे 25 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। एक पुलिस सूत्र ने कहा, “हालांकि, 15 साल सलाखों के पीछे बिताने के बाद उसे 2012 में रिहा कर दिया गया था। इसके बाद विक्की ने अपना ठिकाना केन्या में बना लिया।”

अब होटलों का मालिक है विक्की

विक्की के भाई दिनेश कहते हैं, “दुबई, काहिरा और जोहान्सबर्ग में उसके कई होटल हैं। उसने ड्रग का धंधा छोड़ दिया है और अब ह्यूस्टन जेल से बाहर निकलने के बाद ईमानदारी से जीवन जीने की योजना बना रहा है।”

  • गोली लगने से जो छेद हुआ है, वह आज भी विक्की घर के दरवाजे पर मौजूद है।
  • उस गेट को अब बंद कर दिया गया है, जहां से डी-कंपनी के गुर्गों ने विक्की के घर पर फायरिंग की थी।
  • गोली के निशान दिखाते विक्की के भाई दिनेश गोस्वामी।

Your email address will not be published. Required fields are marked *