पीएम मोदी ने साबर डेयरी के मिल्क पाउडर संयंत्र का किया उद्घाटन

| Updated: July 28, 2022 8:09 pm

  • पुराने साथियों को याद कर भावुक हुए पीएम मोदी

” साबरकांठा का शायद ही कोई भाग होगा, कि जहाँ मेरा जाना ना हुआ हो। और साबरकांठा में आए तो सब याद आता है। बस अड्डे पर खडे रहे, और खेर, खेर, खेर,- वडाली, वडाली, वडाली। खेर-वडाली, खेर-भिलोडा, चलो चलो। जब भी साबरकांठा आता हुँ तब यही आवाज कान में गूंजती रहती है। यहाँ मेरे अनेक साथी-सहय़ोगी थे , यहाँ आता हुं तब सबकी याद भी आती  है। दुख की बात है,कि कुछ साथी हमें छोडकर परमात्मा को प्यारे हो गये। हमारे श्रीराम सांखला की याद आती है, हमारे जयेन्द्रसिंहभाई राठोड, हमारे एस.एम.खांट, हमारे धीमंत पटेल, मेरे भाई गजानंद प्रजापति, हमारे विनोद खिलजी भाई , कितने ही पुराने साथियों, कितने लोगों के चेहरे मेरे सामने घूम रहे है। मेरे वालजीभाई हो, मेरे प्रवीण सिंह देवडा हो, मेरे अनेक साथी, मेरे मोडासा के राजाबली याद आते है। अनेक लोगों की याद, अनेक परिवार के  साथ मेरा गहरा रिश्ता है । बहुत ही सम्मानीय नाम हमारे डायाभाई भट्ट, मेरे मूलजी भाई परमार, ऐसे अनेक बुजुर्ग और साथीयों। अनेकों के बीच में काम किया। हमारे रमणीक भाई हो, जिनके यहाँ कई बार ईडर आना हो तो जाउँ। और कई परिवारों के साथ मिलना होता था। लेकिन अब आप सबने ऐसी जिम्मेदारी दी है, कि पुराने दिन याद करके ही आनंद लेना होता है। “

अपने अतीत को याद करने का यह अंदाज था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का। वह गुजरात के साबरकांठा के गढ़ोडा चौकी में साबर डेयरी की 305 करोड़ रुपये के मिल्क पाउडर संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

पीएम मोदी ने साबर डेयरी की 1000 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का आधारशिला भी रखा। लेकिन इस दौरान वह सहकारिता क्षेत्र के साथ साथ आदिवासी गौरव का भी बोध कराने से नहीं चूके ।  गुजरात में सहकारिता और आदिवासी सबसे बड़ा  वोट बैंक हैं , जो कभी कांग्रेस के साथ होते थे।गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भले ही अभी 6 महीने का समय बाकी है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात की कमान अपने हाथ में ले ली।

प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि ” पिछले दो दशकों में किए गए उपायों के कारण, गुजरात में डेयरी बाजार 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।” उन्होंने 2007 और 2011 में अपनी पिछली यात्राओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उनके अनुरोध को याद किया। “अधिकांश समितियों में अब महिलाओं का प्रतिनिधित्व अच्छा है। उन्होंने कहा कि दूध का भुगतान ज्यादातर महिलाओं को किया जाता है।”

प्रधानमंत्री ने दो दशक पहले की बदहाली और सूखे की स्थिति को याद किया। उन्होंने याद किया कि कैसे उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में लोगों के सहयोग को सूचीबद्ध किया और क्षेत्र की स्थिति में सुधार करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी इन प्रयासों के प्रमुख तत्व हैं।

उन्होंने चारा, दवा उपलब्ध कराकर पशुपालन को प्रोत्साहित करने के उपायों की भी बात की और पशुओं के लिए आयुर्वेदिक उपचार को भी बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि “साबर डेयरी की बात करते समय भूरा भाई पटेल को जरूर याद किया जाना चाहिए।” विदित हो कि भूरा भाई साबरकांठा में सहकारिता के जनक थे।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने आजादी का अमृत महोत्सव के महत्व को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने स्थानीय आदिवासी नेताओं के बलिदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में घोषित किया है।

” गुजरात के आदिवासी बाहुल्य जिला में प्रधानमंत्री ने कहा हमारी सरकार देश भर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों की याद में एक विशेष संग्रहालय भी बना रही है।” उन्होंने आगे कहा, ‘पहली बार देश की आदिवासी समुदाय की बेटी भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंची है.

देश ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को अपना राष्ट्रपति बनाया है। 130 करोड़ से अधिक भारतीयों के लिए यह बहुत गर्व का क्षण है।” आजादी के 75 साल पूरे होने पर हर घर तिरंगा अभियान में 13 से 15 अगस्त तक देश भर के लोग अपने घरों पर तिरंगा फहरा कर देश के शहीदों को याद करें.

यूरिया के एक 50 किलो के बैग की कीमत सरकार को साढ़े तीन हजार रुपये पड़ती है, लेकिन सरकार इसे 300 रुपये में किसानों को देती है।

छोटे किसानों के हित पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “देश में 10,000 किसान उत्पादक संघ (एफपीओ) बनाने का काम जोरों पर चल रहा है। इन एफपीओ के माध्यम से छोटे किसान सीधे खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य से जुड़े निर्यात और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ सकेंगे।”

उन्होंने कहा कि “इससे गुजरात के किसानों को भी फायदा होने वाला है।”  2014 तक, देश में 400 मिलियन लीटर से कम इथेनॉल मिश्रित किया गया था। आज यह 400 करोड़ लीटर के करीब पहुंच रहा है। हमारी सरकार ने एक विशेष अभियान के माध्यम से पिछले 2 वर्षों में 3 करोड़ से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी दिए हैं।” 

पीएम मोदी 28-29 जुलाई को Gujarat और Tamil Nadu का करेंगे दौरा

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