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UPI पर MDR शुल्क अब 1 जनवरी से लागू होने के आसार, Paytm समेत पेमेंट कंपनियों के शेयर धड़ाम

| Updated: October 8, 2026 13:44

15 अक्टूबर के बजाय अब 1 जनवरी से लागू हो सकता है UPI पेमेंट पर नया चार्ज, फैसले की भनक लगते ही शेयर बाजार में Paytm और Mobikwik जैसे पेमेंट एग्रीगेटर्स के शेयर औंधे मुंह गिरे।

त्योहारी सीजन की शुरुआत में देश के लाखों व्यापारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की समयसीमा को 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 जनवरी करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अहम मुद्दे पर अगले कुछ ही दिनों में अंतिम फैसला आ सकता है। इसका उद्देश्य त्योहारी बिक्री के दौरान खुदरा विक्रेताओं को अतिरिक्त लेनदेन शुल्क के बोझ से बचाना है।

इस संभावित फैसले की भनक लगते ही शेयर बाजार में पेमेंट कंपनियों के शेयरों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। प्रमुख पेमेंट एग्रीगेटर Paytm के शेयरों में 10 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये के स्तर से नीचे खिसक गया।

बाजार खुलते ही महज कुछ मिनटों में Paytm का शेयर अपने लोअर सर्किट 1,558.80 रुपये पर आ गिरा। इस तेज गिरावट के कारण निवेशकों के लगभग 10,972 करोड़ रुपये डूब गए।

शेयरों में गिरावट का यह सिलसिला सिर्फ पेटीएम तक सीमित नहीं रहा। मोबिक्विक (Mobikwik) के शेयरों में 8 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट आई और यह लुढ़ककर 234.52 रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, पाइन लैब्स (Pine Labs) के शेयरों में भी 4 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई और इसका भाव 170.21 रुपये पर आ गया।

इस रोलआउट को टालने का विचार व्यापारियों और उद्योग संगठनों की ओर से उठाई गई चिंताओं के बाद आया है। कारोबारियों का तर्क था कि त्योहारी सीजन के ठीक बीच में MDR लागू करने से उनके व्यापार पर लेनदेन की लागत काफी बढ़ जाएगी।

आपको बता दें कि हाल ही में थोक और खुदरा व्यापारियों ने 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लगाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए ‘नो यूपीआई डे’ (No UPI Day) भी मनाया था।

पहले MDR को 15 अक्टूबर से लागू करने की योजना थी। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 2,000 रुपये से ऊपर के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाने की घोषणा की थी।

इसी मामले पर बुधवार को एनपीसीआई के नेतृत्व वाली यूपीआई और सेवा संचालन समिति (UPI and Service Steering Committee) की अहम बैठक हुई, जिसमें रोलआउट की टाइमिंग और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

सूत्रों के हवाले से यह भी साफ किया गया है कि 2,000 रुपये तक के लेनदेन पर छूट पहले की तरह ही जारी रहेगी, भले ही नियम लागू होने की तारीख आगे बढ़ जाए।

समिति अब 40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले व्यवसायों को भी एमडीआर शुल्क से छूट देने पर विचार कर रही है। यह दायरा पहले काफी सीमित था, जिसके तहत केवल उन व्यवसायों को छूट दी जानी थी जिनका मासिक टर्नओवर 1 लाख रुपये तक था। इस नए प्रस्ताव का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को शुल्क के बड़े हिस्से से मुक्त रखना है।

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