कांग्रेस नेता भरत सिंह सोलंकी का पत्नी के साथ विवाद हुआ सार्वजनिक

| Updated: July 14, 2021 11:10 am

गुजरात के सबसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता, गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी की दूसरी शादी टूट गई है। 67 वर्षीय कांग्रेस नेता न केवल 13 साल के रिश्ते के बाद अपनी दूसरी पत्नी से अलग हो गए हैं, बल्कि एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर गुजरात के लोगों को अपनी अलग हुई पत्नी के साथ किसी भी वित्तीय या अन्य लेनदेन में शामिल नहीं होने के लिए भी कहा है और पत्नी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

भरत सोलंकी ने 2008 में 54 साल की उम्र में रेशमा पटेल से शादी की थी। वह उनसे करीब 20 साल छोटी हैं। अपनी पहली पत्नी डॉ. रेखा सोलंकी के साथ भरत की शादी नब्बे के दशक के आखिर में टूट गई थी।

उनकी पहली पत्नी रेखा गुजरात की शीर्ष त्वचा रोग विशेषज्ञ हैं और उन्होंने कभी भी अपनी शादी व उसकी विफलता के बारे में बात नहीं की। भरत और रेशमा की तरह भरत और रेखा ने भी प्रेम विवाह किया था। भरत के पिता माधवसिंह सोलंकी, पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री अपनी बहू रेखा की उपलब्धियों और परिवार के प्रति उनके समर्पण से बहुत खुश रहते थे। माधवसिंह कथित तौर पर इस बात के पक्ष में नहीं थे कि भरत रेखा को तलाक दें।

निजी जिंदगी को लेकर रेखा की गरिमापूर्ण चुप्पी ने भरत के राजनीतिक जीवन को आगे बढ़ने में मदद की। वह कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री भी बने। हालांकि, उनकी दूसरी पत्नी रेशमा के साथ उनके रिश्ते और शादी की विफलता का दौर सहज नहीं है।

भरत माधवसिंह सोलंकी ने अपने वकील के माध्यम से एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों को रेशमा पटेल के साथ किसी भी वित्तीय या अन्य लेन-देन में शामिल नहीं होने को कहा है। नोटिस में कहा गया है कि वह पिछले चार साल से रेशमा से अलग हैं और अगर कोई किसी ऐसे लेन-देन में लिप्त होता है, जिसमें रेशमा समाज में उनके नाम, पद या सम्मान का दुरुपयोग करती है,  तो वह जिम्मेदार नहीं होंगे। दंपति के बीच यह सार्वजनिक विवाद गुजरात के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गौरतलब है कि हाल ही में हुए निगम चुनावों में पार्टी आलाकमान से भरतसिंह सोलंकी के खिलाफ शिकायत की गई थी कि वह जुहापुरा की एक महिला को गैरवाजिब तरीके से बढ़ावा दे रहे हैं। वह विवाहित महिला, जिसे भरत सोलंकी राजनीतिक रूप से बढ़ा रहे थे और जो उनसे उम्र में कम से कम 25 साल छोटी है, उस समय चर्चा में आई, जब 700 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन पार्टी में शामिल हो गए थे।

कथित तौर पर भरत ने अहमदाबाद नगर निगम चुनाव लड़ने की उस महिला की इच्छा को पूरा करने के लिए उस सीट पर बहुमत से सामने आ रहे नाम की अनदेखी की थी। भरत की उस आश्रित के चुनाव हारने के बाद इस बात ने फिर तूल पकड़ा कि कैसे भरत ने पार्टी के हित के बजाय अपने व्यक्तिगत हित को प्राथमिकता दी।

उनके एक करीबी सहयोगी ने वाइब्स ऑफ इंडिया को बताया, “भरतसिंह सोलंकी गुजरात में कांग्रेस के पास सबसे समझदार राजनेता हैं, लेकिन उनके निजी जीवन के मसलों ने उनके उज्ज्वल और राजनीतिक व्यक्तित्व को कलंकित कर दिया है।”

जिस महिला को उन्होंने टिकट दिया, वह निगम चुनावों में बुरी तरह से हार गई और हजारों मुसलमान ये कहकर पार्टी छोड़ गए कि कांग्रेस में योग्यता मायने नहीं रखती है। जुहापुरा के एक कांग्रेस मुस्लिम कार्यकर्ता ने वीओआई से कहा कि यह भरतसिंह का महिला प्रेम था, जिसने ओवैसी की पार्टी के लिए आगे की राह आसान की।

पार्टी के भीतर भरतसिंह सोलंकी के प्रतिद्वंद्वियों का कहना है कि उस विवाहित महिला के साथ रिश्ता ही रेशमा के साथ भरतसिंह की शादी के टूटने का कारण बनी है।

पहली लहर में कोरोना से संक्रमित होने बाद भरत को ठीक होने में 102 दिन लगे थे।

ठीक होने के बाद वे राजनीति में सक्रिय हो गए और अगले गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ ही रहे थे कि उनकी शादी टूटने और पारिवारिक विवाद की यह त्रासदी सार्वजनिक हो गई।

