संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा शुक्रवार को घोषित किए गए सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों में गुजरात के कच्छ स्थित भचाऊ के रहने वाले दिशांत अमृतलाल निसार ने पूरे देश में 19वीं रैंक हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। सत्ताईस वर्षीय दिशांत शीर्ष 100 में जगह बनाने वाले गुजरात के इकलौते उम्मीदवार हैं। उनके साथ ही राज्य के कुल 34 युवाओं ने इस साल की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अखिल भारतीय सेवा के लिए चुने गए इन सभी 34 उम्मीदवारों ने अहमदाबाद स्थित सरकारी संस्थान, सरदार पटेल लोक प्रशासन संस्थान (SPIPA) से प्रशिक्षण प्राप्त किया था, जो राज्य के लिए अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिए सभी सफल उम्मीदवारों को बधाई दी। उन्होंने इस सफलता को राज्य के लिए बड़े गर्व का विषय बताया और युवाओं की कड़ी मेहनत व राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे उत्कृष्ट प्रशिक्षण और उत्साहजनक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की यह अहम उपलब्धि लाखों अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
दिशांत के शैक्षणिक सफर की बात करें तो उन्होंने साल 2019 में मुंबई के नगिनदास खंडवाला कॉलेज से जनसंचार और पत्रकारिता (Mass Communication and Journalism) में स्नातक किया है। वर्तमान में वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं। यूपीएससी में यह उनका चौथा प्रयास था। अपने पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाए थे, जबकि दूसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद वह अंतिम सूची में जगह बनाने से चूक गए थे।
पिछले महीने दिल्ली में हुए अपने यूपीएससी इंटरव्यू के बाद से वहीं रह रहे दिशांत ने एक फोन साक्षात्कार में बताया कि अपने पिछले प्रयास में उन्होंने भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (IRMA) की परीक्षा पास कर ली थी और सेवाएं भी जॉइन कर ली थीं। हालांकि, यूपीएससी की तैयारी को पूरा समय देने के लिए उन्होंने एक साल की छुट्टी ली थी।
मूल रूप से कच्छ जिले के भचाऊ के रहने वाले दिशांत का जन्म और प्रारंभिक पालन-पोषण मुंबई में हुआ है। उनका परिवार काफी समय पहले मुंबई चला गया था क्योंकि उनके पिता अमृतलाल एक क्षेत्रीय पत्रिका चलाते थे। उनके पिता एक लेखक भी हैं, जो गुजराती नाटकों का निर्माण करते हैं और मुंबई में कई कार्यक्रमों का संचालन करते हैं। उनकी माता हर्षा एक गृहिणी हैं और दिशांत अपने माता-पिता के इकलौते बेटे हैं। उनका परिवार पिछले छह वर्षों से गुजरात में ही रह रहा है।
यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए दिशांत का कहना है कि एक बार जब आप इस कठिन परीक्षा को पास करने का मन बना लेते हैं, तो अपनी ताकत और कमजोरियों को गहराई से पहचानना बेहद जरूरी हो जाता है। उनके अनुसार, इस एक लक्ष्य को हासिल करने के लिए उम्मीदवारों को दिन में कम से कम 8 से 10 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करनी चाहिए और सोशल मीडिया व अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
इस साल के शानदार प्रदर्शन पर स्पीपा (SPIPA) के महानिदेशक हरीत शुक्ला ने कहा कि संस्थान ने 34 उम्मीदवारों के सिविल सेवा परीक्षा पास करने के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुजरात से अब तक का यह सबसे बेहतरीन परिणाम है।
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2023-24 में गुजरात के कुल 27 उम्मीदवारों ने यूपीएससी पास किया था, जिसमें दो महिला उम्मीदवारों ने दूसरी (AIR 2) और चौथी (AIR 4) रैंक हासिल की थी। वहीं, 2022-23 में कुल 26 उम्मीदवारों का चयन हुआ था, जिसमें राज्य से सर्वोच्च रैंक तीसरी (AIR 3) थी।
यूपीएससी ने 23 मई, 2025 को आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम 11 जून, 2025 को घोषित किए थे। इसमें पूरे भारत से कुल 14,161 उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया था, जिनमें स्पीपा से प्रशिक्षित 272 उम्मीदवार शामिल थे। इसके बाद 11 नवंबर, 2025 को मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए, जिसमें देश भर से 2,376 उम्मीदवारों को व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू) के लिए चुना गया। इनमें स्पीपा के 82 उम्मीदवार थे।
दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक चले इंटरव्यू के आधार पर यूपीएससी द्वारा घोषित अंतिम परिणाम में पूरे भारत से 958 उम्मीदवारों को अखिल भारतीय सेवा के लिए चुना गया है, जिनमें स्पीपा में प्रशिक्षण लेने वाले 34 उम्मीदवार अपनी जगह पक्की करने में सफल रहे हैं।
गुजरात भर में स्पीपा के कुल सात केंद्र संचालित हैं और इस वर्ष यहां कुल 635 सीटें उपलब्ध हैं। यह संस्थान यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के उम्मीदवारों को मुफ्त प्रशिक्षण, अध्ययन सामग्री, पुस्तकालय, वाचनालय और इंटरनेट की सुविधा प्रदान करता है। इसके अलावा, राज्य सरकार उम्मीदवारों को प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह की वित्तीय सहायता भी देती है। प्रारंभिक परीक्षा के प्रशिक्षण के लिए मासिक मदद के साथ-साथ प्रीलिम्स और मेन्स पास करने वाले उम्मीदवारों को एकमुश्त तय आर्थिक सहायता भी दी जाती है।
अहमदाबाद स्थित स्पीपा के आंकड़ों के अनुसार, इस साल शीर्ष 500 की सूची में जगह बनाने वाले गुजरात के अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में विपुल करमनभाई चौधरी (रैंक 115), भावेश जागलान (रैंक 128), पंकज सोनी (रैंक 130), सौरभ शर्मा (रैंक 146), तुषार हिम्मतभाई मेंदापारा (रैंक 195), कीर्तन तुषार भट्ट (रैंक 262), अनिकेत कमलेशभाई पटेल (रैंक 266), जितेंद्र मोतीलाल प्रजापति (रैंक 287), सावनकुमार प्रवीणभाई सरवाडिया (रैंक 292), कोमल मावी (रैंक 314), राहुल (रैंक 379), श्रेया दिलीपकुमार प्रियदर्शी (रैंक 387) और किशनकुमार लखमणभाई राम (रैंक 474) शामिल हैं।
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