80 लाख की तोड़ , सोला पीएसआई राणा, पीआई एसीपी सहित सबका था हिस्सा, फिर भी एक पर ही हुयी कार्यवाही

| Updated: June 7, 2022 9:32 pm

  • क्रिकेट रेड में बरामद डॉलर, 35 सोने के बिस्कुट, 35 बोतल महंगी शराब गायब
  • पीएसआई राणा, पीआई और एसीपी का वहीवटदार ले गए लाखों रुपये,कार्यवाही केवल पीएसआई पर

सोला थाने के डी स्टाफ पीएसआई जेजे राणा ने शहर के सोला इलाके में एक बगीचे वाले फ्लैट में क्रिकेट सट्टेबाजी को लेकर छापा मारा. छापेमारी के दौरान मुद्दमाल 35 सोने के बिस्किट, भारी संख्या में डॉलर, 35 ब्लू लेबल बरमाद हुयी थी बरामद मुद्दामाल को पुलिस स्टेशन ले जाया गया , लेकिन पीआई के कहने से कुछ आधिकारिक तौर से नहीं दिखाया गया। अंत में 80 लाख रुपये में डील तय हुयी ,चर्चा के मुताबिक पीआई 20 लाख रुपये, एक उच्च पदस्थ अधिकारी के वहीवटदार ने 10 लाख रुपये और डिस्टाफ ने रुपये बाँट लिए। हालांकि इस मामले में सिर्फ पीएसआई पर कार्यवाही चर्चा का विषय बनी है। पीआई और एसीपी लंबी छुट्टी पर चले गए और पुलिस विभाग में चर्चा हुई कि उच्च अधिकारी उनके बचाव में आए हैं।

सोला थाने के पीएसआई जेजे राणा ने शहर के सोला इलाके में एक गार्डन फ्लैट पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान नयन नाम का शख्स घर में क्रिकेट की सट्टा लगाते हुए पकड़ा गया। इस बीच, पुलिस ने घर की तलाशी ली और 35 सोने के बिस्कुट, डॉलर से भरा एक बॉक्स, नकद और 35 बोतल शराब, जिसमें एक ब्लू लेबल और एक रॉयल सेल्यूट जैसी महगी शराब शामिल है बरामद हुयी । सोला पुलिस के प्रभारी और पीएसआई ने शराब की बोतल, सोना और डॉलर समेत नगद को मुद्दा मॉल के तौर पर कब्जे में नहीं लेने और मामला दर्ज नहीं करने के एवज में पांच करोड़ रुपये की मांग की थी। आखिर में एक करोड़ रुपए पर केस नहीं करने का सौदा तय किया गया ।
इस बीच, सोला पुलिस ने मामला दर्ज करने का फैसला किया और नयन के खिलाफ मामला दर्ज किया।

क्रिकेट सट्टेबाजी में अपनी अग्रिम पंक्ति और अपने सेठ को नहीं दिखाने के लिए आखिरकार 80 लाख रुपये में एक मामला सुलझाया गया। 80 लाख में से 35 लाख तत्काल प्रभाव से दिए गए। बाकी पैसे मिलने पर सोना, डॉलर और बरामद नगद वापस देने पर देने का फैसला किया गया। इनमें पीआई ने 20 लाख रुपये, उच्च अधिकारी के वहीवटदार जेडी ने 10 लाख रुपये और डिस्टाफ ने 5 लाख रुपये लिए। आरोपी नयन को तत्काल जमानत दे दी गई और वह पैसे निकालने में कामयाब रहा क्योंकि यह तय किया गया था कि वह अपने मकान मालिक के नाम का खुलासा नहीं करेगा। सोना और डॉलर लौटाने की बात चल रही है, अंतत: बाकी पैसा वापस कर दिया जाएगा। हालांकि अभी तक इसमें कोई सच्चाई सामने नहीं आई है। पुलिस महकमे में चर्चा चल रही है कि सभी अधिकारी छुट्टी पर चले गए हैं क्योंकि इस मामले में सभी अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है.

पुलिसकर्मी ले गए गए ब्लू लेबल और रॉयल सैल्यूट शराब

नयन के घर से लाखों रुपये की शराब बरामद हुई है. एक बोतल की कीमत 45 हजार रुपए थी। पुलिस 35 बोतलें थाने ले गई लेकिन शराब की एक भी बोतल नहीं दिखाई गयी । इस तरह पुलिस ने शराब की सारी बोतलें भी अपने कब्जे में ले लीं. गौरतलब है कि सरकार और गृह विभाग शराब पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रहे हैं लेकिन महंगी शराब होने के कारण पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाही करने के बजाय खुद ही ले लिया।

पुलिस ने नहीं बताया बुकी का सेठ कौन

पुलिस ने 80 लाख रुपये के लेन-देन के लिए नयन के सेठ और बड़े सट्टेबाजों का खुलासा नहीं करने का फैसला किया था। नयन ने युक्ति लगाकर अपना सोना और डॉलर वापस ले लिया और उससे जुडी हुयी बड़ी कड़ियों के नाम का खुलासा भी नहीं हुआ। । यह भी सवाल है कि क्या इस जांच में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जब नयन क्रिकेट सट्टा खेल रहा था तब सोला पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की थी. भारी मात्रा में शराब, सोना और डॉलर देखकर पुलिस दंग रह ग सोला पुलिस ने यह सब देखा और 5 करोड़ रुपये की मांग की। बुकी का फनटर नयन आखिरकार 1 करोड़ रुपये देने को तैयार हो गया और उसने पीएसआई जेजे राणा से भी बात की, जो अपने सेठ के साथ सुर्खियों में था। आखिरकार, अधिकारियों ने उस पर मुकदमा चलाने और 80 लाख रुपये लेने का फैसला किया।

पीआई और एसीपी दोनों छुट्टी पर चले गए

सोला थाने के तत्कालीन पीआई प्रभारी और घाटलोदिया थाने के पीआई वाईआर वाघेला और एसीपी छुट्टी पर चले गए हैं और पुलिस विभाग में चर्चा की जा रही है क्योंकि वे संदेह के घेरे में आ गए हैं.

80 लाख रुपये में से हिस्सा नहीं मिलने से नए वहीवटदार भी नाराज हो गए

क्रिकेट सट्टेबाजी कांड तब हुआ जब घाटलोदिया पीआई प्रभारी थे और बाद में सोला में एक नए पीआई को नियुक्त किया गया । जिसके वहीवटदार और एटीएस में पदस्थ जयदेव और वीनू उस समय भड़क गए इसलिए उन्होंने इस पूरे मामले को उजागर करने में पूरी ताकत लगा दी क्योकि उन्हें उनका हिस्सा नहीं मिला था ,पुलिस महकमे में ऐसी चर्चा है।

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