आमतौर पर देश के अन्य हिस्सों में राजनीतिक धड़े से जुड़े लोगों की निजी जिंदगी को लोग अलग ही रखते हैं, लेकिन गुजरात में ऐसा नहीं है। गुजरात में राजनीति वैसी ही है, जैसे मुंबई के लिए बॉलीवुड है। यहां तक कि किसी की जिंदगी की बहुत निजी बातें भी गुजरात में चर्चा का सबब बन जाती हैं।
भाजपा के एक शीर्ष केंद्रीय मंत्री ने वाइब्स ऑफ इंडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि भरतसिंह सोलंकी के अलावा भाजपा कभी भी कांग्रेस के किसी राजनेता और उनकी रणनीतियों से नहीं डरी है। मंत्री ने भरत की रणनीति और राजनीतिक समझ की भी खूब प्रशंसा की। भाजपा मंत्री ने कहा, “भरत सोलंकी पिछले 20 वर्षों में गुजरात के सर्वश्रेष्ठ कांग्रेस अध्यक्ष रहे हैं।” उन्होंने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जिनके राजनीतिक दांव को भाजपा कभी समझ नहीं पाई।

भरत के एक करीबी सूत्र ने कहा कि हालांकि, अहमद पटेल जिन्होंने चौंकाते हुए भरत को पार्टी अध्यक्ष बनाया, उन्होंने ही बाद में भरत का ज्यादा समर्थन नहीं किया।

बताया जाता है कि रेशमा के पास अमेरिकी नागरिकता या ग्रीन कार्ड है। विडंबना यह है कि रेशमा और भरत के बीच दूरियां इतनी बढ़ गई हैं कि उनका निजी जीवन अब सार्वजनिक हो गया है। मंगलवार को भरतसिंह के वकील किरण तपोधन ने रेशमा की तस्वीर के साथ एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया, जिसमें रेशमा को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में चित्रित किया गया है, जिस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए या जिसके साथ किसी तरह का लेनदेन नहीं किया जाना चाहिए।

अधिवक्ता किरणकुमार तपोधन ने अपने मुवक्किल भरत सोलंकी की ओर से नोटिस जारी किया है।

नोटिस में लिखा है :

“मैं अधोहस्ताक्षरी, किरणकुमार पी तपोधन, अधिवक्ता और आणंद जिले का बोरसाद निवासी, अपने मुवक्किल भरतसिंह माधवसिंह सोलंकी निवासी बेवर्ली हिल्स, आनंद बोरसाद रोड की ओर से यह नोटिस जारी कर रहा हूँ।

इस नोटिस में तस्वीर रेशमाबेन पटेल की पुत्री प्रकाशचंद्र मणिभाई पटेल निवासी 10, ईश्वरकृपा सोसायटी, बोरसाद, आणंद जिला एवं प्रखंड संख्या 142-143 अर्पिता पार्क, गोत्री रोड, वडोदरा की है।

मेरे मुवक्किल (भरत माधवसिंह सोलंकी) और रेशमा चार साल से साथ नहीं रह रहे हैं। वह अपने स्तर पर रह रही हैं और अन्य लोगों के संपर्क में हैं। मेरे मुवक्किल (भरत सोलंकी) का समाज में एक रुतबा, सामाजिक सम्मान और स्वीकृति है। यह नोटिस लोगों से यह आग्रह करने के लिए है कि कोई इस महिला के साथ वित्तीय लेनदेन या अन्य उधार आदि में शामिल न हो। वह मेरे मुवक्किल (भरत) की पहचान और उनके पद का दुरुपयोग कर रही है। यदि कोई व्यक्ति इस महिला के साथ किसी भी प्रकार का लेन-देन करता है, तो यह मेरे मुवक्किल (भरत माधवसिंह सोलंकी) की जिम्मेदारी नहीं होगी। अगर मेरे मुवक्किल के संज्ञान में भी ऐसा कोई लेनदेन आता है, तो वह उसके (रेशमा पटेल) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। यह नोटिस आमजन की जानकारी के लिए है।”

इस नोटिस पर भरत माधवसिंह सोलंकी द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं और 12 जुलाई, 2021 को उनके वकील केपी तपोधन के माध्यम से इसे प्रकाशित किया गया है।


जब वाइब्स ऑफ इंडिया ने तपोधन से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा, ‘राजनीतिक रूप से सम्मानित व्यक्ति आखिर क्या करेगा यदि उसका नाम लोगों से पैसे उगाहने के लिए किया जाएगा? ऐसा मामला भरत सोलंकी के संज्ञान में आया और उन्हें यह नोटिस जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा।’ वकील ने कहा कि हमें मामले को आगे ले जाना होगा और रेशमा के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज करनी होगी।

भरत सोलंकी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे।

कुछ और जानकारी मिलने पर वाइब्स पर अपडेट किया जाएगा। 

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