नेपाली युवक का अहमदाबाद में धड़केगा दिल , मुंबई में लीवर

| Updated: June 14, 2022 8:19 pm

अहमदाबाद सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान ब्रेनवॉश किए गए 25 वर्षीय नेपाली युवक लक्ष्मणभाई मंगेता के रिश्तेदारों ने आज अंगदान करने का फैसला किया।

गुजरात में संभवत: यह पहला मामला है जहां दूसरे देश के किसी मरीज ने गुजरात और संभवत: देश में अंगदान किया है। अंगदान के बाद गुजरात में अंगदान की गतिविधियों में शामिल ऑर्गन डोनेशन सर्विस ट्रस्ट द्वारा शव को मोटर से नेपाल पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की गई।

मंगेता परिवार के 25 वर्षीय सदस्य लक्ष्मणभाई, मूल रूप से नेपाल के रहने वाले और 8 साल से अहमदाबाद में बसे थे, 10 जून को एक सड़क दुर्घटना में शामिल हो गए थे। सड़क दुर्घटना में सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसे सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।

ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने सभी जरूरी रिपोर्ट करने के बाद हालत गंभीर होने पर आईसीयू में भर्ती कराया। रिपोर्ट में रक्तस्राव की सूचना मिली थी। डॉक्टरों ने लक्ष्मणभाई का गहन उपचार किया और उनकी हालत में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किया। लेकिन लक्ष्मणभाई का संदेश विधाता से आया होगा। इसलिए चार दिन की कड़ी मशक्कत के बाद भी 14 जून को लक्ष्मणभाई को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

लक्ष्मणभाई के ब्रेन डेड की खबर सुनकर परिजन दुखी हो गए। लेकिन इस समय उन्होंने परोपकार के मूल्य की खेती करके अपने अनमोल रत्न को अमर करने के लिए अंगदान करने का फैसला किया। ब्रेनडेड लक्ष्मणभाई के अंगदान में हृदय, दो किडनी, लीवर और अग्न्याशय का दान पाया गया है। अंगदान में मिले हृदय को ग्रीन कॉरिडोर के जरिए अहमदाबाद के सिम्स अस्पताल भेजा गया। प्रत्यारोपण के लिए मुंबई के ग्लोबल अस्पताल में भर्ती एक मरीज के लीवर और अग्न्याशय को डिलीवर किया गया है। अहमदाबाद सिविल मेडिसिटी के किडनी इंस्टीट्यूट में भर्ती एक मरीज को किडनी भेज दी गई है।

अहमदाबाद सिविल अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी के अनुसार कई वर्षों से अहमदाबाद में बसे नेपाल के मूल निवासी लक्ष्मणभाई के पार्थिव शरीर को गरिमा के साथ नेपाल पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी। वहीं उनके परिवारों के लिए अन्य चिकित्सा व्यवस्था सिविल अस्पताल के खर्चे पर की गई है. सिविल अस्पताल में कुल 30 अंगदान किए गए हैं। जिसमें 21 अंग पाए गए, जिसके माध्यम से 12 व्यक्तियों को पुनर्जीवन मिला है। सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान ब्रेन डेड हुई जयबेन विंजुदा और किरणभाई भी सिविल अस्पताल में छठे और सातवें अंगदान में किडनी और लीवर दोनों दान करने में सफल रहीं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेशभाई पटेल के कुशल नेतृत्व में आज राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने समाज, राज्य और देश के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी हैं.

गुजरात में 8 साल से रह रहे एक नेपाली परिवार ने गुजरात की मिट्टी दान करने और 5 जरूरतमंद लोगों को पुनर्जीवित करने के लिए एक ब्रेनडेड बेटे के अंगों को दान करने का फैसला किया है। आज गुजरात सरकार द्वारा की जाने वाली अंगदान और अंग प्रत्यारोपण सेवा की महक सही मायने में विश्वव्यापी हो गई है।

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