एक शाम नज़मों के नाम

| Updated: September 25, 2022 7:40 pm

अहमदाबाद के फ्लोरा फाउन्टन एवं ईटीसी तनविश के सहउपक्रम से 24 सितंबर को एक खास बहुभाषीय काव्य गोष्टी का आयोजन किया गया, जिसमे उर्दू, हिन्दी, गुजराती, अंग्रेजी एवं अरबी भाषा में नज़्म पढ़ी गईं

अहमदाबाद के Tantissimo कैफै ने इस काव्य गोष्टी की मेज़बानी करी और इस काव्य गोष्टी में अहमदाबाद शहर के कवि उपस्थित रहे, इन कवियों में नैषध पुराणी, शुभा निगम, देवल पटेल एवं वसीम हबीब ने काव्य पाठ किया, इस कार्यक्रम का मंच संचालन फ्लोरा फाउन्टन की संस्थापक शेफाली पांडे द्वारा किया गया

शेफाली पांडे

अहमदाबाद शहर की ये पहली ऐसी कव्या गोष्टी थी जिसमे 5 अलग अलग भाषाओं में कवियों ने अपने कविता पढ़ीं, जाने माने रेडियो आर्टिस्ट नैषध पुराणी ने गुजराती भाषा में काव्य पाठ किया एवं वसीम हबीब ने उर्दू एवं अरबी भाषा में अपनी नज़्म सुनाई।

नैषध पुराणी

इस काव्य गोष्टी में 90 से अधिक लोग जुड़े और उन्होंने इस कार्यक्रम का लुत्फ उठाया, बहुभाषीय कविताओं को सुनने का ये अनोखा मौका दर्शकों को पहली बार मिला, इस कार्यक्रम का मुख्य आधारस्तम्भ था इस कार्यक्रम का माहौल एवं इस कार्यक्रम की विविवधता, स्पोकन वर्ड से लेकर नज़्म और नज़्म से लेकर ग़ज़ल, विवीध लेकिन लफ्जों पर आधारित एवं लफ्जों को सँवारती अनोखी कला

वसीम हबीब

वाइब्ज़ ऑफ इंडिया के साथ बात करते हुए फ्लोरा फाउन्टन के सहसंस्थापक एवं काव्य गोष्टी में प्रतिभागी रहे वसीम हबीब कहते हैं ‘ अहमदाबाद शहर में ड्रामा एवं संगीत को लेकर कई सारी गतिविधियां हो रही हैं लेकिन स्पोकन वर्ड एवं कविताओं लेकर कोई खास गतिविधियां देखने को नहीं मिलती, इसी वजह से फ्लोरा फाउन्टन की संस्थापक शेफाली पांडे एवं मैंने इस काव्य गोष्टी के बारे में विचार किया, फ्लोरा फाउन्टन आने वाले समय में ऐसी कई सारी इवेंट्स का आयोजन करेगा जिसमे हम नवोदित कवियों को भी एक प्लेटफॉर्म देंगे, शब्दों के पीछे के जज़्बात सही तरीके से लोगों तक पहुंचे यही हमारी कोशिश है।

60 लोगों की छोटी सी महफ़िल की अपेक्षा करी थी लेकिन 90 से ज़्यादा लोग हमारी इस पहली एवंत में शामिल हुए, इस अच्छे प्रतिसाद से हम काफी खुश हैं, वसीम ने कहा

इस कार्यक्रम की कुछ झलकियां आप तस्वीरों के माध्यम से यहाँ देख सकते हैं

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